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हम इस कदर दरिया-ए-मोहब्बत में बह गये। के दुसरों क


हम इस कदर दरिया-ए-मोहब्बत में बह गये।
के दुसरों को तो मिल गये किनारे हम मजधार में रह गये॥

- अभिषेक ओमर #दरिया  #poem #sayari #omer_writes

हम इस कदर दरिया-ए-मोहब्बत में बह गये।
के दुसरों को तो मिल गये किनारे हम मजधार में रह गये॥

- अभिषेक ओमर #दरिया  #poem #sayari #omer_writes