Rahisha Khan

Rahisha Khan Lives in Delhi, Delhi, India

me to bus jajbato ko lafzo ka roop deti hu...

  • Popular Stories
  • Latest Stories

"बचपन और पहली साइकिल हाँ मुझे याद हैं वो पहली साइकिल की सवारी जब भाई के साथ बैठी थी बड़ा अजीब सा था वो पल एक तरफ साइकिल पर बैठने की ख़ुशी और दूसरी तरफ पहली बार साइकिल पर बैठेने का डर फिर भाई ने भी बड़ी ध्यान से चलाई साइकिल और गली के चक्कर लगाए एक नहीं काफी सारे पहली साइकिल की सवारी के खुब मजे लिए कुछ ऐसी थी मेरे बचपन की पहली साइकिल की सवारी"

बचपन और पहली साइकिल हाँ मुझे याद हैं 
वो पहली साइकिल की सवारी 
जब भाई के साथ बैठी थी 
बड़ा अजीब सा था वो पल 
एक तरफ साइकिल पर बैठने की ख़ुशी और 
दूसरी तरफ पहली बार साइकिल पर बैठेने का डर
फिर भाई ने भी बड़ी ध्यान से चलाई साइकिल 
और गली के चक्कर लगाए एक नहीं काफी सारे 
पहली साइकिल की सवारी के खुब मजे लिए 
कुछ ऐसी थी 
मेरे बचपन की पहली साइकिल की सवारी

साईकिल की सवारी...।

59 Love
2 Share

"कोई आप पर विश्वास करता है तो उसका विश्वास तोडकर उसे एहसास मत करवाओ कि वह अंधा है"

कोई आप पर विश्वास करता है 
तो उसका विश्वास तोडकर
उसे एहसास मत करवाओ 
कि वह अंधा है

विश्वास....।।

48 Love
2 Share

"Ager fitrat hamari "sahne ki" na hoti toh himmat tumhari "kehne ki" na hoti"

Ager fitrat hamari
"sahne ki" na hoti
toh himmat tumhari 
"kehne ki" na hoti

 

43 Love
1 Share

"hame mithi-mithi baato ka jaal bunna nahi ahta, hm to bus dil ki baat sidhe-sidhe kehte h... #NojotoQuote"

hame mithi-mithi baato ka jaal bunna nahi ahta,
hm to bus dil ki baat sidhe-sidhe kehte h...  #NojotoQuote

dil ki baat...

43 Love

"अजीब सी उलझन में हुँ जिसे कभी पा ना सकी, फिर उसे खोने का डर क्यों ...?"

अजीब सी उलझन में हुँ
जिसे कभी पा ना सकी, 
      फिर उसे खोने का डर क्यों ...?

उलझन....।।

37 Love
1 Share