White भीड़ के साथ चलने वाला इंसान हमेशा उस भीड़ का हिस्सा ही होता है और जो उस भीड़ से निकलकर अकेले चलने की हिम्मत रखता है उसकी अलग अपनी एक पहचान होती है जहाँ भी लगे भीड़ अधिक है वहा से खुद को अलग करने की हिम्मत ज़रूर रखो जहाँ भी ये मेरा, ये मेरा, की दौड़ हो वहा से सब तेरा कहकर अलविदा करदो खुद को खोकर सब कुछ पाया तो क्या पाया खुद का वज़ूद ज़रूर होना चाहिए. फिर सामने चाहे दुनियाँ की दौलत ही क्यों ना हो.. यहां सब मिलता है बस पाने की चाहत होनी चाहिए ©soniya verma #Sad_Status मेरा भी वज़ूद है