divya singh

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"पहला नशा पहला नाशा बचपन में चांद को करीब से देखने का,, नशा बढ़ता ही गया उम्र के साथ और हम अपने चांद को ढूंढने लगे उनके मशुम चेहरे में हमें क्या पता था, ये नशा कैसा हैं , जिसके सिर्फ दूर से दीदार करने से ही, दिल की धड़कने बढ़ने लगती थी, अब तो सिर्फ एक ही चाहत है,,।। उनके साथ उम्र भर साथ चलने की ।"

पहला नशा पहला नाशा
बचपन में चांद को करीब
से देखने का,,
नशा बढ़ता ही गया
उम्र के साथ
और हम अपने चांद को
ढूंढने लगे उनके मशुम चेहरे में
हमें क्या पता था,
ये नशा 
कैसा हैं , जिसके सिर्फ दूर से

 दीदार करने से ही,
दिल की धड़कने बढ़ने लगती थी,
अब तो  सिर्फ एक ही चाहत है,,।।
उनके साथ उम्र भर
साथ चलने की ।

पहला नशा

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"मेरे नसीब में माना ज़िन्दगी के खेल में कच्चे खिलाड़ी थे हम,, जो किस्मत और भाग्य के पुजारी थे हम जो रूठी हुई किस्मत को मानने और भाग्य को जगाने चले थे हम।। 📝कलम हमारे हाथ में थी हौसला हमारे बुलंद थे जोश हमारे मन में था।। सफल ना हुए ज़िन्दगी के इस सफ़र में,😣 तो सब छोड़ उस रब के हवाले गुमनाम मुसाफिर बन खुद को तराशने निकल पड़े।"

मेरे नसीब में माना ज़िन्दगी के खेल में
कच्चे खिलाड़ी थे हम,,

जो किस्मत और भाग्य के पुजारी थे हम
जो रूठी हुई किस्मत को मानने और
भाग्य को जगाने चले
 थे हम।।
📝कलम हमारे हाथ में थी
हौसला हमारे बुलंद थे
जोश हमारे मन में था।।
सफल ना हुए ज़िन्दगी के
इस सफ़र में,😣 तो
सब छोड़ उस रब के हवाले
गुमनाम मुसाफिर बन खुद को
तराशने निकल पड़े।

नसीब _नसीब का खेल होता है
अंजान राहों में कोई अपना लगने लगे
तो यही किस्मत का खेल होता है।

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"ज़िंदगी की शाम ज़िन्दगी की हर शाम तेरे संग गुजारू सुबह की किरण बन तेरे ज़िन्दगी में आ जाऊं,, ख़ामोश हो जाए ये राते तो तुझसे लिपट कर तुझमें ही खो जाऊ।। अपनी ज़िन्दगी की हर शाम तेरे नाम कर जाऊ। अब नहीं होता सबर तेरे बिन एक भी शाम यूं अकेले गुजारू।"

ज़िंदगी की शाम ज़िन्दगी की हर शाम
तेरे संग गुजारू
सुबह की किरण बन
तेरे ज़िन्दगी में आ जाऊं,,
ख़ामोश हो जाए 
ये राते तो तुझसे लिपट कर
तुझमें ही खो जाऊ।।
अपनी
 ज़िन्दगी की हर शाम तेरे
नाम कर जाऊ।
अब नहीं होता सबर
तेरे बिन एक भी शाम
यूं अकेले गुजारू।

#Zindagi

59 Love

"**अधूरे सपने** ज़िन्दगी के कुछ सपने अधूरे से रह गए कुछ कर गुजरने की चाह में हम खुद अधूरे से रह गए।। जाना तो चाहते थे, हम अपनी मंजिल तक पर कभी तकदीर ने साथ छोड़ दिया तो कभी अपनों ने मुंह मोड़ लिया।। सिमट के रह गए मेरे,,,,,,,,,, जज़्बात मायूस से हो गए मेरे,,,,,,,, ख्वाब रूठ से गए मेरे वो,,,,,, एहसास ठहर सी गई ज़िन्दगी,,,,, हमारी बिखर गए अपने और रह गए मेरे अधूरे सपने।। कभी_कभी तकदीर भी इम्तेहान लेती हैं तभी तो अधूरे सपनों की उड़ान होती है।"

**अधूरे सपने**
ज़िन्दगी के कुछ सपने अधूरे से रह गए
कुछ कर गुजरने की चाह में
हम खुद अधूरे से रह गए।।
जाना तो चाहते थे, हम अपनी मंजिल तक
पर कभी तकदीर ने साथ छोड़ दिया
तो कभी अपनों ने मुंह मोड़ लिया।।

सिमट के रह गए मेरे,,,,,,,,,, जज़्बात
      मायूस से हो गए मेरे,,,,,,,, ख्वाब
रूठ से गए मेरे वो,,,,,, एहसास
ठहर सी गई ज़िन्दगी,,,,, हमारी
बिखर गए अपने और रह गए मेरे अधूरे सपने।।
कभी_कभी तकदीर भी इम्तेहान लेती हैं
तभी तो अधूरे सपनों की उड़ान होती है।

अधूरे सपने 😢

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"मोहब्बत है क्या चीज़ मोहब्बत की दास्तान तो सदियों से चली आ रही है, , जैसे राधा को कृष्ण से राम को सीता से और शाहजहां को मुमताज से।। मोहब्बत तो इन बेजुबान पक्छियो और जानवरों को भी है इस जहां में, फिर हम कैसे बच सकते है इस प्रेम के भ्रम जाल से। मोहब्बत क्या चीज है अब हम ना समझे तो धिक्कार है ऐसे जीवन जीने का जिसमे प्रेम ना हों। ,"

मोहब्बत है क्या चीज़ मोहब्बत की दास्तान तो सदियों
से चली आ रही है, ,
जैसे राधा को कृष्ण से
राम को सीता से
और शाहजहां को मुमताज से।।
मोहब्बत तो इन बेजुबान पक्छियो
और जानवरों को भी है
इस जहां में,
फिर हम कैसे बच
सकते है इस प्रेम के भ्रम जाल
से। मोहब्बत क्या चीज है
अब हम ना समझे
तो धिक्कार है ऐसे
जीवन जीने का जिसमे
प्रेम ना हों।
,

#Love ♥️♥️♥️♥️

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