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sanjanahada7198
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Sanjana Hada

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Sanjana Hada

White जन्म से लेकर मृत्यु तक की यात्रा में 
देश 🇮🇳 नाम का एक पड़ाव आता है 
जो किसी देव से कम नहीं 
देश 🇮🇳 के सामने हमारे हर कर्तव्य गौण ,
निरर्थक और अमान्य है..

हमने बचपन से सुना था कि 

हंसकर झूल गया फांसी पर भगतसिंह मतवाला था 

इस कृत्य से उनका प्रगाढ़ देशप्रेम झलकता था 
ऐसी देशभक्ति, देशप्रेम जिसकी कल्पना आज कि
युवा पीढ़ी नहीं कर सकती

हमें भी देश,धरा से इतना प्रेम करना हैं कि 
यदि हमसे भी कोई ग़लत कृत्य हो जाएं तो 
वो गलत नहीं समझा जाए...🇮🇳🇮🇳

©Sanjana  Hada #sad_quotes
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Sanjana Hada

White मैं.....Miss Hada

मैं प्रेम में नहीं,
पर हां प्रेम ज़रूर है मेरे अंदर,

मैं प्रकृति प्रेमी 🌿 🌴 
मैं देशप्रेमी 🇮🇳🇮🇳
मैं आत्मप्रेमी ❤️🌺

मैं बनना चाहती हूं अंतर्मुखी 
मैं रहना चाहतीं हूं अनंत मौन बनकर 
मैं बहना चाहती हूं शांत सरोवर में 
उसपर धैर्य का बांध बांधना चाहती हूं 
चाहे लाख डालें कोई बाधाएं 
फिर भी ये स्थिर मन अधीर ना हों,

मैं घृणा द्वेष का समुद्र मंथन करना चाहती हूं 
जो अविरल बहें वो सरिता बनना चाहती हूं 
दिखावे की दुनिया के सारे गढ़ लांघकर 
मैं वहां बनाना चाहतीं हूं प्रगाढ़ सेतुबंध,

मैं खोना चाहती हूं इस प्रकृति के सौन्दर्य में,
वृद्धि चाहती हूं अपने अंदर शुद्ध विचारों का 
मैं बनना चाहती हूं सौम्य,सरल और सहज,

न समझे कोई इस धरा पर मुझे 
लेकिन मैं स्वयं को समझना,सहेजना और संभालना चाहती हूं,

मैं बस ...... स्वयं को चाहती हूं...❤️❤️

©Sanjana  Hada #flowers
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Sanjana Hada

White मैं.....Miss Hada

मैं प्रेम में नहीं,
पर हां प्रेम ज़रूर है मेरे अंदर,

मैं प्रकृति प्रेमी 🌿 🌴 
मैं देशप्रेमी 🇮🇳🇮🇳
मैं आत्मप्रेमी ❤️🌺

मैं बनना चाहती हूं अंतर्मुखी 
मैं रहना चाहतीं हूं अनंत मौन बनकर 
मैं बहना चाहती हूं शांत सरोवर में 
उसपर धैर्य का बांध बांधना चाहती हूं 
चाहे लाख डालें कोई बाधाएं 
फिर भी ये स्थिर मन अधीर ना हों,

मैं घृणा द्वेष का समुद्र मंथन करना चाहती हूं 
जो अविरल बहें वो सरिता बनना चाहती हूं 
दिखावे की दुनिया के सारे गढ़ लांघकर 
मैं वहां बनाना चाहतीं हूं प्रगाढ़ सेतुबंध,

मैं खोना चाहती हूं इस प्रकृति के सौन्दर्य में,
वृद्धि चाहती हूं अपने अंदर शुद्ध विचारों का 
मैं बनना चाहती हूं सौम्य,सरल और सहज,

न समझे कोई इस धरा पर मुझे 
लेकिन मैं स्वयं को समझना,सहेजना और संभालना चाहती हूं,

मैं बस ...... स्वयं को चाहती हूं...❤️❤️

©Sanjana  Hada #flowers
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Sanjana Hada

White मैं........Miss Hada 

मैं प्रेम में नहीं
पर हां प्रेम जरूर है मेरे अंदर


मैं प्रकृति प्रेमी 🌿🌴🌸🌺 
मैं देशप्रेमी 🇮🇳🇮🇳
मैं आत्मप्रेमी ❤️💕


मैं बनना चाहती हूं अंतर्मुखी 
रहना  चाहती हूं अनंत मौन में 
चाहे लाख बाधाएं आएं 
पर ये स्थिर मन अधिर ना हो 

मैं करना चाहती हूं घृणा द्वेष का समुद्र मंथन,
मैं बनाना चाहती हूं एक प्रगाढ़ सेतुबंध 
ताकि शुद्ध विचारों का मार्ग बनें,
मैं बहना चाहती हूं शांत सरोवर में,
ताकि मैं स्वयं को बनाऊं पवित्र सरिता सी ,,

मैं बनना चाहती हूं सरल ,सहज और स्पष्ट,
ताकि मै स्वयं को समझ सकूं,सहेज सकूं,
मेरा मौन मेरे हर प्रश्न का उतर बनें 
मैं सहेजना चाहती हूं बस स्वयं को 
मैं बस ..... स्वयं तक रहना चाहती हूं,

©Sanjana  Hada #flowers
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Sanjana Hada

