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soniya verma
White यहाँ कौन किसकी कीमत जानता है एक वक़्त ही है जो हर चीज़ की कीमत बताता है.. ज़ब कोई चीज़ या इंसान मुफ्त में मिल जाये तो वो कोई कीमत नहीं रखते लेकिन ज़ब वो चीज़ या इंसान आपके पास नहीं रहते तब एक वक़्त ऐसा आता है ज़ब ये एहसास होता है कि सबसे ज़्यादा कीमती तो वही था जो मैंने खो दिया ये सच्चाई है कि यहां जरूर मिट्टी की भी पड़ेगी ©soniya verma #मन कि बात
#मन कि बात
read morebrar saab
New Year 2024-25 मनोवैज्ञानिकों ने अनुसन्धान के आधार पर यह माना कि अधिगम की प्रक्रिया में व्यक्तिगत एवं पर्यावरणीय दोनों कारकों का असाधारण योगदान होता है, इनके बिना अधिगम की प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो सकती। इन दोनों कारकों का वर्णन इस प्रकार किया जा रहा है ©brar saab #NewYear2024-25 #मनोवैज्ञानिकों ने अनुसन्धान के आधार पर यह माना कि #अधिगम की प्रक्रिया में व्यक्तिगत एवं #पर्यावरणीय दोनों कारकों का असाधारण
#Newyear2024-25 #मनोवैज्ञानिकों ने अनुसन्धान के आधार पर यह माना कि #अधिगम की प्रक्रिया में व्यक्तिगत एवं #पर्यावरणीय दोनों कारकों का असाधारण
read moreअभागा संजय
White किसी शख्स की जिंदगी हो.....या किसी मुल्क का कोई शहर जब हादसे हद से ज्यादा हो जाए तो NO RISK BORD लगा दिया जाता है..... ।। ©अभागा संजय दिल कि बात
दिल कि बात
read moreMSA RAMZANI
White माना कि मुसीबत में आदमी अकेला हो जाता है, पर मुसीबत आने पर ही, अकेला आदमी मजबूत होना सीख जाता है। 711/15 ©MSA RAMZANI माना कि मुसीबत में आदमी अकेला हो जाता है, पर मुसीबत आने पर ही, अकेला आदमी मजबूत होना सीख जाता है। Anupriya Tushar Yadav Aditya kumar pras
माना कि मुसीबत में आदमी अकेला हो जाता है, पर मुसीबत आने पर ही, अकेला आदमी मजबूत होना सीख जाता है। Anupriya Tushar Yadav Aditya kumar pras
read moreGhanshyam Ratre
खिले गुलाबों की तरह आप जिंदगी में हमेशा हंसते मुस्कुराते रहो । मेरे दिल से यही दुआ है कि जिंदगी में आपके सभी सपने साकार हो।। ©Ghanshyam Ratre दूवा जिंदगी कि
दूवा जिंदगी कि
read moreRaj Verma
Unsplash माना मौसम भी बदलते है.. मगर धीरे-धीरे; तेरे बदलने की रफ़्तार से तो हवाएं भी हैरान है। ©Raj Verma #lovelife माना मौसम भी बदलते है 'दर्द भरी शायरी'
#lovelife माना मौसम भी बदलते है 'दर्द भरी शायरी'
read moretheABHAYSINGH_BIPIN
White यूहीं बात क्यों ना करते तुम, जज़्बात जाहिर क्यों ना करते तुम। रोज़ सपनों में आकर मुस्काते हो, हक़ीक़त में पास क्यों ना आते तुम। जब दिलरुबा तुम मेरी ही हो, नज़रों से क्यों ना इशारे करते तुम। मेरी हर खुशी से जुड़े हो जो, फिर मुलाक़ात क्यों ना करते तुम। तुम्हें पता है, तुमसे मोहब्बत है, फिर मुझपर ऐतबार क्यों ना करते तुम। माना कि दुनिया साथ नहीं देती, लेकिन खुद को क्यों हार मानते तुम। दिल की बातें जो तुम समझते हो, अपने जज़्बात क्यों छुपाते तुम। तुम मेरे जहां का हिस्सा हो, फिर करीब आकर क्यों ना रहते तुम। बंदिशें तोड़ने का हौसला रखो, इस दिल के अरमान क्यों रोकते तुम। जिंदगी संग गुजारने का ख्वाब है, फिर साथ में क्यों ना चलते तुम। दुनिया के डर को भूलो ज़रा, अपने सपनों को उड़ान क्यों ना देते तुम। सिर्फ तुम्हारा ही नाम है लबों पर, फिर मेरा हिस्सा क्यों ना बनते तुम। ©theABHAYSINGH_BIPIN #sad_quotes यूहीं बात क्यों ना करते तुम, जज़्बात जाहिर क्यों ना करते तुम। रोज़ सपनों में आकर मुस्काते हो, हक़ीक़त में पास क्यों ना आते तुम।
#sad_quotes यूहीं बात क्यों ना करते तुम, जज़्बात जाहिर क्यों ना करते तुम। रोज़ सपनों में आकर मुस्काते हो, हक़ीक़त में पास क्यों ना आते तुम।
read moreShivkumar barman
ये रिमझिम से मौसम ने सुनी हो गई सारे सड़के, ये बारिश और साथ तुम्हारा ही चाहूँगी .. ठंड से जब मुझे लगे कपकपी तो , तुम मुझे अपने बांहों की चादर से ढंकना चाहूँगी... ये बारिश की बूंदे भी ये प्यासी धरती को भींगा रही, अपने प्रेम की सदा से उसकी प्यास बुझा रही.. तुम भी अपनी प्रेम से मुझे भी सजाओ न मैं तुम्हारे उस प्रेम से संवरना चाहूँगी * माना कि कुछ खता हमसे हुई तो कुछ तुमसे हुई है मै अब सब कुछ भूलना चाहूँगी जो मैने किया फिर से मैं तुम संग यु जीना चाहूँगी मैं-और तुम फिर से एक नए सपने को बुनना चाहूँगी मौसम की ये पहली बारिश और तुम्हारे संग भींगना चाहूँगी थाम के तेरा हाथ सदा से भीगी सड़क पे चलना चाहूँगी मैं बेफिक्र होकर अब तुझमें ही खोना चाहूँगी तुमसे कभी रूठना तो कभी तुझे मनाना चाहूँगी हमसे जो खुशियों के पल कही खो गए है उन्हें तुम संग फिर से संयोज कर जीना चाहूँगी ©Shivkumar barman बारिश और साथ तुम्हारा ये रिमझिम से मौसम ने सुनी हो गई सारे सड़के, ये बारिश और साथ तुम्हारा ही चाहूँगी .. ठंड से जब मुझे लगे कपकपी तो , तुम
बारिश और साथ तुम्हारा ये रिमझिम से मौसम ने सुनी हो गई सारे सड़के, ये बारिश और साथ तुम्हारा ही चाहूँगी .. ठंड से जब मुझे लगे कपकपी तो , तुम
read moreParasram Arora
White माना कि मैंने दिखावे के लिए हाथ ऊपर उठा कर तुम्हारे लिए दुआ नहीं मांगी इसके बावजूद मुझे उम्मीद है मेरा खुदा नेरे दिल की बात का मान जरूर रझेगा ©Parasram Arora माना कि
माना कि
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