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Rajkumar Siwachiya

शांत बैठकय देखना आंगन में चिड़ियों का दाना चुगना दुनिया ज़हान में बड़ा इससे कोई सुकून सुख ना ✨🐦✨♥️🔭📙🖋️ - Rajkumar Siwachiya ✍️♠️ #boatclub #Haryana #Haryanvi #bhiwani #rajkumarsiwachiya #oyedesi #Loharu #JhumpaKalan #Jhumpa_Kalan

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शांत बैठकय देखना आंगन में 
चिड़ियों का दाना चुगना
दुनिया ज़हान में बड़ा इससे
कोई सुकून सुख ना
✨🐦✨♥️🔭📙🖋️
- Rajkumar Siwachiya ✍️♠️

©Rajkumar Siwachiya शांत बैठकय देखना आंगन में 
चिड़ियों का दाना चुगना
दुनिया ज़हान में बड़ा इससे
कोई सुकून सुख ना
✨🐦✨♥️🔭📙🖋️
- Rajkumar Siwachiya ✍️♠️
#boatclub

kunwar Surendra

यह भोर की अंगड़ाई पंछियों का चहचहाना यह मुंढेर पर पंछियों का बैठ जाना और इक उम्मीद से देखना बंद किसी मुट्ठी का खुलना और चावल के दानों का #कविता

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Good Morning messages in Hindi यह भोर की अंगड़ाई
 पंछियों का चहचहाना
यह मुंढेर पर पंछियों का बैठ जाना 
और इक उम्मीद से देखना
बंद किसी मुट्ठी का खुलना 
और चावल के दानों का 
छत पर बिखरना
भोर के पंछियों का करीब आना
दाना चुगना,परिंडे से पानी पीना
शांत धुन में मीठी कलरव 
कितनी सुरीली लगती है
जिंदगी में सकूं के पल लाती है
जब भी यह भोर आती है
कुंवर सुरेन्द्र यह भोर की अंगड़ाई
 पंछियों का चहचहाना
यह मुंढेर पर पंछियों का बैठ जाना 
और इक उम्मीद से देखना
बंद किसी मुट्ठी का खुलना 
और चावल के दानों का

NEERAJ SIINGH

ओ री चिरइया कैसी री चिरइया , रोज रोज काहें ना आती ,तेरी चिप चिप वाली धुनि काहें ना रमाती , ओ री चिरइया तू काहें ना अब कुछ बतियाती वो चावल #neerajwrites

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ओ री चिरइया कैसी री चिरइया , रोज रोज काहें ना आती ,तेरी चिप चिप वाली धुनि काहें ना रमाती ,
ओ री चिरइया तू काहें ना 
अब कुछ बतियाती वो 
चावल के दाने चुगना 
और फुदक फुदक 
कर मटकना , चार और 
चिरइया को भी 
अपने संग तू काहें ना अब लाती ,
 सुना मेरा आंगन , सुनी मेरी 
जिंदगी ,तू मेरी पहले जैसी 
दोस्त अब काहे ना बन पाती , 
अखियां थक जाती हैं दरस 
को तोरे , तू काहें ना ये बात समझ हैं पाती ,

चिरइया बोली , अब वो पहले जैसे मेरी जिंदगी इंसानों से ना देखी जाती हो गई है कम बस बहुत डर डर के हैं जी जाती , मन तो होत हमार भी हैं पर कहाँ आंगन में वो बात हैं मिल पाती ... ओ री चिरइया कैसी री चिरइया , रोज रोज काहें ना आती ,तेरी चिप चिप वाली धुनि काहें ना रमाती ,
ओ री चिरइया तू काहें ना 
अब कुछ बतियाती वो 
चावल
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