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"LoVe bY mIsTaKe _read_in_caption_"

LoVe bY mIsTaKe
_read_in_caption_

Only_an_imagination_ #njotohindi
OnLy_an_iMaGiNaTio.N

❤LoVe bY mIsTaKe
.
Pyar bhi kitna ajeeb tarike se hota hai 😅

❤ Jab me class 9th me tha ❣that day was my first day in class 9th
But I was very sad kuch din ese hi bitate gye kuch naye
Freinds bante gaye 😄 ese hi chalte raha doston ke saath
Maje masti kuch shaitani ya 😂😂
Lekin me padai ke samay hamesha serious rehta tha 😐
Mera favourite subject science the aur hai 😂
.
.
Aur ek din achanak kuch aisa hua
Hum logo ke class ke bagal me class 8th ka class tha
Us din un logo ke class teacher absent the
Aur hamare class mathematics ka lecture chal raha tha
Class 8th ki ladkon ladkiyon ko punishment mili un logo ko
Class ke bahar khada kar diya 😂😂 lekin student to apni
Pagalpanti 😂😂 chodte nhi vo chahe class ke andar ho ya class ke
Bahar aur kuch aisa hi yenha hua
Ladkiyon ko ek row me khada karwa diya
Thik hamare class ke samne vo saari ladkiyan khadi hai
Aur ladke unke row ke bagal me khade hai
Aur hum log apne lecture par concentrate kiye the
And specially I was topper in my class 🤔
Vo ek kahawat hai na andha me kana raja 😂😂😂😂
.
.
OYe sach me mat samajh lena kana raja 😂😂😂 really I was topper
In my class.
.
.
Ha to ladkiyan khadi thi hun logo ke class ke samne
Tabhi hum logo ke class me se ek ladke ki nazar gyi
Ek ladki par 😉😉 usne turant mujhe bulaya aur kaha
"Vo dhek tujhe dhek rahi hai"mene kaha pagal hai kya tu 😂😂
.
.
Aap log to jante Hi honge a sab school me common hai 😂😂
Ek baar meri nazar achanak padi bahar ladkiyon par 😉😉
.
Tarif karoon kya uski such a beautiful girl standing on my front my
Class door meri to nazar hi nahi hati uski taraf se she was very
Cute 😍😍😘
Me dekhte raha dekhte raha 😂😂 lekin usne ek baar bhi
Meri taraf nhi dekha 😂😂 mene bahot koshish ki
Uski nazar meri taraf aaye 😂😂 lekin sayad khuda ko manzoor nhi tha
A 😍😘
.
.
Tabhi mere pass ek dusara offer aaya 😘
Thik uske pichhe wali ladki mere taraf dekhi
Omg a to usase bhi zyada cute thi I was flat, 😎😘
Thoda thoda dekhne lagi mujhe vo
Me bhi dekh hi raha tha usko, 😘
Aese hi karte karte hum dono ne bahot der tak ek dusare ko
Dekha us din man khush ho gya 😃😅
.
.
Us samay aakhri class ka aakhri period chal raha tha
Vo kehte hai na 2 logo ke bich me 3 tang aadane wala hota hay
Thik wahi yenha hua tab tak chutti ho gyi 😔😔
.
.
Chutti hote hi mene apna sabse pehle bag uthaya aur bahar
Us ladki ke liye
Jab tak me bahar aata tab tak vo gayab 😔😔
Me sochne laga kaha chali gyi yrr
.
.
Phir mujhe pata chala ki vo school bas se aati hai school
Next day
Bahoot hi jldi ready hua school jane ke liye
Uniform bilkul professional ki tarah pehna
Aur school aaya usi ko sochte sochte
Tab tak school bus aa hi gyi
Lekin so sad vo nhi aayi us din 😔😔
.
.
.NeXt_pAgE_wiLL_AvAiLabLe_sOoN.........


