Prabha Lakesh

Prabha Lakesh Lives in Bilaspur, Chhattisgarh, India

प्रकृति ही ईश्वर है..ईश्वर ही प्रकृति है.. प्रकृति के पँच तत्वों से, मिली मनुज आकृति है... प्रभा ✍️

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#prabha_ki_kavitayen
#jab_kante_bhare_huye_raah_me
#nojoto_hindi

78 Love

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"मैं सोचा करती थी अक्सर की मेरी दुआएंँ खुदा को कबूल नहीं होती..। "पर शायद " यह मेरी दुआएंँ ही तो हैँ... कि दुनियाँ की कोई बलाये उन्हें छू भी नहीं पाती... "दूर से गुजर जाया करती हैँ " क्योंकि.. " मैंने दुआँ में खुदा से यही दुआँ माँगा के उनकी दुआएँ खुदा कबूल करें। हर बलाओ से... हर गमों.. से हमेशा मेरा खुदा उन्हें महफूज रखें। खुदा क्या मेरी एक और दुआँ कबूल करोगे...? उन्हें वो सबकुछ देदो जो वो चाहे और मुझसे छीन लो उनकी सारी यादें और मेरे दिल से उनका सारा प्यार..। @prabha lakesh#meri dayri se 06.08.2020"

मैं सोचा करती थी अक्सर की मेरी दुआएंँ खुदा को कबूल नहीं होती..। 

"पर शायद "
यह मेरी दुआएंँ ही तो हैँ... 
 कि दुनियाँ  की कोई बलाये उन्हें छू भी नहीं पाती... 
"दूर से गुजर जाया करती हैँ "

क्योंकि.. "

मैंने दुआँ  में खुदा से यही दुआँ  माँगा 
के उनकी दुआएँ खुदा कबूल करें। 
हर बलाओ से... हर गमों.. से हमेशा 
मेरा  खुदा  उन्हें  महफूज रखें। 


खुदा क्या मेरी एक और दुआँ कबूल करोगे...? उन्हें वो सबकुछ देदो जो वो चाहे 
और मुझसे छीन लो उनकी सारी यादें और मेरे दिल से उनका सारा प्यार..। 


@prabha lakesh#meri dayri se
06.08.2020

#prar#मोह्हबत#दुआ

78 Love
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"♥️ हाइकु ♥️ छाई उमंग बँधी प्रीत की डोर साजन संग उठे तरंग प्रीतम संग जाऊँ मैं इठलाऊँ हारुँ खुदको मै जाऊँ तुझे जीत ओ मेरे मीत आओ समीप छेड़ो मधुर गीत सुनूँ मै नित @prabha lakesh 07.08.2020"

♥️ हाइकु ♥️

 छाई उमंग 
बँधी प्रीत की डोर 
साजन संग

 उठे तरंग 
प्रीतम संग जाऊँ  
मैं इठलाऊँ

हारुँ खुदको 
मै जाऊँ तुझे जीत 
ओ मेरे मीत 

आओ समीप 
छेड़ो मधुर गीत 
सुनूँ मै नित

@prabha lakesh 
07.08.2020

#Love#हाइकु#प्रीत

76 Love

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"चट्टान भी, चूर-चूर हो जाए, पत्थर क्या है..? तेरे हौसलों के आगे। कामयाबी मिलकर रहेगी तुम्हे, जब मजबूत हो आत्मविश्वास के धागे। राहों से कर इस कदर दोस्ती, की मंजिल खुद तेरे पास चलकर आए। अपना पांव जमीन पर कुछ ऐसे जमाले, के आसमान भी तेरे आगे सर झुकाएँ। @prabha lakesh #meri dayri se"

चट्टान भी,   
चूर-चूर हो जाए, 
पत्थर क्या है..? 
तेरे हौसलों के आगे। 
 
कामयाबी मिलकर 
रहेगी तुम्हे, 
जब मजबूत हो 
आत्मविश्वास के धागे। 

राहों से कर 
इस कदर दोस्ती, 
की मंजिल खुद 
तेरे पास चलकर आए। 

अपना पांव जमीन 
पर कुछ ऐसे जमाले, 
के आसमान भी
तेरे आगे सर झुकाएँ। 

@prabha lakesh
#meri dayri se

#Dullness#हौसला#

70 Love

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"बर्तन में रखा पानी चमकता है; समुद्र का पानी अस्पष्ट होता है. लघु सत्य स्पष्ठ शब्दों से बताया जा सकता है, महान सत्य मौन रहता है.   -:रबिन्द्रनाथ टैगोर 7अगस्त 1941 जन गण मन के रचयिता महान कवि रविंद्र नाथ टैगोर जी की पुण्यतिथि पर.. भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित। 🙏🙏🙏💐"

बर्तन में रखा पानी चमकता है; समुद्र का पानी अस्पष्ट होता है. लघु सत्य स्पष्ठ शब्दों से बताया जा सकता है, महान सत्य मौन रहता है.

  -:रबिन्द्रनाथ टैगोर

7अगस्त 1941 जन गण मन के रचयिता महान कवि रविंद्र नाथ टैगोर जी की पुण्यतिथि पर.. भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित। 🙏🙏🙏💐

#RABINDRANATHTAGORE

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