Vikrant Rajliwal

Vikrant Rajliwal Lives in Delhi, Delhi, India

💥 I am a spiritual communicator.

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💔 दर्द ए दिल दिख गए ज़ख्म, इस दिल के तमाम,

डूबती किश्ती, ये उफ़नती लहरें,

खड़ा है ख़ामोश दीवाना, तन्हा साहिल पे...✍️

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।

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❤️ आओ अब एक हो जाए, रची है ये सृष्टि जिसने,

रचा है ये ब्रह्मांड जिसने,🌹🌹

आओ अब ध्यान में उसके खो जाए, चलो अब

एक हो जाए। 🙏💖💖

विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित।

😇 आपके मित्र विक्रांत राजलीवाल द्वारा लिखित उनकी सैकड़ो दर्दभरी, रोमांचक एव प्रेरणादायक रचनाओ , व्यंग्य क़िस्सों एव लेखों के साथ आगामी रचनाओ के पाठन हेतु अभी उनकी ब्लॉग साइट
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"Hi Loved Ones, Aad Me Friends on Whatsaap & we can share Our creations. My Whatsaap nomber is 91+ 9354948135"

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Safar ae Zindgani #gazal #nazam #Poetry #Published on #Vikrantrajliwal.com join my blog site #Vikrantrajliwal.com &#youtubechannel #kavi #Shayar & #Natakakar #Vikrant #Rajliwal. Thank you.

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पाठन कीजिए मेरी एक नई नज़्म "ज़िन्दगी" का आपकी अपनी ब्लॉग साइट vikrantrajliwal.com पर।

हर तन्हा कदम आपका हौसले से भरा, मिला देगा जल्द ही काफ़िला तुम्हे खोया हुआ। जो ना हो साया साथ अपना कोई, तो गम ना कर, हर तन्हाइयों से महोबत को गले लगा लेगा अपने दीवाना।। हर आहत से अनजानी, छुटती सी मेरी कलम, टूटते हर एहसासों से तड़प जाती है मेरी कलम। हर वाक्या ज़िन्दगी का मेरा, एक ख़ौफ़ से भरा हुआ, हर ख़ौफ़ से है ज़िन्दगी जिंदा मेरी मरते हुए।। … [ 78 more words ]
https://vikrantrajliwal.com/2019/07/06/

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