©_&@π|)€€p

14 Love

" किसान पर कविता – Kisan par Kavita in Hindi – Bhartiya Kisan Par Kavita – Poem on Farmer Homepage Hindi Lekh kavita  किसान वर्ग हमारे देश का सबसे महत्वपूर्ण वर्ग है| यह हमारे अन्न दाता है| इनकी मेहनत और परिश्रम के वजह से हम सब 2 वक्त का खाना खा पा रहे है| भारत में अजा के समय में हर साल लगभग 3 से लेकर चार हजार किसान आत्महत्या कर लेते है| इस दुखद घटनाओ की वजह अनाज के बदले काम रकम मिलना, बारिश न आना, आदि है| आज के समय में भी भारत के किसानो को वो लाभ नहीं मिल पाए है जिसके वे हकदार है| आज के इस पोस्ट में हम आपको जय जवान जय किसान पर कविता, किसान पर कविता इन हिंदी, किसान पर हिन्दी कविता, किसान आत्महत्या पर कविता, किसान पर हिंदी कविता, गरीब किसान पर कविता, किसान दिवस पर कविता, इन मराठी, हिंदी, इंग्लिश, बांग्ला, गुजराती, तमिल, तेलगु, आदि की जानकारी देंगे जिसे आप अपने स्कूल कविता प्रतियोगिता, कार्यक्रम या भाषण प्रतियोगिता में प्रयोग कर सकते है| ये कविता खासकर कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 ,10, 11, 12 और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए दिए गए है| भारतीय किसान पर कविता अक्सर class 1, class 2, class 3, class 4, class 5, class 6, class 7, class 8, class 9, class 10, class 11, class 12 के बच्चो को कहा जाता है किसान पर कविता पर कविता लिखें|आइये अब हम आपको किसान की मेहनत पर कविता, खेती पर कविता, किसानों पर कविता, किसान par kavita, भारतीय किसान पर निबंध इन हिंदी, किसान पर छोटी कविता, भारत के किसान पर निबंध, किसानों की दुर्दशा पर कविता, किसान पर शायरी, किसान आंदोलन पर कविता, किसान के दर्द पर कविता, किसान पर कविताएं, किसान की बदहाली पर कविता, किसान और जवान पर कविता आदि की जानकारी देंगे जिसे आप whatsapp, facebook व instagram पर अपने groups में share कर सकते हैं| बूँद बूँद को तरसे जीवन, बूँद से तड़पा हर किसान बूँद नही हैं कही यहाँ पर गद्दी चढ़े बैठे हैवान. बूँद मिली तो हो वरदान बूँद से तरसा हैं किसान बूँद नही तो इस बादल में देश का डूबा है अभिमान बूँद से प्यासा हर किसान बूँद सरकारों का फरमान बूँद की राजनीति पर देखों डूब रहा है हर इंसान. कड़ी धूप हो या हो शीतकाल, हल चलाकर न होता बेहाल. रिमझिम करता होगा सवेरा, इसी आस में न रोकता चाल. खेती बाड़ी में जुटाता ईमान, महान पुरूष हैं, है वो किसान. छोटे-छोटे से बीज बोता, वही एक बड़ा खेत होता. जिसकी दरकार होती उसे, बोकर उसे वह तभी सोता. खेतो का कण-कण हैं जिसकी जान, महान पुरूष है, है वो किसान. Kisan Par Kavita  हो विष्णु तुम धरा के, हल सुदर्शन तुम्हार !! बिना शेष-शैया के ही, होता दर्शन तुम्हारा !! पत्थर को पूजने वाले, क्या समझेंगे मोल तेरा !! माँ भारती के ज्येष्ठ सुत, तुमको नमन हमारा !!! लिखता मैं किसान के लिए मैं लिखता इंसान के लिए नहीं लिखता धनवान के लिए नहीं लिखता मैं भगवान के लिए लिखता खेत खलियान के लिए लिखता मैं किसान के लिए नहीं लिखता उद्योगों के लिए नहीं लिखता ऊँचे मकान के लिए लिखता हूँ सड़कों के लिए लिखता मैं इंसान के लिए क़लम मेरी बदलाव बड़े नहीं लाई नहीं उम्मीद इसकी मुझे खेत खलियान में बीज ये बो दे सड़क का एक गढ्ढा भर देती ये काफ़ी इंसान के लिए लिखता हूँ किसान के लिए लिखता मैं इंसान के लिए आशा नहीं मुझे जगत पढ़े पर जगत का एक पथिक पढ़े फिर लाए क्रांति इस समाज के लिए इसलिए लिखता मैं दबे-कुचलों के लिए पिछड़े भारत से ज़्यादा भूखे भारत से डरता हूँ फिर हरित क्रांति पर लिखता हूँ फिर किसान पर लिखता हूँ क्योंकि लिखता मैं किसान के लिए लिखता मै इंसान के लिए किसान की दुर्दशा पर कविता साथ ही देखें भारतीय किसान पर निबंध संस्कृत में, भारतीय किसान पर निबंध लिखे, किसान पर निबंध हिंदी में, किसान पर निबंध इन हिंदी, भारत किसान पर निबंध, किसान पर कविता हिंदी में, किसान पर आधारित कविता, किसान पर कविता राजस्थानी, किसानों पर कविताएं का सम्पूर्ण कलेक्शन| जय भारतीय किसान तुमने कभी नहीं किया विश्राम हर दिन तुमने किया है काम सेहत पर अपने दो तुम ध्यान जय भारतीय किसान. अपना मेहनत लगा के रूखी सूखी रोटी खा के उगा रहे हो तुम अब धान जय भारतीय किसान. परिश्रम से बेटों को पढ़ाया मेहनत का उनको पाठ सिखाया लगाने के लिए नौकरी उनको किसी ने नहीं दिया ध्यान जय भारतीय किसान. सभी के लिए तुमने घर बनाए अपने परिवार को झोपडी में सुलाए तुमको मिला नही अच्छा मकान जय भारतीय किसान. लोकगीत को गा के सबके सोए भाग जगा के उगा रहे हो तुम अब धान जय भारतीय किसान. बंजर सी धरती से सोना उगाने का माद्दा रखता हूँ, पर अपने हक़ की लड़ाई लड़ने से डरता हूँ. ये सूखा, ये रेगिस्तान, सुखी हुई फसल को देखता हूँ, न दीखता कोई रास्ता तभी आत्महत्या करता हूँ . उड़ाते हैं मखौल मेरा ये सरकारी कामकाज , बन के रह गया हूँ राजनीती का मोहरा आज . क्या मध्य प्रदेश क्या महाराष्ट्र , तमिलनाडु से लेकर सौराष्ट्र , मरते हुए अन्नदाता की कहानी बनता, मै किसान हूँ ! साल भर करूँ मै मेहनत, ऊगाता हूँ दाना , ऐसी कमाई क्या जो बिकता बहार रुपया पर मिलता चार आना. न माफ़ कर सकूंगा, वो संगठन वो दल, राजनीती चमकाते बस अपनी, यहाँ बर्बाद होती फसल. डूबा हुआ हूँ कर में , क्या ब्याज क्या असल, उन्हें खिलाने को उगाया दाना, पर होगया मेरी ही जमीं से बेदखल. बहुत गीत बने बहुत लेख छपे की मै महान हूँ, पर दुर्दशा न देखी मेरी किसी ने, ऐसा मैं किसान हूँ ! लहलहाती फसलों वाले खेत अब सिर्फ सनीमा में होते हैं, असलियत तो ये है की हम खुद ही एक-एक दाने को रोते हैं."



