Find the Latest Status about यह लोग डॉन कब खुलेगा from top creators only on Nojoto App. Also find trending photos & videos about, यह लोग डॉन कब खुलेगा.
bina singh
Unsplash लोग वही कहते हैं आपके बारे में जो उनको कहना है लोग वही सोचते हैं आपके बारे में जो उनको सोचना है आपसे वैसे ही पेश आते है जैसे उनकी मर्जी है लोग ज़रा सा भी नहीं सोचते आपके बारे में की आप क्या महसूस करते है फिर आप क्यों इतना सोचते हैं हर बात में की लोग क्या सोचेंगे,लोग क्या बोलेंगे आप आप रहिए लोगों को लोग बनने दीजिये ..by Bina singh ©bina singh #लोग
Rajnish Shrivastava
कुछ लोग अपने आप से इतने निराश होते हैं । वह हर वक्त गम की तलाश में जी रहे होते हैं । जो मिला है उन्हें वो इसकी परवाह नहीं करते जो न मिला उसके गम में दिन रात रो रहे होते हैं । ©Rajnish Shrivastava #कुछ लोग
#कुछ लोग
read moreअपर्णा विजय
White कौन है यह चार लोग जो कि सवाल बहुत करते हैं हर एक की जिंदगी में ,बवाल बहुत करते हैं बिन पोथी के ही ये ज्ञानी सारा ज्ञान रखते हैं सही गलत के क़ायदों की ये तो खान रखते हैं न जाने कितने ही ख्वाबों को ये निगल जाते हैं और कहते हैं हम तो अपने काम से काम रखते हैं कहीं शहनाई हो या किसी की अंतिम विदाई हो ये तो अपनी ज़बान को व्यस्त सरेआम रखते हैं और कहते हैं कि हम बस अपने काम से काम रखते हैं ©अपर्णा विजय #चार लोग
#चार लोग
read moreSK Singhania
White जीवन की कड़वी सच्चाई यह है , कि लोग भीड़ की तरफ भागते हैं , और यह भी चाहते हैं कि उन्हें कोई नया रास्ता मिले .!! ©SK Singhania #Sad_Status जीवन की कड़वी सच्चाई यह है , कि लोग भीड़ की तरफ भागते हैं , और यह भी चाहते हैं कि उन्हें कोई नया रास्ता मिले .!!
#Sad_Status जीवन की कड़वी सच्चाई यह है , कि लोग भीड़ की तरफ भागते हैं , और यह भी चाहते हैं कि उन्हें कोई नया रास्ता मिले .!!
read moregauranshi chauhan
day -372 मेरे जीवन का एक मात्र लक्ष्य सिर्फ बदला, और यह कब कैसे होगा यह मेरे शिव पार्वती जाने.... ©gauranshi chauhan मेरे जीवन का एक मात्र लक्ष्य सिर्फ बदला, और यह कब कैसे होगा यह मेरे शिव पार्वती जाने.... #Antima #Love #Nojoto #baba #shiv
रिपुदमन झा 'पिनाकी'
White ज़िन्दगी पूछती है ज़िन्दगी जियोगे कब। स्वाद इस ज़िन्दगी की मौज का चखोगे कब। ऊम्र अपनी बिता रहे हो फंँस के उलझन में - आसमाँ पर उड़ानें सपनों की भरोगे कब। आप खुद से बताओ यार अब मिलोगे कब। क़ैद कर रखा है खुद को जो तुम खुलोगे कब। पालते हो क्यूँ दिल में ग़म उदास रहते हो- रंग जीवन में अपने खुशियों की भरोगे कब। जी रहे हो घुटन में खुल के साँस लोगे कब। दुःख के दुश्मन को हौसलों से मात दोगे कब। कुछ नहीं मिलता है औरों के लिए जीने से- हो चुके सब के बहुत अपने बता होगे कब। रिपुदमन झा 'पिनाकी' धनबाद (झारखण्ड) स्वरचित एवं मौलिक ©रिपुदमन झा 'पिनाकी' #कब
theABHAYSINGH_BIPIN
दुखों का घड़ा सिर पर रख कब तक घूमोगे, जज़्बातों से भरा है दिल तेरा, कब बोलोगे। खुद की बंदिशों में दम अब घुट रहा है मेरा, पड़ी ज़ंजीरों से ख़ुद को कब तक बाँधोगे। वक़्त के साथ बेहिसाब ग़लतियाँ की हैं तुमने, सलाखों के पीछे ख़ुद को कब तक छुपाओगे? जो कभी साथ छांव सा था, वह अब छूट गया, आख़िर खुद से ये जंग कब तक लड़ोगे। लोग माफ़ी देते हैं एक-दूसरे को अक्सर, आख़िर तुम खुद को कब तक सताओगे। रिहाई जुर्म से नहीं मिलती, यह तो मालूम है, आख़िर ग़लतियों पर कब तक पछताओगे। प्रकृति में सूखी डालें भी बहार में पनपती हैं, खुद को सहलाने का वक़्त कब तक टालोगे। वक्त हर नासूर बने ज़ख्मों को भी भरता है, आख़िर ज़ख्मों को भरने से कब तक डरोगे। ©theABHAYSINGH_BIPIN दुखों का घड़ा सिर पर रख कब तक घूमोगे, जज़्बातों से भरा है दिल तेरा, कब बोलोगे। खुद की बंदिशों में दम अब घुट रहा है मेरा, पड़ी ज़ंजीरों से ख़
दुखों का घड़ा सिर पर रख कब तक घूमोगे, जज़्बातों से भरा है दिल तेरा, कब बोलोगे। खुद की बंदिशों में दम अब घुट रहा है मेरा, पड़ी ज़ंजीरों से ख़
read moreParasram Arora
Unsplash मेरी बिगड़ेल चाहतो से मुझे राहत मिलेगी कब? मेरे शरारती स्वार्थी तत्व आखिर कब समझ पायगे जीवन का यथार्थ? मेरा मौन चिल्लाना चाहता है युगो से आखिर उनकी आवाज़ मै सुन पाऊंगा कब? ©Parasram Arora कब?
कब?
read more