कुछ करने को जब चलते निराश मन से स्वम ढर जाते भीतर कितनी उलझने बसा लेते उड़ने को हर पल आतुर रहते किन्तु भरोसा पंखों पर नहीं करते भाग्य से हर पल भिछा मांगते किन्तु भरोसा भाग्य पर नहीं करते ©Kavitri mantasha sultanpuri #निराश #KavitriMantashaSultanpuri