किसान पर कविता – Kisan par Kavita in Hindi – Bhartiya Kisan Par Kavita – Poem on Farmer

Homepage

Hindi Lekh

kavita



किसान वर्ग हमारे देश का सबसे महत्वपूर्ण वर्ग है| यह हमारे अन्न दाता है| इनकी मेहनत और परिश्रम के वजह से हम सब 2 वक्त का खाना खा पा रहे है| भारत में अजा के समय में हर साल लगभग 3 से लेकर चार हजार किसान आत्महत्या कर लेते है| इस दुखद घटनाओ की वजह अनाज के बदले काम रकम मिलना, बारिश न आना, आदि है| आज के समय में भी भारत के किसानो को वो लाभ नहीं मिल पाए है जिसके वे हकदार है| आज के इस पोस्ट में हम आपको जय जवान जय किसान पर कविता, किसान पर कविता इन हिंदी, किसान पर हिन्दी कविता, किसान आत्महत्या पर कविता, किसान पर हिंदी कविता, गरीब किसान पर कविता, किसान दिवस पर कविता, इन मराठी, हिंदी, इंग्लिश, बांग्ला, गुजराती, तमिल, तेलगु, आदि की जानकारी देंगे जिसे आप अपने स्कूल कविता प्रतियोगिता, कार्यक्रम या भाषण प्रतियोगिता में प्रयोग कर सकते है| ये कविता खासकर कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 ,10, 11, 12 और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए दिए गए है|

भारतीय किसान पर कविता

अक्सर class 1, class 2, class 3, class 4, class 5, class 6, class 7, class 8, class 9, class 10, class 11, class 12 के बच्चो को कहा जाता है किसान पर कविता पर कविता लिखें|आइये अब हम आपको किसान की मेहनत पर कविता, खेती पर कविता, किसानों पर कविता, किसान par kavita, भारतीय किसान पर निबंध इन हिंदी, किसान पर छोटी कविता, भारत के किसान पर निबंध, किसानों की दुर्दशा पर कविता, किसान पर शायरी, किसान आंदोलन पर कविता, किसान के दर्द पर कविता, किसान पर कविताएं, किसान की बदहाली पर कविता, किसान और जवान पर कविता आदि की जानकारी देंगे जिसे आप whatsapp, facebook व instagram पर अपने groups में share कर सकते हैं|

बूँद बूँद को तरसे जीवन,
बूँद से तड़पा हर किसान
बूँद नही हैं कही यहाँ पर
गद्दी चढ़े बैठे हैवान.
बूँद मिली तो हो वरदान
बूँद से तरसा हैं किसान
बूँद नही तो इस बादल में
देश का डूबा है अभिमान
बूँद से प्यासा हर किसान
बूँद सरकारों का फरमान
बूँद की राजनीति पर देखों
डूब रहा है हर इंसान.

कड़ी धूप हो या हो शीतकाल,
हल चलाकर न होता बेहाल.
रिमझिम करता होगा सवेरा,
इसी आस में न रोकता चाल.
खेती बाड़ी में जुटाता ईमान,
महान पुरूष हैं, है वो किसान.

छोटे-छोटे से बीज बोता,
वही एक बड़ा खेत होता.
जिसकी दरकार होती उसे,
बोकर उसे वह तभी सोता.
खेतो का कण-कण हैं जिसकी जान,
महान पुरूष है, है वो किसान.

Kisan Par Kavita



हो विष्णु तुम धरा के,
हल सुदर्शन तुम्हार !!
बिना शेष-शैया के ही,
होता दर्शन तुम्हारा !!
पत्थर को पूजने वाले,
क्या समझेंगे मोल तेरा !!
माँ भारती के ज्येष्ठ सुत,
तुमको नमन हमारा !!!

लिखता मैं किसान के लिए
मैं लिखता इंसान के लिए
नहीं लिखता धनवान के लिए
नहीं लिखता मैं भगवान के लिए
लिखता खेत खलियान के लिए
लिखता मैं किसान के लिए
नहीं लिखता उद्योगों के लिए
नहीं लिखता ऊँचे मकान के लिए
लिखता हूँ सड़कों के लिए
लिखता मैं इंसान के लिए
क़लम मेरी बदलाव बड़े नहीं लाई
नहीं उम्मीद इसकी मुझे
खेत खलियान में बीज ये बो दे
सड़क का एक गढ्ढा भर देती
ये काफ़ी इंसान के लिए
लिखता हूँ किसान के लिए
लिखता मैं इंसान के लिए
आशा नहीं मुझे जगत पढ़े
पर जगत का एक पथिक पढ़े
फिर लाए क्रांति इस समाज के लिए
इसलिए लिखता मैं दबे-कुचलों के लिए
पिछड़े भारत से ज़्यादा
भूखे भारत से डरता हूँ
फिर हरित क्रांति पर लिखता हूँ
फिर किसान पर लिखता हूँ
क्योंकि
लिखता मैं किसान के लिए
लिखता मै इंसान के लिए

किसान की दुर्दशा पर कविता

साथ ही देखें भारतीय किसान पर निबंध संस्कृत में, भारतीय किसान पर निबंध लिखे, किसान पर निबंध हिंदी में, किसान पर निबंध इन हिंदी, भारत किसान पर निबंध, किसान पर कविता हिंदी में, किसान पर आधारित कविता, किसान पर कविता राजस्थानी, किसानों पर कविताएं का सम्पूर्ण कलेक्शन|

जय भारतीय किसान
तुमने कभी नहीं किया विश्राम
हर दिन तुमने किया है काम
सेहत पर अपने दो तुम ध्यान
जय भारतीय किसान.

अपना मेहनत लगा के
रूखी सूखी रोटी खा के
उगा रहे हो तुम अब धान
जय भारतीय किसान.

परिश्रम से बेटों को पढ़ाया
मेहनत का उनको पाठ सिखाया
लगाने के लिए नौकरी उनको
किसी ने नहीं दिया ध्यान
जय भारतीय किसान.

सभी के लिए तुमने घर बनाए
अपने परिवार को झोपडी में सुलाए
तुमको मिला नही अच्छा मकान
जय भारतीय किसान.

