Abhishek Rajhans

Abhishek Rajhans Lives in Rosera, Bihar, India

जज्बातो के सैलाब से लबालब एक आम इंसान

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"तुमने जो किया ,ठीक ही किया तुमने जो भी समझा ,ठीक ही समझा बेकार में ही दिल लगाने निकला था मैं तुमने अक्ल से दिल ठिकाने लगा दिया होश खो बैठा था ,तुम्हे देख कर तुमने होशियारी से मुझे होश में ला दिया जिस मसले को मैं जिक्र नहीं करना चाहता था तुमने उसे सरेआम कर दिया महफ़िल तो तुम्हारे लिए सजी थी फिर भी मुझे बदनाम कर दिया माँगने निकला था दर्द की दवा तुमने जहर ए जाम पिला दिया खैर अच्छा ही किया ,जो भी किया मुझसे ,तुमने अपना नशा तो उतार दिया-अभिषेक राजहंस #gif"

तुमने जो  किया ,ठीक ही किया
तुमने जो भी समझा ,ठीक ही समझा
बेकार में ही दिल लगाने निकला था मैं
तुमने अक्ल से दिल ठिकाने लगा दिया
होश खो बैठा था ,तुम्हे देख कर
तुमने होशियारी से मुझे होश में ला दिया
जिस मसले को मैं जिक्र नहीं करना चाहता था
तुमने उसे सरेआम कर दिया
महफ़िल तो तुम्हारे लिए सजी थी
फिर भी मुझे बदनाम कर दिया
माँगने निकला था दर्द की दवा
तुमने जहर ए जाम पिला दिया
खैर अच्छा ही किया ,जो भी किया
मुझसे ,तुमने अपना नशा तो उतार दिया-अभिषेक राजहंस


 #gif

जो भी किया,अच्छा ही किया

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"तुम हाँ, तुम जरूरत नहीं हो मेरी आदत हो ख़्वाब में मिली एक शोहरत हो तुम कहीं और नहीं मेरे भीतर हो मेरे दिल मे उठी बगावत हो यकीनन तुम मेरी पहली मोहब्बत हो तुम हाँ, तुम आखिर क्यों आईने में खुद को रोज-रोज तलाशती हो मेरी नजरों से देखो ना तुम खुद से भी ज्यादा खूबसूरत हो यकीनन तुम मेरी पहली नजर का पहला मुहब्बत हो—–अभिषेक राजहंस"

तुम
हाँ, तुम
जरूरत नहीं हो
मेरी आदत हो
ख़्वाब में मिली एक शोहरत हो
तुम कहीं और नहीं मेरे भीतर हो
मेरे दिल मे उठी बगावत हो
यकीनन तुम मेरी पहली मोहब्बत हो

तुम
हाँ, तुम
आखिर क्यों आईने में
खुद को रोज-रोज तलाशती हो
मेरी नजरों से देखो ना
तुम खुद से भी ज्यादा खूबसूरत हो
यकीनन तुम मेरी
पहली नजर का पहला मुहब्बत हो—–अभिषेक राजहंस

पहली नजर का पहला मुहब्बत

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"वो दर्द ही क्या जिसे सरेआम कर दूँ बेचने को तो सब कुछ बेच दूँ पर उसकी यादें कैसे नीलाम कर दूँ इश्क़ मेरा था,जैसा भी था आखिर क्यों उसे बदनाम कर दूँ हाँ, मानता हूँ मैं उस इश्क़ का कोई नाम नहीं था ना कोई मुकम्मल जहान ही था वक़्त ने दर्द दे दिया था फिर क्यों उसे "बेवफा" का नाम दे दूँ उसने अनजाने में दूरियां बढ़ाई होगी शायद फिर क्यों उसे अपने आँसुओ का इल्जाम दे दूं आखिर क्यों उसे बदनाम कर दूं"

