TAHIR CHAUHAN

TAHIR CHAUHAN Lives in Gurugram, Haryana, India

मिल जाऊं कहीं तो मुझको भी बताना। इस मतलबी दुनिया में।मैं ने खुद को खो दिया।""m. no.,9953962296

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"पहला नशा नशा पहली मोहब्बत का। हर किसी की आंखों में दिखता है। यही एक नशा है जिसके उतरने के बाद। इंसान जीना सीखता है। ताहिर।।।"

पहला नशा नशा पहली मोहब्बत का।
हर किसी की आंखों में दिखता है।
यही एक नशा है
 जिसके उतरने के बाद।
इंसान जीना सीखता है।
ताहिर।।।

#PehlaNasha

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"Bharat ke laal शास्त्री जी आप अपनी जानो। मैं तो बहाने बना दूंगा। मुझसे जो मांगेगा पार्टी । दांडी नमक चटा दूंगा। फिर भी किसी ने जिद करी तो। मुझसे मीठा खिलाने की। आन्दोलन का कर के बहाना। अंग्रेजो से पिटवादुंगा। शास्त्री जी आप अपनी जानो। मैं तो बहाने बना दूंगा। ताहिर।।।"

Bharat ke laal शास्त्री जी आप अपनी जानो।
मैं तो बहाने बना दूंगा।
मुझसे जो मांगेगा पार्टी ।
दांडी नमक चटा दूंगा।
फिर भी किसी ने जिद करी तो।
मुझसे मीठा खिलाने की।
आन्दोलन का कर के बहाना।
अंग्रेजो से पिटवादुंगा।
शास्त्री जी आप अपनी जानो।
मैं तो बहाने बना दूंगा।
ताहिर।।।

#BapuShastriJi

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"जीने का जो गुर सीखा दे। मौत का को डर मिटा दे। कभी कुंदन की तरह तपाता हमें। कभी फूलों की तरह सहलाता है। वही गुरु कहलाता है। ताहिर।।।"

जीने का जो गुर सीखा दे।
मौत का को डर मिटा दे।
कभी कुंदन की तरह तपाता हमें।
कभी फूलों की तरह सहलाता है।
वही गुरु कहलाता है।
ताहिर।।।

गुरु

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"हश्र मेरी शायरी का यूँ न कर, हश्र मेरी शायरी का यूं ना कर। गैर की महफ़िल में मेरा जिकर। यूं ना कर। ना मज़ाक उड़ा मेरे इस हुनर का। एक ग़ज़ल सुना के जोड़ देता हूं। टूटा जिगर। ताहिर।।।"

हश्र मेरी शायरी का यूँ न कर, हश्र मेरी शायरी का 
यूं ना कर।
गैर की महफ़िल में मेरा जिकर।
यूं ना कर।
ना मज़ाक उड़ा मेरे इस हुनर का।
एक ग़ज़ल सुना के जोड़ देता हूं।
टूटा जिगर।
ताहिर।।।

#Shayari

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"World Ozone Day पर्यावरण पर्यावरण पर्यावरण। रखो साफ सुथरा इसको। ये है तुम्हारा जीवन। इसी से अस्तित्व तेरा। इसी से पहचान है। इसी से ही ए इंसान। बना तू महान है। शुक्रिया कर उस खुदा का। जिसने दिया तुझको जीवन। आक्सीजन की शक्ति दी। ओजोन का दिया आवरण। पर्यावरण,,,,,,,,,, यूं ही पेड़ काटोगे। यूं ही धूंआ उड़ाओगे। जीने के लिए तुम। ऑक्सीजन कहां से लाओगे। एक दिन ऐसा आयेगा। जब भी कहीं तुम जाओगे। गाड़ी में सी एन जी। खुद में आक्सीजन भरवाओगे। बताओ ऐसे माहौल में। कैसे करोगे विचरण। पर्यावरण,,,,,,,,,। कहता है चौहान इस लिए बात मेरी मानो ओजोन है जीवन तुम्हारा। इस सच्चाई को जानो। करते रहे गर तुम। ऐसे ही प्रदुषण। ना ही इंसान बचेगा। ना धरती का कोई कन्न। पर्यावरण,,,,,,,,,। ताहिर।।।"

World Ozone Day  पर्यावरण पर्यावरण पर्यावरण।
रखो साफ सुथरा इसको।
ये है तुम्हारा जीवन।
इसी से अस्तित्व तेरा।
इसी से पहचान है।
इसी से ही ए इंसान।
बना तू महान है।
शुक्रिया कर उस खुदा का।
जिसने दिया तुझको जीवन।
आक्सीजन की शक्ति दी।
ओजोन का दिया आवरण।
पर्यावरण,,,,,,,,,,
यूं ही पेड़ काटोगे।
यूं ही धूंआ उड़ाओगे।
जीने के लिए तुम।
ऑक्सीजन कहां से लाओगे।
एक दिन ऐसा आयेगा।
जब भी कहीं तुम जाओगे।
गाड़ी में सी एन जी।
खुद में आक्सीजन भरवाओगे।
बताओ ऐसे माहौल में।
कैसे करोगे विचरण।
पर्यावरण,,,,,,,,,।
कहता है चौहान इस
 लिए बात मेरी मानो
ओजोन है जीवन तुम्हारा।
इस सच्चाई को जानो।
करते रहे गर तुम।
ऐसे ही प्रदुषण।
ना ही इंसान बचेगा।
ना धरती का कोई  कन्न।
पर्यावरण,,,,,,,,,।
ताहिर।।।

#WorldOzoneDay

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