लोकगीत को गा के
सबके सोए भाग जगा के
उगा रहे हो तुम अब धान
जय भारतीय किसान.
बंजर सी धरती से सोना उगाने का माद्दा रखता हूँ,
पर अपने हक़ की लड़ाई लड़ने से डरता हूँ.
ये सूखा, ये रेगिस्तान, सुखी हुई फसल को देखता हूँ,
न दीखता कोई रास्ता तभी आत्महत्या करता हूँ .
उड़ाते हैं मखौल मेरा ये सरकारी कामकाज ,
बन के रह गया हूँ राजनीती का मोहरा आज .
क्या मध्य प्रदेश क्या महाराष्ट्र , तमिलनाडु से लेकर सौराष्ट्र ,
मरते हुए अन्नदाता की कहानी बनता, मै किसान हूँ !
साल भर करूँ मै मेहनत, ऊगाता हूँ दाना ,
ऐसी कमाई क्या जो बिकता बहार रुपया पर मिलता चार आना.
न माफ़ कर सकूंगा, वो संगठन वो दल,
राजनीती चमकाते बस अपनी, यहाँ बर्बाद होती फसल.
डूबा हुआ हूँ कर में , क्या ब्याज क्या असल,
उन्हें खिलाने को उगाया दाना, पर होगया मेरी ही जमीं से बेदखल.
बहुत गीत बने बहुत लेख छपे की मै महान हूँ,
पर दुर्दशा न देखी मेरी किसी ने, ऐसा मैं किसान हूँ !
लहलहाती फसलों वाले खेत अब सिर्फ सनीमा में होते हैं,
असलियत तो ये है की हम खुद ही एक-एक दाने को रोते हैं.

#MeraShehar

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और archu .....वो बस मुस्कुरा देती हौले से ...जिसे जो समझना हो समझे ...
दिन , हफ्तों और फ़िर महीने में बदल गए ....K और archu ऐसे तो सब से बात करते पर एक दूजे से नही ...बस आँखों से करते गुफ़्तगू ... जब देर हो जाती किसी को ...आँखे बयां कर देती उनकी बेचैनी...किसी लड़की से बातें करते दिख जाता कही ....K ....कोचिंग या बाहर ....archu की आँखे जता देती नाराज़गी ...और K उसे पसंद नही आता कभी किसी और से ज़्यादा घुलना archu का , उसे खोने का डर लगता उसे ...बोल नही पाता archu से ...बस अपना डर , फ़िक्र छुपता उससे और नज़रंदाज़ करने लगता archu को .....काफ़ी वक्त बीत गया यूं ही दोनो बेकरार थे एक दूजे से बस एक दफ़ा बात करने के लिए पर पहल कौन करें ....कभी कोशिश भी करते सामने आने पर हिम्मत ज़वाब दें देती ....K के दोस्तो को मालूम था ....अगर इनकार हुआ K बरदाश्त नही कर पाएगा शायद ...archu के frnds .भी फिक्रमंद थे उसके लिए ....की क्या होगा अगर K ने मना कर दिया वो झेल नही पाएगी शायद बच्ची ही तो हैं अभी समझ कहां उसे इतनी ...ना का मतलब उस शब्द का दर्द ....
फ़िर ....क़िस्मत मेहरबान हुई थोड़ी दोनो की ....उनकी class में कुछ काम शुरू हुआ ..और उन्हें दूसरी class में शिफ्ट होना पढ़ा ...यहां सिंगल बैंच नही थे ....डबल वाले थे ...सब class देखते ही ख़ुश हुए बहुत अब अपनी gf ...bf ...का ज़्यादा साथ होगा ...मज़ा आयेगा अब ...पर दो थे वहां थोड़े buddu से ...जिन्हें फ़िक्र हो rhi थी की अब देखेंगे कैसे एकदूसरे को ....साथ कोई और होगा उसके मज़ा नही आएगा बिल्कुल ....सब अपनी जगह ले चुके थे ...archu भी अपनी fix जगह पर थी , उसके साथ कोई नही था या यूं कहे कोई चाहता ही नही था की archu के साथ कोई और हो उस दिन ....K ...फंस चुका था आज़ उसकी नही बाक़ी लोगो की चलनी थी ...उसे कोई अपने साथ जगह देने को राजी ही नही था ....सर के कदमों की आहट हुई और K ने झट से अपनी book और डायरी archu के बैंच पर रख दी ...और आ गया वही जहां होना था उसे ...आज और हमेशा ....archu ने सोचा नही था की ऐसा कुछ होगा ...वो बैंच पर कुछ लिख रही थी ..उसका सारा ध्यान वहीं था ...उसने देखा ही नही की कौन हैं ...K ने देखा ये और उसे अचानक कुछ याद आया वो अपनी book , डायरी वहीं छोड़ बाहर निकल गया class से बाहर सर थे किसी से बात कर रहे थे K ने उन्हें अनदेखा कर दिया और तेज़ी से अपनी class में गया सीधे archu की बैंच के पास ..उसने देखा सारी बैंच पर शायरीयाँ और K का नाम लिखा था कोई जगह शायद ही बची हो जहां कुछ ना लिखा हो ...K को archu पर गुस्सा आया इतने दिनो से क्या पागलो की तरह कर री ...बता नही सकती थी love me ...बेवकूफ़ लड़की ...
और इधर archu इतना अच्छा मौका कैसे जाने देती ... K जब class से गया उसका ध्यान हटा ...उसने देखा एक डायरी हैं बैंच पर ...बेतक़ल्लुफ़ उसने खोल ली ...और ...लगभग हर पन्ने के कोने पे उसका नाम लिखा था ....छोटा सा और सबसे आख़री पन्ने पर love you ....archu ...शरमा गईं जैसे वो ..यही तो वो चहती थी हमेशा ...पर ....उसने कहा क्यूं नही ....? कुछ मिनट में K आ गया और सर भी K कुछ नाराज़ सा था ...class ख़त्म हुई सर के जाने के बाद K class के बाहर चला गया ....archu भी उसे बात जो करनी थी K से ...और claas समझ गईं थी कुछ तो होगा अब ....पर archu ..K के सामने जाते ही धड़कनें बढ़ गईं ...और लब काँपने लगे बस K से नज़रे मिली और सारा होश जोश ग़ायब ..बिन कुछ कहे class में आ गईं पर बेचैनी थी बहुत आज़ ...बिना कुछ सोचे उसने अपना बैग उठाया और class से बाहर निकल गईं ...K ने सोचा क्या क्या नाटक अब कहां जा री हैं ....और वो पीछे चल दिया ...archu रूक ....कोचिंग से बाहर आने पर उसने कहा ....archu ruk गईं ...बस धक धक होने लगा दोनो के दिलों में ....जैसे जैसे K पास आ rha था archu और K भी बस सम्भाल rhe थे अपनी धड़कनों को ...khi शोर ना मचा दें आज़ ...और जैसे ही K पास आया और कुछ कहता ...archu ने अपनी एक उँगली उसके लबों पर रखी की कुछ नही कहना ....और K ने आँखों से पूछा क्या हुआ ....archu ने kha आँखे बंद करों ....और K ने अपने हाथों से कर ली ...बिल्कुल वैसे जैसे pic में हैं ...और कहा ...मुझे सारी ज़िन्दगी सुबह की चाय के साथ तुमसे गुफ़्तगू करनी हैं ....करोगे ?
और आज .. दोनो साथ हैं ...एक दूजे के पास ...ताउम्र करना गुफ़्तगू हैं दोनो को स्वीकार ....
#nojotophoto #Love story #Hindi

