Nitesh Gupta

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"साहिलों की तलाश में भंवर में उलझे है"

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"तुम्हारे हर सवाल के जवाब में तुमको😍 लो लाजवाब लिखते है हम😍😍😘😘"

तुम्हारे हर सवाल के जवाब में तुमको😍
लो लाजवाब लिखते है हम😍😍😘😘

 

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"इश्क़ तेरा आज भी मेरी रगों में बहता है, लाखों की भीड़ में दिल अब तन्हा रहता है आंगन भरा पड़ा है उन सूखे पातों से, जो सींचे थे हमने नेह के नातों से सूखे पड़े आंगन में बहार बनकर आओ तुम, कही किसी मोड़ पड़ फिर से मिल जाओ तुम। "अधरों में ही रुकी रही जो बात तुम्हे बतानी थी, इश्क़ हमारा था वो जिसकी दुनिया दीवानी थी" 'विकल्प'"

इश्क़ तेरा आज भी मेरी रगों में बहता है,
लाखों की भीड़ में दिल अब तन्हा रहता है
आंगन भरा पड़ा है उन सूखे पातों से,
जो सींचे थे हमने नेह के नातों से
सूखे पड़े आंगन में बहार बनकर आओ तुम,
कही किसी मोड़ पड़ फिर से मिल जाओ तुम।

"अधरों में ही रुकी रही जो बात तुम्हे बतानी थी,
इश्क़ हमारा था वो जिसकी दुनिया दीवानी थी"

'विकल्प'

#vikalp
#Isq

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"फाल्गुन में जो जली थी अरमानों की होली, सावन की बारिश में भी वो ख्वाब सुलगते रहे। 'विकल्प'"

फाल्गुन में जो जली थी अरमानों की होली, 
सावन की बारिश में भी वो ख्वाब सुलगते रहे।

'विकल्प'

#khwahish
#adhurijindgi

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"उसने सोचा कि खरीद लूंगा ये मिट्टी के आशियाने बिसात क्या है इनकी, और हम संजीदगी से उसके महलों की कीमत अता कर आये। 'विकल्प'"

उसने सोचा कि खरीद लूंगा ये मिट्टी के आशियाने बिसात क्या है इनकी,
और हम संजीदगी से उसके महलों की कीमत अता कर आये।

'विकल्प'

#अमीरलोग

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"शहंशाह की खिदमत में यूं हाज़िर थे सब के सब, फिर किसके क्या गम और किसके क्या सबब 'विकल्प'"

शहंशाह की खिदमत में यूं हाज़िर थे सब के सब,
फिर किसके क्या गम और किसके क्या सबब

'विकल्प'

#मेहमाननवाजी

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