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वो सुबह अब नहीं मिलती वो शाम अब नहीं मिलती एक शख

वो सुबह अब नहीं मिलती 
वो शाम अब नहीं मिलती 
एक शख्स गया है गाँव से 
उसकी चिट्ठी नहीं मिलती 

कुछ तूफ़ान बसा है मन में 
किनारे की रेतीली मिट्टी नहीं मिलती 
और दिन तो कट रहें हैं उम्मीद में 
पर सुकून की झपकी नहीं मिलती

वो शख्स गया है जब से
उसकी चिट्ठी नहीं मिलती

©rj_vishwa
  एक शख्स
#shaksh #chitthi #Missing
rjvishwa7751

rj_vishwa

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एक शख्स #shaksh #chitthi #Missing

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