Anuj Aggarwal

Anuj Aggarwal Lives in Hisar, Haryana, India

🙏मेरी पहचान मेरा खाटू वाला श्याम🤗

  • Popular
  • Latest
  • Video

""

"तेरे प्यार का असर यु हो रहा है तेरी याद में सारा शहर रो रहा है"

तेरे प्यार का असर  यु हो रहा है
तेरी याद में सारा शहर रो रहा है

Miss u ladle

31 Love

""

"#DearZindagi Vo pass rahe ya dur rahe Nazron mein samaye rehte hai Itna toh bata de koyi hame Kya pyar isee ko kehte hai Milne ki ghadiya choti hai Aur raat judayi ki lambi Jab sari dunia soti hai Hum taare ginte rehte hai Choti si baat mohabbat ki Aur Vo bhi kahi nahi jaati Kuch vo sharmaye rehte hai Kuch hum sharmaye rehte hai..."

#DearZindagi Vo pass rahe ya dur rahe
Nazron mein samaye rehte hai
Itna toh bata de koyi hame
Kya pyar isee ko kehte hai

Milne ki ghadiya choti hai
Aur raat judayi ki lambi
Jab sari dunia soti hai
Hum taare ginte rehte hai

Choti si baat mohabbat ki
Aur Vo bhi kahi nahi jaati
Kuch vo sharmaye rehte hai
Kuch hum sharmaye rehte hai...

#anuj

29 Love

""

"Aashiq Tha Ek Mere Andar Kuch Sal Pehle Gujar Gya Ab Koi Shayar Sa Hai Ajeeb Ajeeb Si Bate Karta Hai"

Aashiq Tha Ek Mere Andar
Kuch Sal Pehle Gujar Gya

Ab Koi Shayar Sa Hai
Ajeeb Ajeeb Si Bate Karta Hai

#

28 Love

""

"उसे अईलाइनर पसंद था मुझे काजल. वो फ्रेंच टोस्ट और कॉफ़ी पे मरती थी और मैं अदरक की चाय पे. उसे नाईट क्लब्स पसंद थे, मुझे रात की शांत सड़कें. शांत लोग मरे हुए लगते थे उसे, मुझे शांत रहकर उसे सुनना पसंद था. लेखक बोरिंग लगते थे उसे, पर मुझे मिनटों देखा करती, जब मैं लिखता. वो न्यू यॉर्क के टाइम्स स्क्वायर, इस्तांबुल के ग्रैंड बाज़ार में शौपिंग के सपने देखती थी, मैं असम के चाय के बागों में खोना चाहता था, मसूरी के लाल टिब्बे में बैठकर सूरज डूबता देखना चाहता था. उसकी बातों में महंगे शहर थे, और मेरा तो पूरा शहर ही वो. न मैंने उसे बदलना चाहा, न उसने मुझे. अच्छा चला था इसी तरह सब. एक अरसा हुआ, दोनों को रिश्ते से आगे बढे. कुछ दिन पहले उनके साथ ही रहने वाली एक दोस्त से पता चला… वो अब शांत रहने लगीं हैं, लिखने लगीं हैं. मसूरी भी घूम आईं, लाल टिब्बे पर अँधेरे तक बैठी रहीं. आधी रात को अचानक से उनका मन अब, चाय पीने का करता है. और मैं… मैं भी अब अकसर कॉफ़ी पी लेता हूँ, किसी महंगी जगह बैठक."

उसे अईलाइनर पसंद था मुझे काजल.

वो फ्रेंच टोस्ट और कॉफ़ी पे मरती थी और मैं अदरक की चाय पे.

उसे नाईट क्लब्स पसंद थे, मुझे रात की शांत सड़कें.

शांत लोग मरे हुए लगते थे उसे, मुझे शांत रहकर उसे सुनना पसंद था.

लेखक बोरिंग लगते थे उसे, पर मुझे मिनटों देखा करती, जब मैं लिखता.

वो न्यू यॉर्क के टाइम्स स्क्वायर, इस्तांबुल के ग्रैंड बाज़ार में शौपिंग के सपने देखती थी,

मैं असम के चाय के बागों में खोना चाहता था, मसूरी के लाल टिब्बे में बैठकर सूरज डूबता देखना चाहता था.

उसकी बातों में महंगे शहर थे, और मेरा तो पूरा शहर ही वो.

न मैंने उसे बदलना चाहा, न उसने मुझे.

अच्छा चला था इसी तरह सब.

एक अरसा हुआ, दोनों को रिश्ते से आगे बढे.

कुछ दिन पहले उनके साथ ही रहने वाली एक दोस्त से पता चला…

वो अब शांत रहने लगीं हैं,

लिखने लगीं हैं. मसूरी भी घूम आईं, लाल टिब्बे पर अँधेरे तक बैठी रहीं.

आधी रात को अचानक से उनका मन अब, चाय पीने का करता है.

और मैं… 

मैं भी अब अकसर कॉफ़ी पी लेता हूँ, किसी महंगी जगह बैठक.

 

25 Love

""

"ऐसी कृपा करो सांवरिया हम प्रेम के फूल खिलाये जो हारा हुआ है उसको हम खाटू की राह दिखाये 🙏 ქaii sჩree sჩყaო 🙏 🤗मेरी पहचान मेरा खाटू वाला🤗"

ऐसी कृपा करो सांवरिया
       हम प्रेम के फूल खिलाये
जो हारा हुआ है उसको
       हम खाटू की राह दिखाये

🙏 ქaii sჩree sჩყaო 🙏

 🤗मेरी पहचान मेरा खाटू वाला🤗

 

21 Love