वो दर्द ही क्या जिसे सरेआम कर दूँ
बेचने को तो सब कुछ बेच दूँ
पर उसकी यादें कैसे नीलाम कर दूँ
इश्क़ मेरा था,जैसा भी था
आखिर क्यों उसे बदनाम कर दूँ
हाँ, मानता हूँ मैं
उस इश्क़ का कोई नाम नहीं था
ना कोई मुकम्मल जहान ही था
वक़्त ने दर्द दे दिया था
फिर क्यों उसे "बेवफा" का नाम दे दूँ
उसने अनजाने में दूरियां बढ़ाई होगी शायद
फिर क्यों उसे अपने आँसुओ का
इल्जाम दे दूं
आखिर क्यों उसे बदनाम कर दूं

क्यों उसे बदनाम कर दूँ #Nojoto #nojotohindi

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"वो सांवली सी लड़की अपनी ललाट के बीचो बीच एक छोटी सी काली बिंदी लगाती है आँखों मे अजीब सी चमक लिए रोज मेरे घर के सामने की सड़क से गुजर जाती है पता नहीं आखिर क्यों वो मुझे देख कर अपने खुले केशो को जोर से झटका जाती है कभी कभी तो अपने साईकिल की घन्टी जोर -जोर से बजा कर मेरे शांत मन मे जलजला ही ला देती है आखिर क्यों वो मुझे कभी देख कर अनदेखा तो कभी देख कर मुस्कुरा देती है ये सिलसिला उसका अब रोज-रोज का हो चला है क्या वो पागल तो नहीं है या मुझे पागल करने चली है अजीब सा कुछ उसने कर दिया है उसके जाने और आने का अलार्म मैंने आखिर क्यों अपने मोबाइल में लगा लिया है उसका मुझे देख कर मुस्कुराना अब मुझसे मेरी नींद चुरा रहा है उसका रोज-रोज मिलना मुझे अब जरूरी सा लगने लगा है उसकी चमकती नाक की बूंदी में जाने क्यों ये मन खोने लगा है उसके एक भी दिन न गुजरने पर दिल मेरा कुछ बेचैन सा रहने लगा है पता नही क्या कर दिया है उस साँवली सी लड़की ने----अभिषेक राजहंस"

वो सांवली सी लड़की
अपनी ललाट के बीचो बीच
एक छोटी सी काली बिंदी लगाती है
आँखों मे अजीब सी चमक लिए
रोज मेरे घर के सामने की सड़क से गुजर जाती है
पता नहीं आखिर क्यों वो 
मुझे देख कर अपने खुले केशो को
जोर से झटका जाती है
कभी कभी तो अपने साईकिल की घन्टी
जोर -जोर से बजा कर
मेरे शांत मन मे जलजला ही ला देती है
आखिर क्यों वो मुझे
कभी देख कर अनदेखा तो
कभी देख कर मुस्कुरा देती है
ये सिलसिला उसका अब 
रोज-रोज का हो चला है
क्या वो पागल तो नहीं है
या मुझे पागल करने चली है
अजीब सा कुछ उसने कर दिया है
उसके जाने और आने का अलार्म मैंने
आखिर क्यों अपने मोबाइल में लगा लिया है
उसका मुझे देख कर मुस्कुराना 
अब मुझसे मेरी नींद चुरा रहा है
उसका रोज-रोज मिलना मुझे अब
जरूरी सा लगने लगा है
उसकी चमकती नाक की बूंदी में
जाने क्यों ये मन खोने लगा है
उसके एक भी दिन न गुजरने पर
दिल मेरा कुछ बेचैन सा रहने लगा है
पता नही क्या कर दिया है
उस साँवली सी लड़की ने----अभिषेक राजहंस

वो साँवली सी लड़की #nojotohindi

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"आज फिर दिल टूटा है जिसे सच समझ कर रोज सजदे किये वो ख़ुदा ही झूठा है"

आज फिर दिल टूटा है
जिसे सच समझ कर रोज सजदे किये
वो ख़ुदा ही झूठा है

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