Pratibha Dwivedi urf muskan

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हैलो एवरीवन मैं हिन्दी में कविता , शायरी दोहा गजल, विचार ... आर्टिकल लिखती हूँ .... वीडियो भी बनाती हूँ ....!!यहाँ पर भी अपने लेखन का हुनर आजमाना चाहती हूँ .... अगर पसंद आए मेरे पोस्ट तो कमेंट करके बताते रहिएगा .....!! धन्यवाद 🙏🙏 आपको

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#Vow #प्रतिभाद्विवेदीउर्फमुस्कानकीकविता
सुनिए लेखिका प्रतिभा द्विवेदी उर्फ मुस्कान© सागर मध्यप्रदेश की पूर्णता स्वरचित मौलिक व प्रमाणिक पंक्तियाँ

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#Vow #प्रतिभाद्विवेदीउर्फमुस्कानकीकविता
सुनिए "संयम" शीर्षक पर लेखिका प्रतिभा द्विवेदी उर्फ मुस्कान© सागर मध्यप्रदेश की पूर्णता स्वरचित मौलिक व प्रमाणिक पंक्तियाँ...

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"रुतबे और दौलत से रिश्ते नहीं सँभलते..... रिश्तों को निभाने के लिए... दिल में एक दूसरे के प्रति सच्ची लगन और निष्ठा की आग जलनी चाहिए.. लेखिका -प्रतिभा द्विवेदी उर्फ मुस्कान© सागर मध्यप्रदेश ( 12 नबंवर 2019 )"

रुतबे और दौलत से रिश्ते नहीं सँभलते..... रिश्तों को निभाने के लिए... दिल में एक दूसरे के प्रति सच्ची लगन  और निष्ठा की आग जलनी चाहिए.. लेखिका -प्रतिभा द्विवेदी उर्फ मुस्कान© सागर मध्यप्रदेश ( 12 नबंवर 2019 )

#रिश्ते #प्रतिभाद्विवेदीउर्फमुस्कानकाविचार #रिश्तेप्रतिभाकेनजरिएमें @pooja negi# @Ritika Suryavanshi @Suman Zaniyan @Omdeep Verma @~Nik...jat✓

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"आने वाला पल "आने वाला पल" बंद मुट्ठी की तरह है.. कभी कभी इक पल में साल ठहर जाता है.. कभी कभी इक पल में साल बदल जाता है..!! लेखिका-प्रतिभा द्विवेदी "मुस्कान" सागर मध्यप्रदेश"

आने वाला पल "आने वाला पल" बंद मुट्ठी की तरह है.. कभी कभी इक पल में साल ठहर जाता है.. कभी कभी इक पल में साल बदल जाता है..!!
लेखिका-प्रतिभा द्विवेदी "मुस्कान"
सागर मध्यप्रदेश

#आने_वाला_पल #प्रतिभाउवाच #प्रतिभाद्विवेदीउर्फमुस्कानकीकलमसे
#december #nojotohindi #nojotofficial #स्वरचित
@Neeraj Bakle (neer✍🏻) @khushi kumawat.. 😊 @Ritika suryavanshi @Dev Ratna @JJ SIR NOSAR BUDDHISM

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"मन में ख्याल आये .....कलम और कागज भी मिल गये .... फिर क्या था..हम भी अपने अनुभव की... तस्वीर खींचते चले गए...लिख दिया जो मन में था... समाज ने जो दिखाया था... एहसास दिल को कराया था...कि चलोगे गर ना सँभलकर ... तो चोट लगना लाजमी है..सँभालता कोई नहीं.. यहाँ अपने तक ही सीमित आदमी है.. संगदिल है ये जहां..मरहम नहीं दे पायेगा.. गिरते को बढ़कर सँभाले ... ये नहीं इसकी अदा..क्या करें फितरत में इसकी ...कम ही मिलती है वफा..क्या करें फितरत में इसकी..कम ही मिलती है वफा ..!! लेखिका प्रतिभा द्विवेदी उर्फ मुस्कान © सागर मध्यप्रदेश (01नबंवर 2019 )"

मन में ख्याल आये .....कलम और कागज भी मिल गये .... फिर क्या था..हम भी अपने अनुभव की... तस्वीर खींचते चले गए...लिख दिया जो मन में था... समाज ने जो दिखाया था... एहसास दिल को कराया था...कि चलोगे गर ना सँभलकर ... तो चोट लगना लाजमी है..सँभालता कोई नहीं.. यहाँ अपने तक ही सीमित आदमी है.. संगदिल है ये जहां..मरहम नहीं दे पायेगा.. गिरते को बढ़कर सँभाले ... ये नहीं इसकी अदा..क्या करें फितरत में इसकी ...कम ही मिलती है वफा..क्या करें फितरत में इसकी..कम ही मिलती है वफा ..!! लेखिका प्रतिभा द्विवेदी उर्फ मुस्कान © सागर मध्यप्रदेश (01नबंवर 2019 )

#kalam #प्रतिभाद्विवेदीउर्फमुस्कान©की पूर्णता स्वरचित मौलिक व प्रमाणिक रचना..

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