Parastish

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#parastish #nojohindi #ghazal #sher  किसी भी अजनबी से  दिल लगा कर क्या करेंगे हम
कि अब उजड़े चमन में गुल खिलाकर क्या करेंगे हम

हैं  हम   टूटे  हुए  पत्ते  हमें   इन   मौसमों   से  क्या 
ख़िज़ाँ के  दौर में  बारिश  बुला कर  क्या  करेंगे हम

बचा  पाए  न  लहरों  से  किनारों  पर   मकाँ   अपने 
सफ़ीने  फिर  समुन्दर में  चला  कर  क्या करेंगे  हम

मुहब्बत  में  बहुत  पूजा  है  हम  ने  एक  पत्थर  को
भला अब शीश  मन्दिर में झुका कर  क्या करेंगे हम

"परस्तिश"  इश्क़ का अंजाम  जब  मालूम है  हम को
सुनहरे  ख़्वाब  आँखों  में  सजा कर  क्या  करेंगे हम

©Parastish

सफ़ीने- कश्तियाँ/boats #ghazal #sher #Shayari #Poetry #parastish #nojohindi

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#parastish #nojohindi #ghazal #sher  वो  याद तो  आता है  नज़र  नहीं आता
और  तसव्वुर में  वो  असर  नहीं आता

सोचा बहुत  अब मैं भी  भुला दूँ उसको
हुनर यही उस का मुझे मगर नहीं आता

हर रोज़  ढलती है  रात  मिरे आँगन  में
कभी उतर कर पर वो क़मर नहीं आता

शाम  परिंदे  भी  लौट  आते  हैं  घर  को 
बस  लौट कर  वही  मुंतज़र  नहीं आता

इक परतव को परस्तिश'वहाँ भी हूँ पाती
मिरा साया भी अक्सर जिधर नहीं आता

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तसव्वुर - ख़याल‌/imagination क़मर - चाँद/moon मुंतज़र - जिसका इंतज़ार किया जा रहा हो/awaiting परतव - अक्स, प्रतिबिंब/Shadow #parastish #ghazal #sher #Poetry #nojohindi

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#parastish #nojohindi #ghazal #sher  कितने ताइर  क़ैद है उसकी  आँखों के  ज़िंदानों में 
चर्चा  ज़ोरों  पर  है  इक  सय्यादी  की  काशानों में 

नशा असल में तो बस उसके शीरीं लब ही रखते हैं 
पागल हैं  वो लोग  जो  पीने  जाते हैं  मयख़ानों  में 

बात  हसीं  शामों की  हो या  तन्हा भीगी  रातों की 
बस उसका ही  ज़िक्र मिलेगा मेरे  इन अफ़्सानों में 

नहीं  मिला  वो  सूना-पन  जो  टूटे दिल में  होता है 
मैंने   जा  कर  देखा  है,  सहराओं  में,  वीरानों  में 

ख़्वाब परस्तिश' जिसके देखे वो सच से वाबस्ता हो 
एक  यही  अरमाँ  है  शामिल  मेरे  सब अरमानों में

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ताइर - पंछी ज़िंदानों - क़ैद ख़ानों सय्यादी - शिकारी काशानों - घरों शीरीं लब - मीठे लब सहराओं - रेगिस्तानों वाबस्ता - जुड़ा हुआ

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#parastish #nojohindi #ghazal  नमी  को सोख  लेते  हैं  हँसी को  छोड़  देते हैं 
ज़माना  सोचता है  क्यों  ये इतना शाद रहते हैं 

शिकस्ता  हाल से  मेरे  न हो‌ जाये  तू अफ़सुर्दा 
तेरी मुस्कान की ख़ातिर  ख़ुशी को ओढ़ लेते हैं 

सनम की  बे-रुख़ी पर वो  बहाते हैं बहुत आँसू 
कहे उनसे कोई जा कर ये हम तो रोज़ सहते हैं 

हवा में  शोर  करते हैं  जो सूखे हैं  अभी  ताज़ा 
हैं  हम  बिखरे  हुए  पत्ते  हवाओं  संग  बहते हैं 

कहें कैसे  कि दिल जुड़ता नहीं है  टूट  जाने पर 
यहाँ कुछ लोग ग़फ़लत में हमें पत्थर भी कहते हैं

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शाद= ख़ुश शिकस्ता= टूटा हुआ अफ़सुर्दा= उदास ग़फ़लत= बेख़बरी, ग़लतफ़हमी #ghazal #Poetry #parastish #nojohindi

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#happyindependenceday #IndependenceDay #15thAugust #parastish #nojohindi

कितने चढ़े हैं सूली औ' कितनों ने लहू बहाया है ऐसे ही नहीं ये अपना झण्डा ऊँचा लहराया है होकर आज़ाद जहाँ से हमको आज़ाद कराया है तब जाके कहीं हमने आज़ादी का जश्न मनाया है नमन है ऐसे वीरों को जो हँस कर फन्दे झूल गए बर्बाद किया घर अपना हमको आबाद कराया है

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#BirthdaySpecial #birthdaywishes #preetiaggarwal #happybirthday #parastish  ©Parastish

हर सम्त - हर दिशा (every direction) ताबीर - ख़्वाब का सच होना, स्वप्नफल (interpretation of dream) Happy birthday preeti aggarwal 🎂🧁🍰🎁🎈🎉❣️ #parastish #BirthdaySpecial #birthdaywishes #happybirthday #preetiaggarwal

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