18 Love

archu 12th में थी ...कोचिंग का पहला दिन ...सारे पुराने दोस्त ...वो जिनके साथ archu अभी पढ़ rhi थी और वो भी जिन्होने school chng.कर दी थी ...बेहद ख़ुश थे सभी आज काफ़ी वक्त बाद सबसे मुलाक़ात हुई थी .class में लगभग सभी पहचान के थे ..हाँ कुछ चेहरे थे नये ..अजनबी , पर उनकी किसे फ़िक्र थी सभी अपने में मस्त थे ...archu की जगह fix होती थी हमेशा सभी को मालूम था ....फर्स्ट बैंच ...साईड वाली ....पिछे से ठीक से दिखाई नही देता था उसे ....सभी ने अपनी जगह ले ली ....पहला दिन था सबका परिचय हुआ ....सभी एक दूसरे को जानते थे सिवाए तीन लड़को के ...तीनो अच्छे dost थे ....और इन्ही में से एक है ......K .....
सारे स्टूडेंट्स class में आ चुके थे सिवाए एक के (वो ही archu अपनी ही दुनिया में मस्त)..सर भी आ गये maths वाले ...सबसे बेकार सा सब्जेक्ट था archu के लिए ...पर मज़बूरी भी होती हैं ना पढ़ना ही पड़ता हैं ....सर के आने के बाद ...
सर sry हम आ जाए ...archu
कहां भटक रहें थे मैडम जी ....सर
कुछ नही सर पानी पीने गये थे ...archu और सारी class हंस पड़ी ।
कम से कम बहाने तो बदल दिया कर ..किसी की आवाज़ आई पीछे से ...सर को भी हंसी आ गईं ..चल अंदर आ ...और archu आ गईं ..उसने देखा उसकी जगह पे कोई और बैठा हैं अनजान सा ...वो सोचने लगी क्या करें ...अरे विराजिये मैडम ...सर ने कहा ...सर ..वो कुछ कहती उससे पहले ही उसकी frnd ...ने उससे अपने साथ बैठने के लिये कहा ....archu के पास विकल्प नही था , फ़िर परिचय दिया सबने ...अपना नाम और school बताया बस ....सर ने class से जाने से पहले कहा आज़ ...पढ़ाई नही करते कल से करेंगे जिसको जाना हो वापस जा सकता हैं पर girls मुझे बता कर जाएंगी ...अब सर नही थे class में तो सब शेर ही थे ....boys देखने लगे की कोई दिख जाए ढंग ..और girls भी यही सोच री थी ....और हमारी archu ...उसका ध्यान अपनी बैंच पर था ....वो लड़का कुछ देर अपने दोस्तो से बात करके class से निकलने लगा तभी ....
रुको जोर से archu ने कहा ....वो class के बाहर रूक गया ....
सुनिए ज़नाब K...आप हमारी बैंच पर ना बैठे कल से ....
वरना ....K ने बीच में ही कहा ...archu को बहुत गुस्सा आया .....
कल देख लेना ......or archu चली गईं class के अंदर ...
दूसरे दिन K को आने में देर हो गईं या archu जल्दी आ गईं ...archu अपनी जगह पे थी ...और K कुछ पीछे ....archu को ख़ामोश rhna नही आता था ... सर class को आने में थोड़ा वक्त था ....archu बात करने के लिए पीछे पलटी और उसकी नज़रे टकराई K की नज़रों से ....उसने अनदेखा कर दिया उसे और नज़रे फ़ेर ली ...अपनी frnd ...S ....से बातें करने लगी ...पर नज़रे बार बार टकराती K से और अंदर ही अंदर दोनो की बेचैनी बढ़ती जाती .....फ़िर ये रोज़ का सिलसिला बन गया ...archu और K की जगह fix हो गईं थी ...class में ....नज़रों में ..जब भी वक्त मिलता वो नज़रों से गुफ़्तगू किया करते ....और लब ख़ामोश रहतें ...
क्रमशः .....
©dilsere
#nojotophoto

17 Love

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Hindi kavita | nojoto open mic Gorakhpur 1

12 Love
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LoVe bY mIsTaKe
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Only_an_imagination_ #njotohindi
OnLy_an_iMaGiNaTio.N

❤LoVe bY mIsTaKe
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Pyar bhi kitna ajeeb tarike se hota hai 😅

