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White जब जब ग़म के साए मेरे पास रहें मुझे लिखने

White जब  जब ग़म के साए मेरे पास रहें 
मुझे लिखने को वो प्रेरित करते रहे 

टूटते बिखरते देखा है उन्होंने हमेशा 
हर शब्द में  दर्द की आह घोलते रहे 

मायूसी  का साया भी भागा बेतहाशा 
मन की गहराई में वो मुझे टटोलते रहे 

बिन कहे  समझने कि नहीं होती भाषा 
जिसे अपना समझा वहीं दिल तोड़ते रहे 

झूठे  ख्वाब दिखा कर तोड़ देते आशा 
जुबान  से कटाक्ष  कर तीर छोड़ते रहे

©vineetapanchal
  #gam #dard #shabd