New Year 2024-25 #विश्व_कविता_दिवस तेरे मेरे संवादों में जैसे कविता झरती है । कड़वी तीखी बातों से घुट घुट के कविता मरती है । शब्द शिल्प और अर्थ भाव की कविता भी तो प्यासी है, कलह क्लेश के अपवादों से "गुंजन" कविता डरती है । ©Gunjan Agarwal #NewYear2024-25 #विश्व_कविता_दिवस #कविता #poem #muktak