vivek Kumar srivastava

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"न उम्र की बंदिशे थी,न हुस्न पे पाबंदी । सब लोग इकट्ठे थे,थी रोजगार की वो मण्डी ।। सब किलो पसेरी मे बिकते ,पर बाजार मे थी मंदी।। सब लोग इकट्ठे थे,थी रोजगार की वो मण्डी ।। ✍✍✍"

न उम्र की बंदिशे थी,न हुस्न पे पाबंदी ।
सब लोग इकट्ठे थे,थी रोजगार की वो मण्डी ।।
सब किलो पसेरी मे बिकते ,पर बाजार मे थी मंदी।।
सब लोग इकट्ठे थे,थी रोजगार की वो मण्डी ।।
✍✍✍

#nojoto#ssc_CHSL_T_2

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"तुझे नुकसान ना पहुंचा पाए लकड़हारे। दरख़्त(पेड़) सख्त है इसलिए मेरे प्यारे।। Happy father's day"

तुझे नुकसान ना पहुंचा पाए लकड़हारे। 
दरख़्त(पेड़) सख्त है इसलिए मेरे प्यारे।।
Happy father's day

 

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"रावण मजह एक व्यक्ति नहीं था, वो तो ओछी सोच है। सतयुग मे जो केवल उसमे था; अब कलयुग मे चारो ओर है।। रावण जलता है एक दिवस पर पैदा होता रोज है, क्योंकि पुतले का धुआं रहता चारो ओर है।। इसीलिए रावण के पुतले को जलाने से बेहतर है अपनी ओछी सोच को जलाये । दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएँ"

रावण मजह एक व्यक्ति नहीं था,
वो तो ओछी सोच है।
सतयुग मे जो केवल उसमे था;
अब कलयुग मे चारो ओर है।।
रावण जलता है एक दिवस पर पैदा होता रोज है,
क्योंकि पुतले का धुआं रहता चारो ओर है।।

इसीलिए रावण के पुतले को जलाने से बेहतर है अपनी ओछी सोच को जलाये ।
दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएँ

#दशहरा#nojoto

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#nojoto#गरीबी

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"खुदा जाने मोहब्बत मे ये जायज है या नाजायज; कि उनसे रूठ करके हम उन्हें ही याद करते है।। ✍✍✍"

खुदा जाने मोहब्बत मे ये जायज है या नाजायज;
कि उनसे रूठ करके हम उन्हें ही याद करते है।।
✍✍✍

#nojoto#Love

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