Autumn  प्रेम 
🌺🌺🌺

सुना है प्रेम का महिना है,
तो हमें भी तो है किसी से अत्यंत अनंत प्रेम,

प्रेम..कहनें को तो एक शब्द मात्र है,
लेकिन कितनी पवित्रता है इसमें ,

प्रेम मुझे है, उस प्रकृति से जो मेरे समक्ष है,
कभी लगता है ये पेड़ - पौधे मुझे प्रेम सिखा रहे हैं,
कि हंसना कैसे है आगे बढ़ना कैसे है,
कहते हैं, ये कभी मुझसे बैठ संजना तूं हमारी छांव में,
ले उन सभी रसों का आनंद,
जो हमारे पुष्पों में है, महसूस कर उस महक को 
जो तेरे ह्रदय में है,
इस पवित्र प्रेम की मैं आदि हूं,
बस प्रकृति प्रेमी हूं...🌿🌴🌸

मुझे है प्रेम उस केसरिया रंग से,
उस सफेदी से जहां मैं इंगित कर सकती हूं अपना प्रेम,
वो हरियाली जो सभी के आंगन में खुशियां भर देती है,🇮🇳

प्रेम..हा हमें है प्रेम उस धरा - गगन से 
जो अंतहीन और अनन्य है,

हां हमें भी मोहब्बत है ख़ुद से...💞

©Sanjana  Hada #autumn
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Sanjana Hada

White  सुनो प्रिय ..miss hada
🌺🌺🌺🌺🌺

तुम मेरे सम्मान के लिए उपसर्ग 
बन जाना और खड़े रहना सदैव मेरे सम्मान में,

मेरी हाथों की लकीरें, ये किस्मत है मेरी 
या नसीब है मेरा, या सिर्फ फरेब के आइने है,
तो सुनो प्रिय तुम ढक लेना मुझे शिरोरेखा से,

मैंने बड़े स्नेह से सहेजा सभी को 
दिया सभी को अनंत प्रेम,
किन्तु मैं अब भरना चाहती हूं 
खुद के जीवन में सभी रसों का आनंद 
और सजना - संवरना चाहती हूं सभी अलंकारों से,

सुनो प्रिय जीवन बहुत अमूल्य है,
तुम मुझे बहुमूल्य बनाओं ना ,
मुझे सजाओं अपने मस्तक पर,
ये ह्रदय गंगा सा पवित्र बनाओं ना ,

व्याकुलता सारी मिट जाएं,
मुझे खुद से बेपनाह इश्क हो जाएं..

काल्पनिक सोच....✍️✍️

©Sanjana  Hada #sad_quotes
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Sanjana Hada

White इश्क 🌺🌺🌺
*****************

इश्क से इत्तर जाएं कैसे,
प्रेम माधुर्य सिखाएं कैसे,

प्रेम की वाणी बुलाए कैसे,
अन्तर्मन में बस जाएं कैसे,

ह्रदय से सभी के घृणा मिटाएं कैसे,
प्रेम की मिठास लाएं कैसे,

डीजिटल प्राणी से,
सामाजिक प्राणी बनाएं कैसे,
प्रेम के पुष्प खिलाएं कैसे,

अन्तर्मन परिशुद्ध करें कैसे,
प्रेम की शुद्ध बयार चलाएं कैसे,

ह्रदय की जो अभिलाषा है,
वो परिभाषा बताएं किसे,

इश्क, मोहब्बत हो जाएं सभी को 
एक - दूजे से ऐसा यज्ञ कराएं कैसे,
आहुति दे स्वयं की या खुद ही मिट जाएं,
बोलों कैसे प्रेम बन जाएं....???????

©Sanjana  Hada #love_shayari
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Sanjana Hada

New Year 2024-25 जाम - ए - इश्क झलकता रहे मुल्क में,
मेरे पूरे साल ...🇮🇳
दौलत - ए - मोहब्बत से हम सब रहे मालामाल,,

सदैव यहां प्रेम की बारिश होती रहें,
ह्रदय में सबके हिन्दुस्तान का वास हो ,

रहे न किसी के मन में घृणा - द्वेष का भाव ,
सभी अन्तर्मन में अपने प्रेम का पुष्प खिलाएं रखें,

औंस की बुंदों की तरह सबको ठंडक मिलें,
ग्रीष्म की तपन से सब मजबूत बनें,
बारिशं मे सभी का ह्रदय झुम उठें,

सब भुल जाएं लेकिन मुल्क से मोहब्बत 
ना भुले.....🇮🇳🇮🇳💞

©Sanjana  Hada #NewYear2024-25
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Sanjana Hada

New Year 2024-25 Dear 2024
***********

अंतिम विदाई के सफर में 
तुने मुझे खुद ही का हमसफर बना दिया,
जाते-जाते तुने मेरे ह्रदय में 
खुद ही के प्रति प्रेम का पुष्प खिला दिया 
🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺

©Sanjana  Hada #NewYear2024-25
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Sanjana Hada

Autumn इश्क - इश्क सी लड़की 
             Miss Hada..🌺🌺
*************************

इस डिजिटल युग में
साहित्य से प्रेम करने वाली मैं,

इंस्टाग्राम के जमाने में 
कविताएं लिखने वालीं मैं,

वेस्टर्न के जमाने में 
बिल्कुल सलवार सूट जैसी मैं,

New गानों से कोसों दूर भागने वालीं मैं 
हमेशा सदाबहार गाने सुनने वाली मैं,

न कोई Message न कोई Video call 
मुझे पसंद है Face to Face बातें करना ,

मुझे आता नहीं बातें बनाना 
मुझे तो बस अब स्वयं को है जानना ,

आता नहीं मुझे कोई षड्यंत्र 
मैं तो चाहती हूं बस अब स्वयं पर नियंत्रण,

मैं हर परिस्थिति में भी 
पन्नों पर प्रेम बिखेरना चाहती हूं 
मैं अपने व्यक्तित्व को 
शब्दों से निखारना चाहती हूं,

हां मैं स्वयं से इश्क करना चाहती हूं...🌺

©Sanjana  Hada #autumn मैं
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