समय बहुत बलवान है, कबहुँ न एक समान । फूल लगत नहिं डाल पर, ऊँचे मयुर उड़ान ।। काल चक्र जब घूमता, छूटे घट का मान । शेर जूठनी खात है, गीदड़ गुरर मचान ।। राम को जन पूजत नहीं, अवधे बढ़ व्यवधान। समय समानी संसृति, समय बड़ा बलवान।। #समय #बलवान #दोहाअभ्यास #दोहा #yqbaba #yqdidi #alokstates @Alok vishwakarma #essentiallydeep Collaborating with deepti tuli