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तृप्ति
Kalam लिखा नहीं बहुत दिनों से कुछ शायद थोड़ी जम सी गयी है मेरे कलम की स्याही अब भी बाकि है अभी खत्म नहीं हुई है..... ©तृप्ति #kalam
banjarasoul
Bachpan k din b kya deen the Wallet khali rehta tha par dil bhara ©banjarasoul #Childhood
Swetha
Hi guys❤️🔥 ©Swetha #profile #love #love❤ #biography #BeautifulEyes
#profile #Love #Love❤ #biography #BeautifulEyes
read moreAbhishek kumar
green-leaves if you want to being like a sun first burn like a sun ©Sitesh Kumar this thought is written by Abdul Kalam #motivation
this thought is written by Abdul Kalam #Motivation
read morePraveen ji
childhood heart is very sweet in internal parts ©Praveen ji #childhood
Zahid Akhtar
Most educated and working couples DON'T allow their kid to SOCIALIZE this may be due to, over protective nature or social stratas. Let me tell you, your are making them ROBOTs, killing their intellect, hampering their moral values, making them more materialistic. Get up before its too late, their expressions and behaviour speaks a lot. ©Zahid Akhtar #Childhood #mentalHealth
Writer Mamta Ambedkar
गद्दारों के शहर में दिल की बात कहे भी तो, किससे कहे, यहां सब गद्दार हैं। चेहरे पर मुस्कान, दिल में खंजर, हर कोई छल-कपट का साकार है। बातों में मलहम, हाथों में नमक, दिखावटी अपनापन हर ओर है। दर्द पूछते हैं, सहला के, फिर घावों को चीरने का जोर है। यहां सच की आवाज़ दबा दी जाती, झूठ के सिक्के खनकते हैं। अपनों के बीच भी परायापन, दिलों में फासले पलते हैं। तो किससे कहें ये दिल की बात, कौन सुनेगा हमारी पुकार? इस अंधेरे में ढूंढ़ रहे रोशनी, जहां हर रिश्ता एक व्यापार। पर दिल है कि उम्मीद नहीं छोड़ता, शायद कहीं कोई अपना भी हो। जो मलहम भी लगाए, सहलाए, और नमक के घावों से बचाए। ©Writer Mamta Ambedkar #Childhood
Diwakar
Manju Warrier VS Nayanthara | Biography Compersion . @diwakar .. #comperison #manjuwarrier #Nayanthara
read moreAvinash Jha
वात्सल्य का स्पर्श जब मुस्काए किलकारी बन, भर दे घर आंगन की चहल-पहल। छोटे हाथों की छुअन से, झूम उठे सारा घर-आलय। नन्हें कदमों की वो आहट, जैसे सुबह का पहला किरण। माँ के आंचल में छुप जाए, पिता के कंधों पर वो सुमिरण। उनकी हँसी का संगीत सुन, दीवारें भी गुनगुनाने लगतीं। खिलौनों की मीठी बातें, हर कोना दर्पण बन जातीं। नटखट शैतानी में छिपा, जीवन का अनमोल ज्ञान। हर बिखरी चीज़ में झलकता, स्नेह का अनुपम सम्मान। माँ के हाथों से खाए निवाले, स्वाद बन जाते हैं अमृत। पिता की उँगली पकड़कर चले, हर सफर लगता है सरल। वो छोटे-छोटे सवाल, जैसे गूंजें नदियों के सुर। उनकी जिज्ञासा से सीखें, हर पल का अद्भुत मर्म। इस वात्सल्य की सुगंध से, महक उठे हर आशियाना। एक बच्चे की मासूमियत से, सजता है सारा जमाना। ©Avinash Jha #Childhood
Hashim Bannur | ಹಾಶಿಂ ಬನ್ನೂರು
December -6 TRIBUTE TO DR. BR AMBEDKAR 'FATHER OF INDIAN CONSTITUTION' ON HIS DEATH ANNIVERSARY. Dr APJ Abdul Kalam Foundation Karnataka ® ©Hashim Bannur | ಹಾಶಿಂ ಬನ್ನೂರು "I like the religion that teaches liberty, equality and fraternity." - Dr. B.R. Ambedkar December -6 TRIBUT
"I like the religion that teaches liberty, equality and fraternity." - Dr. B.R. Ambedkar December -6 TRIBUT
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