Mukesh Patel

Mukesh Patel Lives in Raigarh, Chhattisgarh, India

"रसों और छन्दों" का मुझे ज्ञान नहीं एक ऐसी अधूरी पहचान हूं मैं "नज़्मों और शायरों" की एक छोटी सी टुकड़ी कहीं "मीरा" तो कहीं "सूर" की प्यारी सी मुस्कान हूं मैं "लफ़्ज़ों का कारीगर हूं" कहीं "गीता" तो कहीं "क़ुरान" हूं मैं नफ़रत ना करना मुझसे मेरी उर्दू पढकर "हिंद का हिंदुस्तान हूं मैं" दिल में उठे अरमानों को श्याह बनाकर कागज पर उकेर देता हूं एक ऐसा नादान हूं मैं

  • Popular Stories
  • Latest Stories

"तू इस गलतफहमी में मत रह,कि तेरी मदहोश आंखे शराब छलकतीं हैं हमें तो इनकी कातिल अदाओं से मोहब्बत है ।।"

तू इस गलतफहमी में मत रह,कि तेरी मदहोश आंखे
शराब छलकतीं हैं
हमें तो इनकी कातिल अदाओं से मोहब्बत है ।।

Anjali Goswami Reena Kumar" Navika" Jonny $Mahi..🙂 @Jay Sean Gill

119 Love

"चंद लाइने महफूज कर ली हमने आपके दीदार का निगाहें नब्ज पढ़ती हैं दिल के अखबार का"

चंद लाइने महफूज कर ली हमने
आपके दीदार का
निगाहें नब्ज पढ़ती हैं दिल के अखबार का

हक़ीक़त @Deepika Dubey @Kalyani Shukla @Madhu Kaur @Lakshmi Srivastav @Ruma Gupta

116 Love
1 Share

"क्या करें मुफलिसी ने हाँथ फैलाने पर मजबूर कर डाला वर्ना हम वो हैं जनाब जो अक्स देखकर सक्स का किरदार पहचान लेते हैं"

क्या करें मुफलिसी ने हाँथ फैलाने पर मजबूर कर डाला
वर्ना हम वो हैं जनाब जो अक्स देखकर सक्स का किरदार पहचान लेते हैं

हक़ीक़त rishi chaman.anytime Ram Kumar anurag ILara

111 Love

"स्त्री शक्ति का परिचय देकर जब उस नारी ने अपना सिंदूर गवाया था ।। तब दशों दिशाएं बिलख उठी थी और उस माँ ने अपनी ममता का बलि चढ़ाया था ।। हे मातृभूमि उस वक्त कांप गया होगा तेरा भी सीना जब उस वीर सपूत ने अपने लहू से तेरे माथे पर तिलक लगाया होगा ।। ढाढस के स्वर गूंज रहे थे उस पिता के मुख में और तिरंगे ने भी जिसकी शान की खातिर अपना कफन ओढ़ाया होगा ।। जिस देश का बच्चा - बच्चा रोया था कैसे ना उसके दुख के गम में मेरी कलम ने भी अपना सर झुकाया होगा ।। "फतेह मिली तो जीत का परचम लाहराउंगा और दुश्मनों के लहू से सजी सिरों की एक मुंड माला तुझे चढ़ाऊंगा।।""

स्त्री शक्ति का परिचय देकर
जब उस नारी ने अपना सिंदूर गवाया था ।।

तब दशों दिशाएं बिलख उठी थी
और उस माँ ने अपनी ममता का बलि चढ़ाया था ।।

हे मातृभूमि उस वक्त कांप गया होगा तेरा भी सीना
जब उस वीर सपूत ने
अपने लहू से तेरे माथे पर तिलक लगाया होगा ।।

ढाढस के स्वर गूंज रहे थे उस पिता के मुख में 
और तिरंगे ने भी जिसकी शान की खातिर
अपना कफन ओढ़ाया होगा ।।

जिस देश का बच्चा - बच्चा रोया था
कैसे ना उसके दुख के गम में
मेरी कलम ने भी अपना सर झुकाया होगा ।।

"फतेह मिली तो जीत का परचम लाहराउंगा
और दुश्मनों के लहू से सजी
सिरों की एक मुंड माला तुझे चढ़ाऊंगा।।"

Azmat Ansari अरुणशुक्ल अर्जुन Kayyum rja 7690811321 (YouTuber) रोहित तिवारी । Anjali Goswami @Rishu singh @Shashank Prashar @✍️विनोद उमरतकर LoVe YoU # @Ajay Singh

110 Love
1 Share

"माँ तेरी ममता की ढाल अब कमजोर पड़ रही है बलि चढ़ रही तेरे गर्भ की, मासूम अब दुनियां में आने से पहले ही सांसे छोड़ रही है ।।"

माँ तेरी ममता की ढाल अब कमजोर पड़ रही है
बलि चढ़ रही तेरे गर्भ की,
मासूम अब दुनियां में आने से पहले ही सांसे छोड़ रही है ।।

@Anjali Goswami @Reena Kumar" Navika" @Richa Khare @Jonny @$Mahi..🙂

105 Love