Aditya Kumar Bharti

Aditya Kumar Bharti Lives in Bilaspur, Chhattisgarh, India

कविता की पाठशाला का नवोदित कलमकार विद्यार्थी

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"अजीब अक्ल के इंसान हो मियां, मशवरा दे रहे हो ,दुआ दे रहे हो। ये दौर है दवा का तुम अभी वाकिफ नहीं इसलिए तुम इस मर्ज को हवा दे रहे हो।। ©Aditya Kumar Bharti"

अजीब अक्ल के इंसान हो मियां, मशवरा दे रहे हो ,दुआ दे रहे हो।
ये दौर है दवा का तुम अभी वाकिफ नहीं इसलिए तुम इस मर्ज को हवा दे रहे हो।।

©Aditya Kumar Bharti

#दुआ और दवा

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"क्या लिखूँ जीवन की रक्षा का गूढ़ रहस्य छिपा है गृहकक्ष विश्राम में। अन्यथा चिता का अंतिम कर्म निश्चित है मात्र मुक्तिधाम में।। ©Aditya Kumar Bharti"

क्या लिखूँ जीवन की रक्षा का गूढ़ रहस्य छिपा है गृहकक्ष विश्राम में।
अन्यथा चिता का अंतिम कर्म निश्चित है मात्र मुक्तिधाम में।।

©Aditya Kumar Bharti

#अंतिम कर्म

24 Love

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"क्या लिखूँ अपने भवन में रहें स्वयं सर्वदा सुरक्षित। अन्यथा मरघट में आपका स्थान हो सकता है आरक्षित।। ©Aditya Kumar Bharti"

क्या लिखूँ अपने भवन में रहें स्वयं सर्वदा सुरक्षित।
अन्यथा मरघट में आपका स्थान हो सकता है आरक्षित।।

©Aditya Kumar Bharti

#मरघट का आरक्षण

23 Love

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"क्या लिखूँ एकमात्र आपका शपथ। प्रशस्त करेगा करोना से विजय का पथ।। ©Aditya Kumar Bharti"

क्या लिखूँ एकमात्र आपका शपथ।
प्रशस्त करेगा करोना से विजय का पथ।।

©Aditya Kumar Bharti

#शपथ

23 Love

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"क्या लिखूँ सोचता हूं चलो अब लिखता हूं घर ही है सबसे सुरक्षित स्थान। नहीं तो चिकित्सालय या मुक्तिधाम दोनों एक समान।। ©Aditya Kumar Bharti"

क्या लिखूँ सोचता हूं
चलो अब लिखता हूं

घर ही है सबसे सुरक्षित स्थान।
नहीं तो चिकित्सालय या मुक्तिधाम दोनों एक समान।।

©Aditya Kumar Bharti

#PoetInYou

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