Saif

Saif Lives in Delhi, Delhi, India

writer & ideologist Lots of skill in business

https://youtu.be/G4Zed5vFSAw

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*दर्द बेरहम है**
दर्द बेरहम है कुछ कहता नहीं कुछ सुनता नहीं...
जब भी आता है दिल और आंखें कुहुकती कोयल की तरह....बस रह जाता है 
दर्द बड़ा बेरहम है
इस दर्द को जितना भुलाने की कोशिश करता हूं उतना ही ये जख्म ताजा होता है 
ये जिस्म हार गया है रूह जिद्दी है उस के साए में भटकता रहता है 
ये दर्द बड़ा बेरहम है जब भी आता है आंखें नम कर देता है 
अब तो इश्क दर्द से ही है 
ये अपना सा लगता है....(2)
हर कोई मुझे जिंदगी जीने का तरीका बताता है 
उन्हें कैसे बताऊं एक ख्वाब अधूरा है वरना जिंदगी जीना तो मुझे भी आती है....(2)
ये दर्द के साए में जिंदगी जी लेता हूं कभी खुद के साथ कभी इन कदमों के साथ...
ये दर्द बड़ा बेरहम है जब भी आता है आंखें नम कर देता है.....
Md Saif Mohammadi  #NojotoQuote

**दर्द बेरहम है**
दर्द बेरहम है कुछ कहता नहीं कुछ सुनता नहीं...
जब भी आता है दिल और आंखें कुहुकती कोयल की तरह....बस रह जाता है
दर्द बड़ा बेरहम है
इस दर्द को जितना भुलाने की कोशिश करता हूं उतना ही ये जख्म ताजा होता है
ये जिस्म हार गया है रूह जिद्दी है उस के साए में भटकता रहता है
ये दर्द बड़ा बेरहम है जब भी आता है आंखें नम कर देता है
अब तो इश्क दर्द से ही है
ये अपना सा लगता है....(2)
हर कोई मुझे जिंदगी जीने का तरीका बताता है
उन्हें कैसे बताऊं एक ख्वाब अधूरा है वरना जिंदगी जीना तो मुझे भी आती है....(2)
ये दर्द के साए में जिंदगी जी लेता हूं कभी खुद के साथ कभी इन कदमों के साथ...
ये दर्द बड़ा बेरहम है जब भी आता है आंखें नम कर देता है.....

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**ग़ज़ल**
मेरे बस में नहीं वरना कुदरत का लिखा हुआ काटता
 बनाई गई तेरी सजा में काटता......(2)

मैं सब जानता हूं सिवाय तेरे आंखों के
 तुम्हारी आंखें बहुत बोलती है जरा इसे पलकों में रखो...(2)

शाम का डालना तेरी यादों का आना वाजिब है 
यह इश्क भरी आंखों से अश्कों का आना वाजिब है....

राह देखते हुए जब थक गई मेरी आंखें 
फिर उसे ढूंढने मेरी आंखों से आंसू निकले.....(2)

Md Saif Mohammadi  #NojotoQuote

**ग़ज़ल**
मेरे बस में नहीं वरना कुदरत का लिखा हुआ काटता बनाई गई तेरी सजा में काटता......(2)

मैं सब जानता हूं सिवाय तेरे आंखों के तुम्हारी आंखें बहुत बोलती है जरा इसे पलकों में रखो...(2)

शाम का डालना तेरी यादों का आना वाजिब है
यह इश्क भरी आंखों से अश्कों का आना वाजिब है....

राह देखते हुए जब थक गई मेरी आंखें फिर उसे ढूंढने मेरी आंखों से आंसू निकले.....(2)

Md Saif Mohammadi

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ज़ुबान कड़वी सही पर दिल साफ रखता हूं,
 कौन, कहां, कब, बदल गया सब हिसाब रखता हूं, #NojotoQuote

ज़ुबान कड़वी सही पर दिल साफ रखता हूं कौन, कहां, कब, बदल गया सब हिसाब रखता हूं

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ज़ुबान कड़वी सही पर दिल साफ रखता हूं
कौन, कहां, कब, बदल गया सब हिसाब रखता हूं #NojotoQuote

ज़ुबान कड़वी सही पर दिल साफ रखता हूं
कौन, कहां, कब, बदल गया सब हिसाब रखता हूं

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मैं उसकी रहबरी करता रह गया...(2)  
इश्क ने तो देखा तक नहीं... 
चाहा कि खुदा हाफिज कह दूं...(2)
पर किस जुबां से कहता,          
जुबां जो काम नहीं करती...(2) #NojotoQuote

मैं उसकी रहबरी करता रह गया...(2)
इश्क ने तो देखा तक नहीं...
चाहा कि खुदा हाफिज कह दूं...(2)
पर किस जुबां से कहता,
जुबां जो काम नहीं करती...(2)

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