Astha gangwar ©

Astha gangwar © Lives in Agra, Uttar Pradesh, India

अनुभवों और भावनाओं की माला को शब्दों के मोती से पिरोती हूँ, जिंदगी के कुछ पन्नों को कागज पर उकेर देती हूँ।कुछ बातें जिन्हें कह नहीं सकती उन्हें एक नया रूप देती हूँ, ऐसी ही किसी गहरी सोच के साथ एक नयी कविता लिख देती हूँ।

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आत्मा का श्रृंगार जीवन है।
#5words

35 Love

शिक्षा, शिक्षा रहीं नहीं,
व्यापार बना अब डाला है।
मंदिर कहलाता था विद्यालय,
अब वहाँ स्वार्थ ने बागडोर संभाला है।
व्यवहारिक शिक्षा का पतन हुआ,
संस्कार जीवन में कैसे आयेंगे।
रटने की पद्धति का जमाना है,
नवाचार कैसे कर पायेंगे।

23 Love

कितना खूबसूरत है चाँद,
जी करता है तमाम उम्र यहीं ठहरा जाये।
मैं झुरमुट के पीछे छिपकर देखती रहूँ,
न फिर कोई मुझ सी चाँदनी कभी आये।
वक्त यूँ ही थमा रहे एक मुद्दत तक,
क्यों न आज तारों की सेज पर लेटा जाये।
सदियों से बिखरे ख्यालातों की मुलाकात हो,
चलो कुछ इस तरह साथ निभाया जाये।

21 Love

""

"हमारे दरमियाँ कई फासले आये,  कई दफा महीनों तक मैंने नहीं लिखा।  एक बैचेनी होती है बगैर लिखे,  लगता है जीने का सिलसिला अधूरा हो चला।  मेरी कवितायें कोई और नही है, मेरा अपना ही अनदेखा प्रतिरूप है ।  अपने आप से नहीं मिलना,  यह भी कायरता का ही स्वरूप है।  कब तक भागूंगी अपने आप से,  साँसों के बगैर भला कोई कैसे रह सकता है।  कविता से राब्ता न रखना मुमकिन नहीं,  अपने ही बजूद से भला कोई कैसे जुदा हो सकता है। "

हमारे दरमियाँ कई फासले आये, 

कई दफा महीनों तक मैंने नहीं लिखा। 

एक बैचेनी होती है बगैर लिखे, 

लगता है जीने का सिलसिला अधूरा हो चला। 

मेरी कवितायें कोई और नही है,

मेरा अपना ही अनदेखा प्रतिरूप है । 

अपने आप से नहीं मिलना, 

यह भी कायरता का ही स्वरूप है। 

कब तक भागूंगी अपने आप से, 

साँसों के बगैर भला कोई कैसे रह सकता है। 

कविता से राब्ता न रखना मुमकिन नहीं, 

अपने ही बजूद से भला कोई कैसे जुदा हो सकता है। 

poem title -हमारे दरमियां फासले
#Poetry #aasthagangwar #HindiPoem #hindisahityasrajan

21 Love

written by astha gangwar
voice -astha gangwar
poem title -rat teri yado sang kat jati hai.

16 Love
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