Nojoto: Largest Storytelling Platform

New mahabharat shayari Quotes, Status, Photo, Video

Find the Latest Status about mahabharat shayari from top creators only on Nojoto App. Also find trending photos & videos about, mahabharat shayari.

SumitGaurav2005

मैं सूर्यपुत्र होते हुए भी,
सूत पुत्र कहलाया थ। 
कुंती माँ मुझे जना तू ने, 
परन्तु राधेय कहलाया था। 
कर्ण दानवीर होते हुए भी,
सबसे तिरस्कार पाया था।
ऐसी क्या तेरी विवशता थी,
जो तूने मुझे ठुकराया था।
✍🏻सुमित मानधना 'गौरव'😎

©SumitGaurav2005 #कर्ण  #karna #महाभारत #Mahabharat #Mahabharata #Sumitgaurav2005 #sumitkikalamse #sumitgaurav #sumitmandhana #Epic

Rani Kalisinge

shayari#Shayari shayari status

read more
Dil ಹೃದಯವಂತಿಕೆ ಇಲ್ಲದಿರುವಾಗ
 ಬುದ್ಧಿವಂತಿಕೆ ಎಷ್ಟಿದ್ದರೇನು.....?

©Rani Kalisinge shayari#shayari shayari status

king bro

# shayari attitude# shayari status shayari# # shayari#

read more
White              पहचान क्या होती है 🌍दुनिया को हम 😚 बतायेंगे….!        
                        बिना 🤑 नाम आये थे ….   
                  पर बिना 😱 नाम किये नहीं जायेंगे...!

©king bro # shayari attitude# #shayari status shayari# # shayari#

Dolly

shayari attitude shayari status sad shayari sad shayari badmash shayari

read more

NOTHING

Suhani Kumari

Amar Gudge

Shayari Shayari

read more

nita kumari

Rohit Bhargava (Monty)

Avinash Jha

कुरुक्षेत्र की धरा पर, रण का उन्माद था,
दोनों ओर खड़े, अपनों का संवाद था।
धनुष उठाए वीर अर्जुन, किंतु व्याकुल मन,
सामने खड़ा कुल-परिवार, और प्रियजन।

व्यूह में थे गुरु द्रोण, आशीष जिनसे पाया,
भीष्म पितामह खड़े, जिन्होंने धर्म सिखाया।
मातुल शकुनि, सखा दुर्योधन का दंभ,
किंतु कौरवों के संग, सत्य का कहाँ था पंथ?

पांडवों के साथ थे, धर्म का साथ निभाना,
पर अपनों को हानि पहुँचा, क्या धर्म कहलाना?
जिनसे बचपन के सुखद क्षण बिताए,
आज उन्हीं पर बाण चलाने को उठाए।

"हे कृष्ण! यह कैसी विकट घड़ी आई,
जब अपनों को मारने की आज्ञा मुझे दिलाई।
क्या सत्य-असत्य का भेद इतना गहरा,
जो मुझे अपनों का ही रक्त बहाए कह रहा?"

अर्जुन के मन में यह विषाद का सवाल,
धर्म और कर्तव्य का बना था जंजाल।
कृष्ण मुस्काए, बोले प्रेम और करुणा से,
"जो सत्य का संग दे, वही विजय का आस है।

हे पार्थ, कर्म करो, न फल की सोच रखो,
धर्म की रेखा पर, अपना मनोबल सखो।
यह युद्ध नहीं, यह धर्म का निर्णय है,
तुम्हारा उद्देश्य बस सत्य का उद्गम है।

©Avinash Jha #संशय
#Mythology  #aeastheticthoughtes #Mahabharat #gita #Krishna #arjun
loader
Home
Explore
Events
Notification
Profile