Sabir Khan

Sabir Khan Lives in Kareli, Madhya Pradesh, India

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"रिश्ते ऊबड़-खाबड़ रास्तों की तरह होते हैं, जिस पर ठोकरें बचाकर चलना होता है।"

रिश्ते ऊबड़-खाबड़ रास्तों की तरह होते हैं, 

जिस पर ठोकरें बचाकर चलना होता है।

रिश्ते

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"नशा में नाश छिपा है, अब वह थोड़ा हो या ज्यादा... होगा नाश ही।"

नशा में नाश छिपा है, 

अब वह थोड़ा हो या ज्यादा...

होगा नाश ही।

नशा

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"बुराई तो जल रही है सिर्फ नजर भर मैदानों में,,,, दिलों में जिंदा रावण हॅस रहा है हमारे कारनामों पे। 🙏विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनायें🙏"

बुराई तो जल रही है

सिर्फ नजर भर मैदानों में,,,, 

दिलों में जिंदा रावण हॅस रहा है

हमारे कारनामों पे।

🙏विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनायें🙏

विजयादशमी

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"जब सभी घड़ी के काॅटों को देखकर समझ जाते हैं कि समय किसी के लिए नहीं रुकता। तो फिर लोग इंतज़ार किस चीज़ का करते हैं और क्यों करते हैं? आगे बढ़ो।"

जब सभी घड़ी के काॅटों को देखकर समझ जाते हैं कि समय किसी के लिए नहीं रुकता। तो फिर लोग इंतज़ार किस चीज़ का करते हैं और क्यों करते हैं?
आगे बढ़ो।

आगे बढ़ो

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"गलतियों पर मुँह छिपाने से कुछ नहीं मिलता बल्कि गलती सुधारने का मौका हाथ से निकल जाता है।"

गलतियों पर मुँह छिपाने से कुछ
 नहीं मिलता बल्कि गलती सुधारने
 का मौका हाथ से निकल जाता है।

गलती

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