❤ Jab me class 9th me tha ❣that day was my first day in class 9th
But I was very sad kuch din ese hi bitate gye kuch naye
Freinds bante gaye 😄 ese hi chalte raha doston ke saath
Maje masti kuch shaitani ya 😂😂
Lekin me padai ke samay hamesha serious rehta tha 😐
Mera favourite subject science the aur hai 😂
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Aur ek din achanak kuch aisa hua
Hum logo ke class ke bagal me class 8th ka class tha
Us din un logo ke class teacher absent the
Aur hamare class mathematics ka lecture chal raha tha
Class 8th ki ladkon ladkiyon ko punishment mili un logo ko
Class ke bahar khada kar diya 😂😂 lekin student to apni
Pagalpanti 😂😂 chodte nhi vo chahe class ke andar ho ya class ke
Bahar aur kuch aisa hi yenha hua
Ladkiyon ko ek row me khada karwa diya
Thik hamare class ke samne vo saari ladkiyan khadi hai
Aur ladke unke row ke bagal me khade hai
Aur hum log apne lecture par concentrate kiye the
And specially I was topper in my class 🤔
Vo ek kahawat hai na andha me kana raja 😂😂😂😂
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OYe sach me mat samajh lena kana raja 😂😂😂 really I was topper
In my class.
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Ha to ladkiyan khadi thi hun logo ke class ke samne
Tabhi hum logo ke class me se ek ladke ki nazar gyi
Ek ladki par 😉😉 usne turant mujhe bulaya aur kaha
"Vo dhek tujhe dhek rahi hai"mene kaha pagal hai kya tu 😂😂
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Aap log to jante Hi honge a sab school me common hai 😂😂
Ek baar meri nazar achanak padi bahar ladkiyon par 😉😉
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Tarif karoon kya uski such a beautiful girl standing on my front my
Class door meri to nazar hi nahi hati uski taraf se she was very
Cute 😍😍😘
Me dekhte raha dekhte raha 😂😂 lekin usne ek baar bhi
Meri taraf nhi dekha 😂😂 mene bahot koshish ki
Uski nazar meri taraf aaye 😂😂 lekin sayad khuda ko manzoor nhi tha
A 😍😘
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Tabhi mere pass ek dusara offer aaya 😘
Thik uske pichhe wali ladki mere taraf dekhi
Omg a to usase bhi zyada cute thi I was flat, 😎😘
Thoda thoda dekhne lagi mujhe vo
Me bhi dekh hi raha tha usko, 😘
Aese hi karte karte hum dono ne bahot der tak ek dusare ko
Dekha us din man khush ho gya 😃😅
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Us samay aakhri class ka aakhri period chal raha tha
Vo kehte hai na 2 logo ke bich me 3 tang aadane wala hota hay
Thik wahi yenha hua tab tak chutti ho gyi 😔😔
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Chutti hote hi mene apna sabse pehle bag uthaya aur bahar
Us ladki ke liye
Jab tak me bahar aata tab tak vo gayab 😔😔
Me sochne laga kaha chali gyi yrr
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Phir mujhe pata chala ki vo school bas se aati hai school
Next day
Bahoot hi jldi ready hua school jane ke liye
Uniform bilkul professional ki tarah pehna
Aur school aaya usi ko sochte sochte
Tab tak school bus aa hi gyi
Lekin so sad vo nhi aayi us din 😔😔
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.NeXt_pAgE_wiLL_AvAiLabLe_sOoN.........


