Dr Garima tyagi

Dr Garima tyagi Lives in Delhi, Delhi, India

https://youtu.be/7E8M9ABLRdY my you tube channel link Dr Garima Tyagi tyagidrgarima2 insta id https://www.yourquote.in/akssrsh-hindii-saahity-dg-b5wle/quotes

  • Popular
  • Latest
  • Repost
  • Video

""

"किसी को हद से ज्यादा चाहना भी सजा है खुद के लिए, लोग अक्सर धोखा दे देते हैं प्यार में। जिदंगी जिसे बना लेते हैं वो अपनी, पलभर में उस रिश्ते को रौंदकर चले जाते वे।"

किसी को हद से ज्यादा चाहना भी सजा है खुद के लिए,
लोग अक्सर धोखा दे देते हैं प्यार में।
जिदंगी जिसे बना लेते हैं वो अपनी,      पलभर में उस रिश्ते को रौंदकर चले जाते वे।

प्यार में सच्चाई,निश्छलता और विश्वास होना ही प्यार को पवित्र बनाता है। हमारे रिश्ते किसी के लिये भी हो माता-पिता,भाई -बहिन,दोस्त लेकिन उनमें प्यार और सच्चाई होनी चाहिये तभी ठहरते हैं जीवन में।

164 Love
2 Share

""

"ईद मुबारक़...."

ईद मुबारक़....

#ईदमुबारक़........

164 Love

""

"खुद की खुद से पहचान की जद्दोजहद में, बीत जाता है हर दिन मेरा | रिश्तों को खुश करने की चाहत में नज़र आता है, हर रोज खुद का नया चेहरा | बात ज़ब हो अपनों का दामन खुशियों से भरने की, मैं भूल जाता हूँ खुद ही सब कुछ बस यूँही अपना सारा | यही मैं हूँ बस यही पहचान है मेरी, सदके में प्रभु के झुक जाता है सर मेरा | ✍️✍️✍️डॉ गरिमा त्यागी"

खुद  की  खुद  से  पहचान  की  जद्दोजहद  में, 
बीत जाता है हर दिन मेरा | 
रिश्तों को खुश करने की चाहत में नज़र आता है,
हर रोज खुद का नया चेहरा |
बात ज़ब हो अपनों का दामन खुशियों से भरने की, 
मैं भूल जाता हूँ खुद ही सब  कुछ बस यूँही अपना सारा  |
यही   मैं   हूँ   बस   यही   पहचान   है  मेरी, 
सदके में प्रभु के झुक जाता है सर मेरा |

✍️✍️✍️डॉ गरिमा त्यागी

#SunOfHope

163 Love
8 Share

""

"रौनकें बस्तियों में लौटेंगी एक दिन फिर से, मेहनतों का असर यूँ जाया ना होगा | विनती प्रभु से हम मिलकर करें सब, प्रभु की दया का असर सब पर होगा | ✍️✍️✍️डॉ गरिमा त्यागी"

रौनकें बस्तियों में लौटेंगी एक दिन फिर से, 
मेहनतों   का   असर   यूँ   जाया   ना   होगा |
विनती प्रभु से हम मिलकर करें सब, 
प्रभु   की   दया   का   असर   सब   पर   होगा |

✍️✍️✍️डॉ गरिमा त्यागी

#City

158 Love
5 Share

""

"खुद को अपनों की खातिर तराशा हर दिन नया हमने, ख्वाइशें कब ज़रूरतों में तब्दील हुईं पता ही ना चला | लम्बा तो था दौर-ए-सफऱ मगर कब अपनी ज़िन्दगी को भी भुला बैठे पता ना चला| ✍️✍️✍️डॉ गरिमा त्यागी"

खुद को अपनों की खातिर तराशा हर दिन नया हमने, 
ख्वाइशें कब ज़रूरतों में तब्दील हुईं पता ही ना चला |
लम्बा तो था दौर-ए-सफऱ मगर 
कब अपनी ज़िन्दगी को भी भुला बैठे पता ना चला|

✍️✍️✍️डॉ गरिमा त्यागी

#World_Water_Day

154 Love
1 Share