मैं डटी रहूँ कर्तव्य पथ पर सदैव तुमने मेरी हर बलाओं को लिया मैं पाऊँ कामयाबी तुमने दुआओं में सदा मेरा नाम लिया दौर खुशियों का हो या गमों का थामने को तुमने सदैव हाथ दिया जब ठुकराया ज़माने ने मुझको मेरे साथिया मेरे दोस्त तुम ने मेरा साथ दिया तुम्हें लफ्जों में कैसे बयां कर दूं मेरे साथिया एक तुम ही हो जिसमें हर परिस्थिति में मेरा साथ दिया बचपन से जवानी तक के मेरे हर किस्सों में तुम्हारा नाम है वक्त चाहे बदले कितना भी भूलना नहीं तुम्हारी एक दोस्त 'अनाम' है