©_&@π|)€€p

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" किसान पर कविता – Kisan par Kavita in Hindi – Bhartiya Kisan Par Kavita – Poem on Farmer Homepage Hindi Lekh kavita  किसान वर्ग हमारे देश का सबसे महत्वपूर्ण वर्ग है| यह हमारे अन्न दाता है| इनकी मेहनत और परिश्रम के वजह से हम सब 2 वक्त का खाना खा पा रहे है| भारत में अजा के समय में हर साल लगभग 3 से लेकर चार हजार किसान आत्महत्या कर लेते है| इस दुखद घटनाओ की वजह अनाज के बदले काम रकम मिलना, बारिश न आना, आदि है| आज के समय में भी भारत के किसानो को वो लाभ नहीं मिल पाए है जिसके वे हकदार है| आज के इस पोस्ट में हम आपको जय जवान जय किसान पर कविता, किसान पर कविता इन हिंदी, किसान पर हिन्दी कविता, किसान आत्महत्या पर कविता, किसान पर हिंदी कविता, गरीब किसान पर कविता, किसान दिवस पर कविता, इन मराठी, हिंदी, इंग्लिश, बांग्ला, गुजराती, तमिल, तेलगु, आदि की जानकारी देंगे जिसे आप अपने स्कूल कविता प्रतियोगिता, कार्यक्रम या भाषण प्रतियोगिता में प्रयोग कर सकते है| ये कविता खासकर कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 ,10, 11, 12 और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए दिए गए है| भारतीय किसान पर कविता अक्सर class 1, class 2, class 3, class 4, class 5, class 6, class 7, class 8, class 9, class 10, class 11, class 12 के बच्चो को कहा जाता है किसान पर कविता पर कविता लिखें|आइये अब हम आपको किसान की मेहनत पर कविता, खेती पर कविता, किसानों पर कविता, किसान par kavita, भारतीय किसान पर निबंध इन हिंदी, किसान पर छोटी कविता, भारत के किसान पर निबंध, किसानों की दुर्दशा पर कविता, किसान पर शायरी, किसान आंदोलन पर कविता, किसान के दर्द पर कविता, किसान पर कविताएं, किसान की बदहाली पर कविता, किसान और जवान पर कविता आदि की जानकारी देंगे जिसे आप whatsapp, facebook व instagram पर अपने groups में share कर सकते हैं| बूँद बूँद को तरसे जीवन, बूँद से तड़पा हर किसान बूँद नही हैं कही यहाँ पर गद्दी चढ़े बैठे हैवान. बूँद मिली तो हो वरदान बूँद से तरसा हैं किसान बूँद नही तो इस बादल में देश का डूबा है अभिमान बूँद से प्यासा हर किसान बूँद सरकारों का फरमान बूँद की राजनीति पर देखों डूब रहा है हर इंसान. कड़ी धूप हो या हो शीतकाल, हल चलाकर न होता बेहाल. रिमझिम करता होगा सवेरा, इसी आस में न रोकता चाल. खेती बाड़ी में जुटाता ईमान, महान पुरूष हैं, है वो किसान. छोटे-छोटे से बीज बोता, वही एक बड़ा खेत होता. जिसकी दरकार होती उसे, बोकर उसे वह तभी सोता. खेतो का कण-कण हैं जिसकी जान, महान पुरूष है, है वो किसान. Kisan Par Kavita  हो विष्णु तुम धरा के, हल सुदर्शन तुम्हार !! बिना शेष-शैया के ही, होता दर्शन तुम्हारा !! पत्थर को पूजने वाले, क्या समझेंगे मोल तेरा !! माँ भारती के ज्येष्ठ सुत, तुमको नमन हमारा !!! लिखता मैं किसान के लिए मैं लिखता इंसान के लिए नहीं लिखता धनवान के लिए नहीं लिखता मैं भगवान के लिए लिखता खेत खलियान के लिए लिखता मैं किसान के लिए नहीं लिखता उद्योगों के लिए नहीं लिखता ऊँचे मकान के लिए लिखता हूँ सड़कों के लिए लिखता मैं इंसान के लिए क़लम मेरी बदलाव बड़े नहीं लाई नहीं उम्मीद इसकी मुझे खेत खलियान में बीज ये बो दे सड़क का एक गढ्ढा भर देती ये काफ़ी इंसान के लिए लिखता हूँ किसान के लिए लिखता मैं इंसान के लिए आशा नहीं मुझे जगत पढ़े पर जगत का एक पथिक पढ़े फिर लाए क्रांति इस समाज के लिए इसलिए लिखता मैं दबे-कुचलों के लिए पिछड़े भारत से ज़्यादा भूखे भारत से डरता हूँ फिर हरित क्रांति पर लिखता हूँ फिर किसान पर लिखता हूँ क्योंकि लिखता मैं किसान के लिए लिखता मै इंसान के लिए किसान की दुर्दशा पर कविता साथ ही देखें भारतीय किसान पर निबंध संस्कृत में, भारतीय किसान पर निबंध लिखे, किसान पर निबंध हिंदी में, किसान पर निबंध इन हिंदी, भारत किसान पर निबंध, किसान पर कविता हिंदी में, किसान पर आधारित कविता, किसान पर कविता राजस्थानी, किसानों पर कविताएं का सम्पूर्ण कलेक्शन| जय भारतीय किसान तुमने कभी नहीं किया विश्राम हर दिन तुमने किया है काम सेहत पर अपने दो तुम ध्यान जय भारतीय किसान. अपना मेहनत लगा के रूखी सूखी रोटी खा के उगा रहे हो तुम अब धान जय भारतीय किसान. परिश्रम से बेटों को पढ़ाया मेहनत का उनको पाठ सिखाया लगाने के लिए नौकरी उनको किसी ने नहीं दिया ध्यान जय भारतीय किसान. सभी के लिए तुमने घर बनाए अपने परिवार को झोपडी में सुलाए तुमको मिला नही अच्छा मकान जय भारतीय किसान. लोकगीत को गा के सबके सोए भाग जगा के उगा रहे हो तुम अब धान जय भारतीय किसान. बंजर सी धरती से सोना उगाने का माद्दा रखता हूँ, पर अपने हक़ की लड़ाई लड़ने से डरता हूँ. ये सूखा, ये रेगिस्तान, सुखी हुई फसल को देखता हूँ, न दीखता कोई रास्ता तभी आत्महत्या करता हूँ . उड़ाते हैं मखौल मेरा ये सरकारी कामकाज , बन के रह गया हूँ राजनीती का मोहरा आज . क्या मध्य प्रदेश क्या महाराष्ट्र , तमिलनाडु से लेकर सौराष्ट्र , मरते हुए अन्नदाता की कहानी बनता, मै किसान हूँ ! साल भर करूँ मै मेहनत, ऊगाता हूँ दाना , ऐसी कमाई क्या जो बिकता बहार रुपया पर मिलता चार आना. न माफ़ कर सकूंगा, वो संगठन वो दल, राजनीती चमकाते बस अपनी, यहाँ बर्बाद होती फसल. डूबा हुआ हूँ कर में , क्या ब्याज क्या असल, उन्हें खिलाने को उगाया दाना, पर होगया मेरी ही जमीं से बेदखल. बहुत गीत बने बहुत लेख छपे की मै महान हूँ, पर दुर्दशा न देखी मेरी किसी ने, ऐसा मैं किसान हूँ ! लहलहाती फसलों वाले खेत अब सिर्फ सनीमा में होते हैं, असलियत तो ये है की हम खुद ही एक-एक दाने को रोते हैं."



किसान पर कविता – Kisan par Kavita in Hindi – Bhartiya Kisan Par Kavita – Poem on Farmer

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Hindi Lekh

kavita



किसान वर्ग हमारे देश का सबसे महत्वपूर्ण वर्ग है| यह हमारे अन्न दाता है| इनकी मेहनत और परिश्रम के वजह से हम सब 2 वक्त का खाना खा पा रहे है| भारत में अजा के समय में हर साल लगभग 3 से लेकर चार हजार किसान आत्महत्या कर लेते है| इस दुखद घटनाओ की वजह अनाज के बदले काम रकम मिलना, बारिश न आना, आदि है| आज के समय में भी भारत के किसानो को वो लाभ नहीं मिल पाए है जिसके वे हकदार है| आज के इस पोस्ट में हम आपको जय जवान जय किसान पर कविता, किसान पर कविता इन हिंदी, किसान पर हिन्दी कविता, किसान आत्महत्या पर कविता, किसान पर हिंदी कविता, गरीब किसान पर कविता, किसान दिवस पर कविता, इन मराठी, हिंदी, इंग्लिश, बांग्ला, गुजराती, तमिल, तेलगु, आदि की जानकारी देंगे जिसे आप अपने स्कूल कविता प्रतियोगिता, कार्यक्रम या भाषण प्रतियोगिता में प्रयोग कर सकते है| ये कविता खासकर कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 ,10, 11, 12 और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए दिए गए है|

भारतीय किसान पर कविता

अक्सर class 1, class 2, class 3, class 4, class 5, class 6, class 7, class 8, class 9, class 10, class 11, class 12 के बच्चो को कहा जाता है किसान पर कविता पर कविता लिखें|आइये अब हम आपको किसान की मेहनत पर कविता, खेती पर कविता, किसानों पर कविता, किसान par kavita, भारतीय किसान पर निबंध इन हिंदी, किसान पर छोटी कविता, भारत के किसान पर निबंध, किसानों की दुर्दशा पर कविता, किसान पर शायरी, किसान आंदोलन पर कविता, किसान के दर्द पर कविता, किसान पर कविताएं, किसान की बदहाली पर कविता, किसान और जवान पर कविता आदि की जानकारी देंगे जिसे आप whatsapp, facebook व instagram पर अपने groups में share कर सकते हैं|

बूँद बूँद को तरसे जीवन,
बूँद से तड़पा हर किसान
बूँद नही हैं कही यहाँ पर
गद्दी चढ़े बैठे हैवान.
बूँद मिली तो हो वरदान
बूँद से तरसा हैं किसान
बूँद नही तो इस बादल में
देश का डूबा है अभिमान
बूँद से प्यासा हर किसान
बूँद सरकारों का फरमान
बूँद की राजनीति पर देखों
डूब रहा है हर इंसान.

