Aditya Kumar Bharti

Aditya Kumar Bharti Lives in Bilaspur, Chhattisgarh, India

कविता की पाठशाला का नवोदित कलमकार विद्यार्थी

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"मैं लिखूंगी तेरे दिल पे मेरे इश्क की दास्तां। ये सफ़र कहीं से भी शुरू हो मगर जायेगा तेरे दिल तक हर एक रास्ता।। आदित्य कुमार भारती"

मैं लिखूंगी तेरे दिल पे मेरे इश्क की दास्तां।
ये सफ़र कहीं से भी शुरू हो मगर जायेगा तेरे दिल तक हर एक रास्ता।।

आदित्य कुमार भारती

#दिल का रास्ता#The way of heart

75 Love

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"मैं अकेला और पीछे छूटा सारा मेला। देखिए जिंदगी बना ले अपना या रखे सौतेला।। आदित्य कुमार भारती"

मैं अकेला और पीछे छूटा सारा मेला।
देखिए जिंदगी बना ले अपना या रखे सौतेला।।

आदित्य कुमार भारती

#NightPath

62 Love

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"तेरी सूरत ने मुझे एक नहीं कई दफा मारा। मैं भी सोचना हूँ कि बदल के रख लूं अपना नाम दिलहारा।। आदित्य कुमार भारती"

तेरी सूरत ने मुझे एक नहीं कई दफा मारा।
मैं भी सोचना हूँ कि बदल के रख लूं अपना नाम दिलहारा।।

आदित्य कुमार भारती

#Change of name#नाम परिवर्तन

61 Love

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"इंतजार इन राहों में,इन बाहों में,इन निगाहों में मैं तेरा इंतज़ार करूं। कभी आ के मिल मेरी पनाहों में के मैं तुझ पे ऐतबार करूं।। आदित्य कुमार भारती"

इंतजार

इन राहों में,इन बाहों में,इन निगाहों में मैं तेरा इंतज़ार करूं।
कभी आ के मिल मेरी पनाहों में के मैं तुझ पे ऐतबार करूं।।

आदित्य कुमार भारती

#wait#इंतजार

60 Love

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"आपको देखते ही दिल मेरा बेकरार हो गया कुछ कहना भी मेरे लिए नागवार हो गया आपसे मिला भी नहीं और प्यार हो गया खामोशियों के बीच निगाहों से इजहार हो गया दिल जो कभी चंगा था वो बिमार हो गया इस कदर मुहब्बत का जुनून सवार हो गया हर अक्स में तेरा ही दीदार हो गया खुद से भी ज्यादा तुझ पर ऐतबार हो गया तेरे इशारे से वाकिफ़ नादा दिल होशियार हो गया इस जिंदगी में तेरे आने का इंतजार हो गया मैं तेरा इस जहाँ में इकलौता हकदार हो गया जैसे मोहब्बत ही मेरा अब कारोबार हो गया और लिखते लिखते मैं भी गुलजार हो गया आदित्य कुमार भारती"

आपको देखते ही दिल मेरा बेकरार हो गया
कुछ कहना भी मेरे लिए नागवार हो गया
आपसे मिला भी नहीं और प्यार हो गया
खामोशियों के बीच निगाहों से इजहार हो गया
दिल जो कभी चंगा था वो बिमार हो गया
इस कदर मुहब्बत का जुनून सवार हो गया
हर अक्स में तेरा ही दीदार हो गया
खुद से भी ज्यादा तुझ पर ऐतबार हो गया
तेरे इशारे से वाकिफ़ नादा दिल होशियार हो गया
इस जिंदगी में तेरे आने का इंतजार हो गया
मैं तेरा इस जहाँ में इकलौता हकदार हो गया
जैसे मोहब्बत ही मेरा अब कारोबार हो गया
और लिखते लिखते मैं भी गुलजार हो गया

आदित्य कुमार भारती

# मैं भी गुलजार हो गया

59 Love