Deepak

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"मैं प्रत्यक्ष तुम प्रमाण हो सँघर्ष है साथ इसलिए महान हो मैं इक अकेला, तुम पूरा जहां हो खुद को न भूलना तुम कभी तुम खुद ही अपनी पहचान हो @आखिरी पन्ना ©दीपक"

मैं प्रत्यक्ष तुम प्रमाण हो
सँघर्ष है साथ इसलिए महान हो
मैं इक अकेला, तुम पूरा जहां हो
खुद को न भूलना तुम कभी
तुम खुद ही अपनी पहचान हो



@आखिरी पन्ना
©दीपक

#Resolution_2020

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"Black and White शतरंज के मैदान से प्यादे जब बाहर आकर मिले, दोनों ने बताए अपनी-अपनी मजबूरियों के सिलसिले.. चाहत तो नही थी एक दूसरे का रास्ता काटने की.. इसलिये ही तो वो हर किसी के गले मिलते चले... @आखिरी पन्ना ©दीपक"

Black and White  शतरंज के मैदान से प्यादे जब बाहर आकर मिले,

दोनों ने बताए अपनी-अपनी मजबूरियों के सिलसिले.. 

चाहत तो नही थी एक दूसरे का रास्ता काटने की.. 

इसलिये ही तो वो हर किसी के गले मिलते चले...

@आखिरी पन्ना 
©दीपक

 

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"Loneliness in 7 Words जिंदगी तेरे होंने से हशीन भी हो पाई हर पल जिये खुद के लिए,मुलाकात भी तुमसे हो पाई कदम बढ़ते रहे तुम्हारी तरफ ,तुम भी मेरी तरफ बढ़ती आई सुनसान थी राह बहुत, आवाज भी बस हमारे कदमो की आई 👣👣 @आखिरी पन्ना #दीपक"

Loneliness in 7 Words  जिंदगी तेरे होंने से हशीन भी हो पाई
हर पल जिये खुद के लिए,मुलाकात भी तुमसे हो पाई

कदम बढ़ते रहे तुम्हारी तरफ ,तुम भी मेरी तरफ बढ़ती आई
सुनसान थी राह बहुत, आवाज भी बस हमारे कदमो की आई

👣👣
@आखिरी पन्ना
#दीपक

 

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"मुस्कुराकर देखी तस्वीर मैंने आज फिर से उसकी जिस तस्वीर में उसने मेरे लिये मुस्कुराया था @आखिरी पन्ना ©दीपक"

मुस्कुराकर देखी तस्वीर मैंने आज फिर से उसकी

जिस तस्वीर में उसने मेरे लिये मुस्कुराया था



@आखिरी पन्ना

©दीपक

 

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"मेरे अल्फाज़ मेरे एहसास से विपरीत थे वो शायद अपने आप मे ही एक गीत थे.. बह तो रहे थे वो पानी मे नाव के जैसे पर वो भी नदी किनारे लगे पौधे की जड़ की तरह जटिल और संकीर्ण थे @आखिरी पन्ना ©दीपक"

मेरे अल्फाज़ मेरे एहसास से विपरीत थे 
वो शायद अपने आप मे ही एक गीत थे.. 

बह तो रहे थे वो पानी मे नाव के जैसे
पर वो भी नदी किनारे लगे पौधे की जड़ की तरह
 जटिल और संकीर्ण थे

@आखिरी पन्ना
©दीपक

 

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