Aman yuvraj Pandey

Aman yuvraj Pandey Lives in Delhi, Delhi, India

UPSC aspirant Instagram:-amanyuvraj5 Facebook:- aman yuvraj pandey, https://www.facebook.com/aman.k.pandey.77

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"हमें फुर्सत ही कहाँ मौसम सुहाना देखनें की.. तेरी याद से निकलूं तो ज़माना देखूं।"

हमें फुर्सत ही कहाँ मौसम सुहाना देखनें की..
तेरी याद से निकलूं तो ज़माना देखूं।

 

20 Love

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"Alone मैं चाहता हूँ ये रात गुज़रे और रौशनी निकलें.. किसी तरह तो ज़माने से बेदिली निकले..। मैं चाहता हूँ हर किसी की मन्नत पूरी हो.. हर किसी के चेहरे से हँसी निकले..। मैं चाहता हूँ मुझे दीपक का किरदार दिया जाएं.. जब जब जलूं शहर में रौशनी निकलें..। मैं चाहता हूँ ज़माने के गम मुझे दान दिए जाएं.. शिद्दत इतनी की आँसू भी निकलें तो खुशी खुशी निकलें..।❤️ :- aman Pandey"

Alone  मैं चाहता हूँ ये रात गुज़रे और रौशनी निकलें..
किसी तरह तो ज़माने से बेदिली निकले..।
मैं चाहता हूँ हर किसी की मन्नत पूरी हो..
हर किसी के चेहरे से हँसी निकले..।
मैं चाहता हूँ मुझे दीपक का किरदार दिया जाएं..
जब जब जलूं शहर में रौशनी निकलें..।
मैं चाहता हूँ ज़माने के गम मुझे दान दिए जाएं..
शिद्दत इतनी की आँसू भी निकलें तो खुशी खुशी निकलें..।❤️
:- aman Pandey

 

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"कौन हैं वो, और मेरा क्या लगता हैं.. जिससे मिलकर मुझे हर शख्स बुरा लगता हैं।"

कौन हैं वो,
और मेरा क्या लगता हैं..
जिससे मिलकर मुझे हर शख्स बुरा लगता हैं।

 

29 Love

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"Alone बड़ा गुमान था जिन्हें शहर में घर बसाने का.... आज वो भी भागते दिखें गाँव की ओर।🙏"

Alone  बड़ा गुमान था जिन्हें शहर में घर बसाने का....
आज वो भी भागते दिखें गाँव की ओर।🙏

 

28 Love

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"जब शहर के चकाचौंध में गांव की याद सताने लगती हैं, मैं तो रो पड़ता हूँ लेकिन मेरी किताबें हँसने लगती हैं.. मैं क्या बताऊँ उन गलियों से दूर आके क्या हुआ, मैं अंदर से जलता रहा तब जाकर बाहर से रौशन हुआ... वो किसी से मिलना फिर घण्टों बाते करना, वो किसी का हर बात पे रूठना..फिर गले से लगाना.. कभी-कभी बहुत याद आता हैं कोई गुज़रा हुआ ज़माना।:- AMAN"

जब शहर के चकाचौंध में गांव की याद सताने लगती हैं, मैं तो रो पड़ता हूँ लेकिन मेरी किताबें हँसने लगती हैं..
मैं क्या बताऊँ उन गलियों से दूर आके क्या हुआ, मैं अंदर से जलता रहा तब जाकर बाहर से रौशन हुआ...
वो किसी से मिलना फिर घण्टों बाते करना, वो किसी का हर बात पे रूठना..फिर गले से लगाना..
कभी-कभी बहुत याद आता हैं कोई गुज़रा हुआ ज़माना।:- AMAN

 

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