Rajeshkumarpal

Rajeshkumarpal

अपना तो एक ही कहना है गुण मिले तो गुरु बनाओ चित मिले तो चेला मन मिले तो मित्र बनाओ वरना रहो अकेला मेरा नाम राजेश कुमार पाल है मैं अपने नोजोटो पेज पर अपने सभी दोस्तों का स्वागत एवं अभिनंदन करता हूं और मैं उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले से हूं आप सब से मेरा निवेदन है कि जो भी मेरी रचना एवं कहानी मैं लिखता हूं उसमें कोई भी मैं कॉपीराइट नहीं करता हूं जो मेरे मन में विचार आता है मै उसी को केवल लिखता हूं और ये सब मेरे पास सुरक्षित है इसलिए आप सबसे मेरी विनती है की मेरी रचना एवं कहानी को कॉपीराइट ना करें और ना ही इसमें कोई छेड़ छाड़ करें मै आप सबको धन्यवाद एवं आभार प्रकट करता हूं मेरे नोजोटो पेज :-https://nojoto.page.link/VxQZ को फॉलो करें मेरा यूट्यूब चैनल :-(बाबा जी कुढ़नी दरबार) https://youtu.be/SAZUSzKOfGE मो:-8871539344 जी:-Rajeshkumarpalpal5@gmail.com धर्म एवं सत्य की जय हो 🙏🙏🙏🙏🙏

https://youtu.be/SAZUSzKOfGE/https://nojoto.page.link/VxQZ

  • Latest
  • Popular
  • Video

सुविचार दर्जी के पास कैची और सुई दोनों एक साथ रहते हैं और कैची देखने में बड़ी होती है सुई देखने में बहुत छोटी होती है परंतु उनके कार्य अलग-अलग है कैंची हमेशा कपड़े को काटकर अलग कर देती है और सुई उसी कपड़े को जोड़ कर एक कर देती है इसलिए व्यक्ति को हमेशा सुई बनकर रहना चाहिए बल्कि कैंची बनकर नही ©Rajeshkumarpal

#विचार #alone  सुविचार

दर्जी के पास कैची और सुई दोनों
 एक साथ रहते हैं
और कैची देखने में बड़ी होती है
सुई देखने में बहुत छोटी होती है
परंतु उनके कार्य अलग-अलग है
कैंची हमेशा कपड़े को काटकर अलग कर देती है
और सुई उसी  कपड़े को जोड़ कर एक कर देती है
इसलिए व्यक्ति को हमेशा सुई बनकर रहना चाहिए
बल्कि कैंची बनकर  नही

©Rajeshkumarpal

सुविचार #alone

10 Love

#समाज

राम चरण चित लाई हो की भजो राधे गोविंदा

10 View

#समाज

ले लो ले लो राजकुमार की फूल फुलवारी से ले लो

0 View

#समाज

भज ले राधेश्याम यह जीवन है बहुत अनमोल

0 View

#समाज

भक्ति भजन

30 View

कोयल अपनी भाषा बोलती है इसलिये आज़ाद रहती हैं किंतु तोता दूसरे कि भाषा बोलता है इसलिए पिंजरे में जीवन भर दुसरो का गुलाम रहता है अपनी भाषा अपने विचारऔर अपने आप'पर विश्वास करें ©Rajeshkumarpal

#togetherforever #विचार  कोयल अपनी भाषा बोलती है
        इसलिये  आज़ाद रहती हैं
  किंतु  तोता दूसरे 
कि भाषा बोलता है
      इसलिए पिंजरे में जीवन भर
   दुसरो का गुलाम रहता  है 
अपनी भाषा
        अपने विचारऔर
               अपने आप'पर विश्वास करें

©Rajeshkumarpal
Trending Topic