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White “Indeed, with hardship comes ease.” – Quran 94:6 ©@ytshortsdunia “Indeed, with hardship comes ease.” – Quran 94:6 #Nojoto #Love
“Indeed, with hardship comes ease.” – Quran 94:6 Love
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White “The smell of the fasting person’s breath is more fragrant to Allah than the scent of musk.” – (Bukhari) ©@ytshortsdunia “The smell of the fasting person’s breath is more fragrant to Allah than the scent of musk.” – (Bukhari) #Nojoto
“The smell of the fasting person’s breath is more fragrant to Allah than the scent of musk.” – (Bukhari)
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White dilo mei muhabbat liye jannat ka azam liye haathou mei quran liye Allah pr tawakkal kiye manzil ki trf bhdte jana hai kbi girna hai kbi chalna hai kbi tutna hai kbi bikharna hai pr rasta nahi bdlna hai iss roshan kitan ko saath liye unn roshan rastou pr chalna hai ©sadia #love_shayari #loveallah #quran #selfesteem #allah
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White सूरह इख़लास (सूरह 112) हिंदी अनुवाद के साथ: بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيْمِ बिस्मिल्लाह हिर्रहमान निर्रहीम (शुरुआत अल्लाह के नाम से, जो बड़ा मेहरबान और रहमत वाला है।) قُلْ هُوَ اللَّهُ أَحَدٌ ١ कुल हूअल्लाहु अहद (कह दो: वह अल्लाह एक है।) اللَّهُ الصَّمَدُ ٢ अल्लाहुस समद (अल्लाह सब से बेनियाज़ है, सब उसी के मोहताज हैं।) لَمْ يَلِدْ وَلَمْ يُولَدْ ٣ लम यलिद वलम यूलद (न उसने किसी को जन्म दिया और न वह जन्म लिया गया।) وَلَمْ يَكُن لَّهُ كُفُوًا أَحَدٌ ٤ वलम यकुल्लहू कुफुवन अहद (और न ही कोई उसके बराबर है।) यह सूरह इस्लाम के तौहीद (एकेश्वरवाद) के मूल सिद्धांत को प्रकट ©MO ShAmsu #Thinking quran Urdu translation
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White सूरह अल-कौसर (सूरह 108) – हिंदी अनुवाद بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ बिस्मिल्लाह हिर्रहमान निर्रहीम (शुरू अल्लाह के नाम से जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम करने वाला है) إِنَّا أَعْطَيْنَاكَ الْكَوْثَرَ ١ इन्ना आतैनाका अल-कौसर। निश्चित रूप से, हमने आपको कौसर (अत्यधिक भलाई) प्रदान की। فَصَلِّ لِرَبِّكَ وَانْحَرْ ٢ फसल्लि लिरब्बिका वनहर। तो, अपने रब के लिए नमाज पढ़ो और क़ुर्बानी करो। إِنَّ شَانِئَكَ هُوَ الْأَبْتَرُ ٣ इन्न शानिअका हुवल अबतर। निश्चित रूप से, आपका दुश्मन ही निष्फल रहेगा (नष्ट हो जाएगा)। सूरह अल-कौसर का महत्व: यह कुरआन की सबसे छोटी सूरह है। इसमें अल्लाह ने पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) को ‘कौसर’ नामक विशेष आशीर्वाद दिया। इस सूरह में नमाज और कुर्बानी की अहमियत बताई गई है। यह दर्शाती है कि जो लोग अल्लाह के रसूल (स.अ.व) का अपमान करते हैं, वे ही नाश होंगे। अगर आपको और जानकारी चाहिए, तो बताइए! ©MO ShAmsu #Thinking quran Urdu translation sh दोस्ती शायरी
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read moreMohd Aman
White https://youtu.be/VowRsSftZ58?si=EJgJ7g6wKDw4EGnX ©Mohd Aman #Quran❤ #tilawat_e_quran_pak
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