prayag raj

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में मर तो नहीं सकता अब जीना मेरी मजबूरी हो गई है नफ़रत मेरे करीब आती जा रही है और इश्क से थोडी दूरी हो गई है

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"कह देना उसे उसकी खुशियों की खातिर उसे छोड़ना भी मंज़ूर हो गया है पहले किसी ने निकाल के फैका था तो सिर्फ टुकड़े हुए थे दिल के और आज उसने निकाला है तो दिल चूर चूर हो गया है"

कह  देना उसे उसकी खुशियों की खातिर
 उसे छोड़ना भी मंज़ूर  हो  गया है  
पहले किसी ने निकाल के फैका था 
तो सिर्फ टुकड़े हुए थे दिल के
और आज उसने   निकाला है  तो दिल चूर चूर हो गया है

चुर चूर हो गया है

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"क्या बात है अब हम से बात नहीं किया करते हो हम से कोई गलती हो गई या हमें जानबूज कर याद नहीं किया करते पता है मुझे मेरी नजरे किसी और नज़रों से देखती है और तुम रिश्ता कुछ और निभाना चाहते हो कुछ दिन ही सही पर पूरी रात तुम से बात किया करते थे इंकार कर देते थे तुम प्यार की बातों के लिए फिर भी हम दोस्ती की बात किया करते थे आज भी मैसेज कर के तुम्हारे रिप्लाई का इन्तजार किया करते हैं तुम शायद भूल बैठे हो पर हम तुम्हे आज भी याद किया करते हैं"

क्या बात है अब हम से बात नहीं किया करते हो हम से कोई गलती हो गई  या हमें जानबूज कर याद नहीं किया करते पता है मुझे मेरी नजरे किसी और नज़रों से देखती है और तुम रिश्ता कुछ और निभाना चाहते हो
कुछ दिन ही  सही पर पूरी रात तुम से बात किया करते थे
इंकार कर देते थे  तुम प्यार की बातों के लिए  फिर भी हम दोस्ती की बात किया करते थे
आज भी मैसेज कर के तुम्हारे रिप्लाई का इन्तजार किया करते हैं
तुम शायद भूल बैठे हो पर हम तुम्हे आज भी याद किया करते हैं

yad nahinkiya nkiya karte ho

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"सच में बड़ी सच्ची लगने लगी हैं तू मुझे मुहॉबत में और भी अच्छी लगने लगी है डर था मुझे कहीं धोका न देदे तू मुझे मगर में झुक गया तेरे प्यार के आगे क्यों कि तू सच में मुझसे इश्क करने लगी है"

सच में बड़ी सच्ची लगने लगी  हैं 
तू  मुझे  मुहॉबत  में और भी अच्छी लगने लगी है
डर था मुझे कहीं धोका न  देदे तू मुझे
मगर में झुक गया तेरे  प्यार के आगे क्यों कि तू सच में मुझसे इश्क करने  लगी है

sach me badi sacchi lagne Lage h

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log kahate h bade khrab h ham

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"तुम खुद को छिपाने की लाख कोशिश कर लो फिर भी हम से कुछ भी नहीं छिपा पाओगे हमे ये भी पता है कि तुम्हे भी हमारी याद आ रही हैं पर शायद नफ़रत करने लगे हो इसलिए कुछ नहीं बताओगे"

तुम खुद को छिपाने की लाख कोशिश कर लो  फिर भी हम से कुछ भी नहीं छिपा पाओगे
हमे ये भी पता है कि तुम्हे भी हमारी याद आ रही हैं पर शायद नफ़रत करने लगे हो इसलिए कुछ नहीं बताओगे

nafrat karne lage ho dhyad

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