यूँ शाम उतरती है दिल में जैसे झरनें की शोर ने किसी | हिंदी कविता

"यूँ शाम उतरती है दिल में जैसे झरनें की शोर ने किसी जंगल के सन्नाटे में हलचल खूब मचाया हो जैसे मुसाफ़िर सहरा का किसी तपती तेज़ दोपहरी में बस प्यास बुझाने की ख़ातिर मुड़कर दरिया में आया हो #NojotoQuote"

यूँ शाम उतरती है दिल में
जैसे झरनें की शोर ने
किसी जंगल के सन्नाटे में
हलचल खूब मचाया हो

जैसे मुसाफ़िर सहरा का
किसी तपती तेज़ दोपहरी में
बस प्यास बुझाने की ख़ातिर
मुड़कर दरिया में आया हो #NojotoQuote

यूँ शाम उतरती है दिल में जैसे झरनें की शोर ने किसी जंगल के सन्नाटे में हलचल खूब मचाया हो जैसे मुसाफ़िर सहरा का किसी तपती तेज़ दोपहरी में बस प्यास बुझाने की ख़ातिर मुड़कर दरिया में आया हो #NojotoQuote

यूँ शाम
सहरा = रेगिस्तान
#शाम #जंगल #झरना #nojotohindi #ShyamSharma #कविता #Hindi

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