Dwipen Shah

Dwipen Shah Lives in Kanpur, Uttar Pradesh, India

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"तुम ठहरो, आज वक़्त को जाने दो"

तुम ठहरो, आज वक़्त को जाने दो

कुछ अनछुए अल्फाज

#Quote #words #Poetry

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"#Pehlealfaaz काश तु कोई मुकदमा होती प्रिये जिंदगी भर तेरा साथ तो होता"

#Pehlealfaaz काश तु कोई मुकदमा होती प्रिये

जिंदगी भर तेरा साथ तो होता

अंतहीन

#Quote #sayings #MorningThoughts #Poetry

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"टूट कर बिखरी हु ऐसे, खुद के टुकड़े चुनने के काबिल ना रही मुंतज़िर रही जिंदगी भर जिसके लिए, उसकी जुस्तजू मैं शामिल ना रही"

टूट कर बिखरी हु ऐसे, खुद के टुकड़े चुनने के काबिल ना रही 

मुंतज़िर रही जिंदगी भर जिसके लिए, उसकी जुस्तजू मैं शामिल ना रही

शिद्दत


#Quote #Quotes #Stories #poem #Poetry #Shayari

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"Life is too short.. Life is TU short Better not waste your time in grammar"

Life is too short..  Life is TU short

Better not waste your time in grammar

Here is my catch

#Quote #Quotes #poem #Comedy

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"भीड़ मै हु पर भीड़ से चिंतित नहीं. मेरी शख्सियत इतनी किंचित नहीं. ज्वलित हु हर सांचे मैं ढलना जानता हु. जल हु बहाव के संग चलना जानता हु. प्रकाश हु, अंधेरे से विचलित नहीं. भीड़ मै हु पर भीड़ से चिंतित नहीं.!"

भीड़ मै हु पर भीड़ से चिंतित नहीं. 

मेरी शख्सियत इतनी किंचित नहीं. 

ज्वलित हु हर सांचे मैं ढलना जानता हु. 

जल हु बहाव के संग चलना जानता हु. 

प्रकाश हु, अंधेरे से विचलित नहीं. 

भीड़ मै हु पर भीड़ से चिंतित नहीं.!

अस्तित्व

#Quotes #poem #Stories #Shayari #Quote #Poetry

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