कोई क्या खरीदारी करेगा इस जमाने के बाजारों में , सब बहुत महँगा है। और प्यार की ज़िद न करो यारो यहां प्यार भी बहुत महँगा है। कहीं कहीं चाहने वालों की लाइन सी लगी रहती है, क्योंकि किसी किसी का दीदार भी बहुत महँगा है। खैर इश्क़ विश्क में वादा कसम निभाना ये कोई बड़ा काम नहीं है। हम से पूछो या खुद करो सच मैं करके पछताओगे इक़रार भी बहुत महँगा है " आओ आगे मन की बात करते हैं ....सुनो आज तक खिलौने ही खरीदे होंगे इश्क़ के बाजारों में ये दिल है दिल मेरे सरकार खिलौनों से बहुत महँगा है। पाके तुमको लगा ऐसा जैसे पा लिया हो कोई ताज मगर हम पे ताज की हुकूमत भी खरीदी न गई, आज हमें मालूम हुआ कि प्यार बहुत महँगा है ये जो आंखों में अश्क लिए तुमको मै लिखता हूं, सच मैं बहुत रोता हूं । जिनके बहते हैं अश्क ज़रा उनसे पूछो अश्क बहुत सस्ते हैं सबके लिए, क्योंकि प्यार और सुकून बहुत महंगा है , हम सुकूँ ढूँढने आये थे इश्क के बाजारों में मगर फिर कभी देखेंगे इस जन्म में प्यार बहुत महँगा है। ©Dear ma'am #Heart