Dr. Rahul Karmakar

Dr. Rahul Karmakar Lives in Ranchi, Jharkhand, India

लफ़्ज़ों का ज़ादू !

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बात ये नही है के
मुझे बोलना नही आता या
मैं बोल नही सकता;
बात सिर्फ़ इतना है के
मुझे जिनके सामने बोलना था
वो मेरे अपने हैं।

घुटती हुई ज़िंदगी जी रहा हूँ
बस किसी रास्ते मौत कि तलाश है,
शुकुन कि नींद मिल जाये गर किसी मोड़ पर
तो कफ़न तले सो जाऊँ।
                           ―Dr.Rahul
©authoreye #NojotoQuote

#MAZBURI
बात ये नही है के
मुझे बोलना नही आता या
मैं बोल नही सकता;
बात सिर्फ़ इतना है के
मुझे जिनके सामने बोलना था
वो मेरे अपने हैं।

घुटती हुई ज़िंदगी जी रहा हूँ
बस किसी रास्ते मौत कि तलाश है,
शुकुन कि नींद मिल जाये गर किसी मोड़ पर
तो कफ़न तले सो जाऊँ।
―Dr.Rahul
©authoreye

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নবমীর সকালে সেজে গুজে মণ্ডপে উপস্থিত
কৌতূহলী হয়ে বন্ধুরা বলল কী ব্যাপার
আমি বললাম একটু দাঁড়া সব বুঝতে পারবি 
একটু পরেই মণ্ডপে অপরুপার আগমন হল 
হায় রে বিধাতা,
কি সৃষ্টিই না তুমি করেছ
পঙ্কজ তাতে আবার বিষধর রক্ষক 
অপরুপার সঙ্গে তার মা বাবা 
বন্ধুরা সব বুঝে গান ধরল 
"কাঁটা হেরি ক্ষান্ত কেন কমল তুলিতে 
দুঃখ বিনা সুখ লাভ হই কি মৌহিতে"
সত্যি কথা 
প্রতিমা দর্শন করে যখন প্রতিমা ফিরছিল 
আমি ডাকলাম, অপরূপা 
আহা, কি শীতল চাউনি
গ্রীষ্মের রোদ্দুরে যেন ঝর ঝর বৃষ্টি 
কিন্তু এই বর্ষা বেশিখন ধরল না 
অপরুপা পেছন ফিরেই বলল 
দাদা, কেমন আছো 
বন্ধুরা আবার গান ধরল 
"কি আশায় বাঁধি খেলা ঘর 
বেদনার বালুচরে...l" #NojotoQuote

bengali
নবমীর সকালে সেজে গুজে মণ্ডপে উপস্থিত
কৌতূহলী হয়ে বন্ধুরা বলল কী ব্যাপার
আমি বললাম একটু দাঁড়া সব বুঝতে পারবি
একটু পরেই মণ্ডপে অপরুপার আগমন হল
হায় রে বিধাতা,
কি সৃষ্টিই না তুমি করেছ
পঙ্কজ তাতে আবার বিষধর রক্ষক
অপরুপার সঙ্গে তার মা বাবা
বন্ধুরা সব বুঝে গান ধরল
"কাঁটা হেরি ক্ষান্ত কেন কমল তুলিতে
দুঃখ বিনা সুখ লাভ হই কি মৌহিতে"
সত্যি কথা
প্রতিমা দর্শন করে যখন প্রতিমা ফিরছিল
আমি ডাকলাম, অপরূপা
আহা, কি শীতল চাউনি
গ্রীষ্মের রোদ্দুরে যেন ঝর ঝর বৃষ্টি
কিন্তু এই বর্ষা বেশিখন ধরল না
অপরুপা পেছন ফিরেই বলল
দাদা, কেমন আছো
বন্ধুরা আবার গান ধরল
"কি আশায় বাঁধি খেলা ঘর
বেদনার বালুচরে...l"
©authoreye

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नींद
के थक गए हूँ
और सोना चाहता हूँ
नींद...
शुकुन वाली
गहराई वाली
खामोशियों वाली
जरा सोने दो मुझे
नींद...कब्र वाली
―Dr.Rahul
©authoreye

31 Love
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पुरानी यादें पुरानी बातें / बस याद आती है
वक़्त फिसलता जाता है रेत सा
सिर्फ तन्हाई हांत आती है... 

जैसे आसमान से तारे टूट कर धरती पर कहीं खो जाते हैं, तुम भी मुझ आसमान से टूटें और किसी और के धरती में कहीं खो गए। जो अब वापस नही आसकता ...

         ©authoreye #NojotoQuote

तारा
पुरानी यादें पुरानी बातें / बस याद आती है
वक़्त फिसलता जाता है रेत सा
सिर्फ तन्हाई हांत आती है...

◆जैसे आसमान से तारे टूट कर धरती पर कहीं खो जाते हैं, तुम भी मुझ आसमान से टूटें और किसी और के धरती में कहीं खो गए। जो अब वापस नही आसकता ...

29 Love
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अब तो राते कैसे काटेंगी 
कोई ये तो बताई,
सूनी बाहें सूना बिस्तर
सुना आसमां का चांद,
सूना कर गया दिल का आसन
सूना घर संगसार;
किस को कहूँ मैं 
ए सखी शुन
बिरहा सही ए ना जाईं।
अब तो राते ऐसे ही काटेंगी...
©authoreye  #NojotoQuote

अब तो राते ऐसे ही काटेंगी...
©authoreye
अब तो राते कैसे काटेंगी
कोई ये तो बताई,
सूनी बाहें सूना बिस्तर
सुना आसमां का चांद,
सूना कर गया दिल का आसन
सूना घर संगसार;
किस को कहूँ मैं
ए सखी शुन
बिरहा सही ए ना जाईं।
अब तो राते ऐसे ही काटेंगी...
©authoreye

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