Jassi Saab

Jassi Saab Lives in Gurdaspur, Punjab, India

Sad shayari daily update..✍️ 💞💞💞💞💞💞💞💞💞

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"हमारी आंखों के पीछे उसी ने किसी और को भी अपने होठों की बर्फाी बांट दी हम तो खुद से भी जायदा तुम पर यकीन रखते थे क्या पता था तुम्हारी बेवफाई की डोर इतनी पक्की है तुमने तो जस्सी की भी इश्क़ पंतंग काट दी writter Jassi saab"

हमारी आंखों के पीछे उसी ने किसी और को भी अपने होठों की बर्फाी बांट दी

हम तो खुद से भी जायदा तुम पर यकीन रखते थे
क्या पता था तुम्हारी बेवफाई की डोर इतनी पक्की है

तुमने तो जस्सी की भी इश्क़ पंतंग काट दी





                                             


 writter Jassi saab

#Flower

50 Love

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"Lockdown se usse ehsaas aaj ye hua hoga ke usse dil se bhar nicklana kitna muskil hai mere liye 💔 - Jassi saab"

Lockdown se usse ehsaas aaj ye hua hoga
ke usse dil se bhar nicklana kitna muskil hai mere liye

                                              💔 - Jassi saab

#Lockdown_2

45 Love

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"जो दिया था मोहोबत में तुम ने रुमाल मुझे एक दिन ऐसा आएगा क्या पता था तुझे बेवफाई तुम कर जाओ गई आंखों में अंशु भर जाओ गई बर्बाद कर जाओ गए जस्सी को कोई और दिल को रास आए गई साफ करते रहना अंशु रुमाल से जब मेरी याद सताए गई -Jassi saab"

जो दिया था मोहोबत में तुम ने रुमाल मुझे 
एक दिन ऐसा आएगा क्या पता था तुझे

बेवफाई तुम कर जाओ गई
आंखों में अंशु भर जाओ गई

बर्बाद कर जाओ गए जस्सी को कोई और दिल को रास आए गई
साफ करते रहना अंशु रुमाल से जब मेरी याद सताए गई
             
                                     -Jassi saab

#Hum_Tum#Dard,,💔💔💔💔

42 Love

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"हमारी आंखों के पीछे उसी ने किसी और को भी अपने होठों की बर्फाी बांट दी हम तो खुद से भी जायदा तुम पर यकीन रखते थे क्या पता था तुम्हारी बेवफाई की डोर इतनी पक्की थी तुमने तो जस्सी की भी इश्क़ पंतंग काट दी जस्सी साब"

हमारी आंखों के पीछे उसी ने किसी और को भी अपने होठों की बर्फाी बांट दी

हम तो खुद से भी जायदा तुम पर यकीन रखते थे
क्या पता था तुम्हारी बेवफाई की डोर इतनी पक्की थी

तुमने तो जस्सी की भी इश्क़ पंतंग काट दी

                                                     जस्सी साब

#Child

41 Love

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"गुलाबों के बीच भी ढूंढती है तुझे नजर मेरी और क्या लिख दू तारीफ में तेरी लिखते लिखते जस्सी सुबह से शाम कर दे तेरे जैसा ना कोई और दुनियां में बस यही लिख कर किसा तमाम कर दे ☞Jassi saab✍️"

गुलाबों के बीच भी ढूंढती है तुझे नजर मेरी
और क्या लिख दू तारीफ में तेरी

लिखते लिखते जस्सी सुबह से शाम कर दे

तेरे जैसा ना कोई और दुनियां में 
बस यही लिख कर किसा तमाम कर दे

☞Jassi saab✍️

#HAPPY_ROSE_DAY

40 Love