B.K.Gupta Hind

B.K.Gupta Hind Lives in Lavkush Nagar, Madhya Pradesh, India

Poet & Gazal

  • Popular
  • Latest
  • Video

gazal

55 Love
1.6K Views

""

"तूझे सुब्हा लिखूंगा मैं तुझे मैं शाम लिख दूँगा | मुहब्बत में तूझे मैं प्यार का पैगाम लिख दूँगा || मिटा सकता नहीं कोई लिखा जो नाम दिल पे है | कहो तो जिंदगी अपनी तुम्हारे नाम लिख दूँगा || मुझे मदहोश करती है तुम्हारी झील सी आँखे | तुम्हारी मद भरी आँखे इन्हे मैं जाम लिख दूँगा || हो तुम्ही हो चाँद पूनम का तुम्ही से रात है रोशन | करूँ तारीफ़ क्या तेरी तूझे गुलफाम लिख दूँगा || करो तुम "हिन्द" से वादा वफ़ा के साथ जीने का | बची जो जिंदगी मेरी वफ़ा के नाम लिख दूँगा || बी.के.गुप्ता"हिन्द" मोब-9755933943"

तूझे सुब्हा लिखूंगा मैं तुझे मैं शाम लिख दूँगा |
मुहब्बत में तूझे मैं प्यार का पैगाम लिख दूँगा ||

मिटा सकता नहीं कोई लिखा जो नाम दिल पे है |
कहो तो जिंदगी अपनी तुम्हारे  नाम लिख दूँगा ||

मुझे मदहोश करती है तुम्हारी झील सी आँखे |
तुम्हारी मद भरी आँखे इन्हे मैं जाम लिख दूँगा || हो 

तुम्ही हो चाँद पूनम का तुम्ही से रात है रोशन |
करूँ तारीफ़ क्या तेरी तूझे गुलफाम लिख दूँगा ||

करो तुम "हिन्द" से वादा वफ़ा के साथ जीने का |
बची जो जिंदगी मेरी वफ़ा के नाम लिख दूँगा ||

बी.के.गुप्ता"हिन्द"
मोब-9755933943

#Happy_Propose_day @Beeru shriwas

45 Love
2 Share

अपने हिंदी भूल गए हम अंग्रेजी की शान में

43 Love
393 Views

गजल प्यार का गीत कोई सुना कीजिए

37 Love
668 Views
2 Share

""

"वफादार बन गए हम वफ़ा की तलाश में | जहर भी मिला नकली दवा की तलाश में || जिए जा रहे है आज भी इन्तजार में | कभी घर से वो निकले हवा की तलाश में || ज़माने ने भी हमको गुनहगार कह दिया | निकल घर से जब आये सजा की तलाश में || समां प्यार की जलती अगर रोज शाम को | भटकता न परवाना समां की तलाश में || सजा प्यार की महफ़िल अगर प्यार है तुझे | चला "हिन्द" भी आया पता की तलाश में || बी.के.गुप्ता"हिन्द""

वफादार बन गए हम वफ़ा की तलाश में |
जहर भी मिला नकली दवा की तलाश में ||

जिए जा रहे है आज भी इन्तजार में |
कभी घर से वो निकले हवा की तलाश में ||

ज़माने ने भी हमको गुनहगार कह दिया |
निकल घर से जब आये सजा की तलाश में ||

समां प्यार की जलती अगर रोज शाम को |
भटकता न परवाना समां की तलाश में ||

सजा प्यार की महफ़िल अगर प्यार है तुझे |
चला "हिन्द" भी आया पता की तलाश में || 
बी.के.गुप्ता"हिन्द"

 

36 Love
1 Share