मेरी तम्मनाओ का घर सजा कर बंदिशे हजार जमाने की लगा कर देकर मुझे आजादी मेरे सपनों में जीने की मेरी हर ख्वाइश को हुसूल जमाने का बता कर रौंद दिया उसे मुझे लड़की बताकर उड़ने की इजाजत देकर..मेरे हजारों सपनों को और काट दिए वो पंख ही मेरी चढ़ती उम्र का तकाजा बताकर मेरी हर नादानी को समेट दिया बाली उम्र में ही बड़ा किया गया मुझे धन पराया बताकर लडकी से औरत बनने तक मुझे बार बार एहसास कराया गया मेरा कोई घर ही नहीं बताकर आज में खुश हूं ..ये सिर्फ कहने के लिए क्युकी मेरे अपने खुश है ...इसे मेरी हद बताकर , ©Bhumika kaushik #girlpower #girlsneedchallangeinrelationship #Confusion