Anuj Pandit

Anuj Pandit Lives in Allahabad, Uttar Pradesh, India

Frelance writer, 7800421782

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"बहते दृग़म्ब बयाँ कर रहे, अन्तस् की यन्त्रणा। क्या हुआ है;क्या हुआ की,चल रही है मन्त्रणा।। देश के सशक्त-शत्रु, दुःख, ध्वंस , त्रासदी। शोणित में रज्जु सान, घुटकी में फाँस दी।। त्राहि- त्राहि रट रही हैं, मेदिनी की पीढ़ियाँ। पीढ़ियाँ ही खींच रहीं, पीढ़ियों की सीढ़ियाँ।। रीति-नीति-प्रीति फफक, कूट रहीं छातियाँ। वंचना, वहम में धँसी, वोटों की जातियाँ।। रौंद रहे अगुआ की , पौदर प्रमाण है। अंग-अंग खण्ड-खण्ड, शेष मात्र प्राण है।। धैर्यवान धैर्य-धुन में , मादल बस फोड़ते। नित्य नये अस्त्र-शस्त्र, खल-अराति छोड़ते।। अक्षरविन्यास भी , लज्जित- धिक्कारते। लेखन पर थूँक, फ़क़त, पौरुष निहारते।। पौरुष समसि का नहीं, लेखक का देखिये। मूँदकर के ज्ञान-गीत, बाजुओं को देखिये।। ✍️अनुज पण्डित ◆टिप्पणी अपेक्षित..."

बहते दृग़म्ब बयाँ कर रहे, अन्तस् की यन्त्रणा।
 क्या हुआ है;क्या हुआ की,चल रही है मन्त्रणा।।

 देश  के सशक्त-शत्रु, दुःख, ध्वंस ,  त्रासदी।
 शोणित में  रज्जु सान, घुटकी  में   फाँस दी।।

 त्राहि- त्राहि रट रही हैं, मेदिनी  की  पीढ़ियाँ।
 पीढ़ियाँ  ही  खींच रहीं, पीढ़ियों की सीढ़ियाँ।।

 रीति-नीति-प्रीति फफक, कूट रहीं छातियाँ।
 वंचना, वहम  में  धँसी, वोटों  की  जातियाँ।।

 रौंद  रहे  अगुआ  की ,  पौदर  प्रमाण  है।
 अंग-अंग खण्ड-खण्ड, शेष मात्र प्राण है।।

धैर्यवान धैर्य-धुन में , मादल  बस फोड़ते।
नित्य नये अस्त्र-शस्त्र, खल-अराति छोड़ते।।

अक्षरविन्यास भी , लज्जित- धिक्कारते।
लेखन पर थूँक, फ़क़त, पौरुष  निहारते।।

पौरुष समसि  का नहीं, लेखक का देखिये।
मूँदकर के ज्ञान-गीत, बाजुओं को  देखिये।।
                              ✍️अनुज पण्डित
◆टिप्पणी अपेक्षित...

देश की स्थिति @//diksha// @Ms.(P.✍️Gurjar) @हिमांशु विद्रोही @hriprsad.k.p @@Neeraj $ @Shikha Sharma

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"आख़िरी पन्ने पर बोलो क्या लिखूँ? तुम यहाँ तक तो साथ आयी नहीं!! ✍️अनुजपण्डित"

आख़िरी पन्ने पर बोलो क्या लिखूँ?
तुम यहाँ तक तो साथ आयी नहीं!!
✍️अनुजपण्डित

#Life_A_Blank_Page
अधूरा किस्सा @Ashok pushpey tiwari @Khushbu @Shikha Sharma @Kushbu Gadiya @My_Words✍✍

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"जलो वहाँ, जहाँ जरूरत हो। उजालों में चिरागों के, मायने नहीं होते।। ✍️अनुज"

जलो वहाँ,
 जहाँ जरूरत हो।
उजालों में चिरागों के,
मायने नहीं होते।।
✍️अनुज

जलो वहाँ जहाँ जरूरत जो। @Arpit_UPSC_Motivation @Rohit Rathee @Khan Perfect @Sudha Tripathi @Shikha Sharma

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"शान्तचित्त जब भी होता हूँ उसकी सूरत दिखती है। नदी किनारे की बालू पर नाम मेरा वो लिखती है।। ✍️अनुजपण्डित"

शान्तचित्त जब भी होता हूँ उसकी सूरत दिखती है।
नदी किनारे की बालू पर नाम मेरा वो लिखती है।।
✍️अनुजपण्डित

तेरा ही ख़्याल ketrina kep @Zalim__writer___ nickname (Sahil Ansari) @Sudha Tripathi @Shikha Sharma @Hariom Rana

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"यूँ तो इन आँखों पर,ज़माना डूब जाये! फ़िर भी डूबना चाहती हैं, छोटी सी झील पर। ✍️अनुजपण्डित"

यूँ तो इन आँखों पर,ज़माना डूब जाये!
फ़िर भी डूबना चाहती हैं, छोटी सी झील पर।
✍️अनुजपण्डित

ये आँखें डूबना चाहती हैं @Arpit_UPSC_Motivation @Saurabh @Sudha Tripathi @khushi kumawat.. 😊 @Shikha Sharma

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