कड़ी धूप हो या हो शीतकाल,
हल चलाकर न होता बेहाल.
रिमझिम करता होगा सवेरा,
इसी आस में न रोकता चाल.
खेती बाड़ी में जुटाता ईमान,
महान पुरूष हैं, है वो किसान.

छोटे-छोटे से बीज बोता,
वही एक बड़ा खेत होता.
जिसकी दरकार होती उसे,
बोकर उसे वह तभी सोता.
खेतो का कण-कण हैं जिसकी जान,
महान पुरूष है, है वो किसान.

Kisan Par Kavita



हो विष्णु तुम धरा के,
हल सुदर्शन तुम्हार !!
बिना शेष-शैया के ही,
होता दर्शन तुम्हारा !!
पत्थर को पूजने वाले,
क्या समझेंगे मोल तेरा !!
माँ भारती के ज्येष्ठ सुत,
तुमको नमन हमारा !!!

लिखता मैं किसान के लिए
मैं लिखता इंसान के लिए
नहीं लिखता धनवान के लिए
नहीं लिखता मैं भगवान के लिए
लिखता खेत खलियान के लिए
लिखता मैं किसान के लिए
नहीं लिखता उद्योगों के लिए
नहीं लिखता ऊँचे मकान के लिए
लिखता हूँ सड़कों के लिए
लिखता मैं इंसान के लिए
क़लम मेरी बदलाव बड़े नहीं लाई
नहीं उम्मीद इसकी मुझे
खेत खलियान में बीज ये बो दे
सड़क का एक गढ्ढा भर देती
ये काफ़ी इंसान के लिए
लिखता हूँ किसान के लिए
लिखता मैं इंसान के लिए
आशा नहीं मुझे जगत पढ़े
पर जगत का एक पथिक पढ़े
फिर लाए क्रांति इस समाज के लिए
इसलिए लिखता मैं दबे-कुचलों के लिए
पिछड़े भारत से ज़्यादा
भूखे भारत से डरता हूँ
फिर हरित क्रांति पर लिखता हूँ
फिर किसान पर लिखता हूँ
क्योंकि
लिखता मैं किसान के लिए
लिखता मै इंसान के लिए

किसान की दुर्दशा पर कविता

साथ ही देखें भारतीय किसान पर निबंध संस्कृत में, भारतीय किसान पर निबंध लिखे, किसान पर निबंध हिंदी में, किसान पर निबंध इन हिंदी, भारत किसान पर निबंध, किसान पर कविता हिंदी में, किसान पर आधारित कविता, किसान पर कविता राजस्थानी, किसानों पर कविताएं का सम्पूर्ण कलेक्शन|

जय भारतीय किसान
तुमने कभी नहीं किया विश्राम
हर दिन तुमने किया है काम
सेहत पर अपने दो तुम ध्यान
जय भारतीय किसान.

अपना मेहनत लगा के
रूखी सूखी रोटी खा के
उगा रहे हो तुम अब धान
जय भारतीय किसान.

परिश्रम से बेटों को पढ़ाया
मेहनत का उनको पाठ सिखाया
लगाने के लिए नौकरी उनको
किसी ने नहीं दिया ध्यान
जय भारतीय किसान.

सभी के लिए तुमने घर बनाए
अपने परिवार को झोपडी में सुलाए
तुमको मिला नही अच्छा मकान
जय भारतीय किसान.

लोकगीत को गा के
सबके सोए भाग जगा के
उगा रहे हो तुम अब धान
जय भारतीय किसान.
बंजर सी धरती से सोना उगाने का माद्दा रखता हूँ,
पर अपने हक़ की लड़ाई लड़ने से डरता हूँ.
ये सूखा, ये रेगिस्तान, सुखी हुई फसल को देखता हूँ,
न दीखता कोई रास्ता तभी आत्महत्या करता हूँ .
उड़ाते हैं मखौल मेरा ये सरकारी कामकाज ,
बन के रह गया हूँ राजनीती का मोहरा आज .
क्या मध्य प्रदेश क्या महाराष्ट्र , तमिलनाडु से लेकर सौराष्ट्र ,
मरते हुए अन्नदाता की कहानी बनता, मै किसान हूँ !
साल भर करूँ मै मेहनत, ऊगाता हूँ दाना ,
ऐसी कमाई क्या जो बिकता बहार रुपया पर मिलता चार आना.
न माफ़ कर सकूंगा, वो संगठन वो दल,
राजनीती चमकाते बस अपनी, यहाँ बर्बाद होती फसल.
डूबा हुआ हूँ कर में , क्या ब्याज क्या असल,
उन्हें खिलाने को उगाया दाना, पर होगया मेरी ही जमीं से बेदखल.
बहुत गीत बने बहुत लेख छपे की मै महान हूँ,
पर दुर्दशा न देखी मेरी किसी ने, ऐसा मैं किसान हूँ !
लहलहाती फसलों वाले खेत अब सिर्फ सनीमा में होते हैं,
असलियत तो ये है की हम खुद ही एक-एक दाने को रोते हैं.

#MeraShehar

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और archu .....वो बस मुस्कुरा देती हौले से ...जिसे जो समझना हो समझे ...
दिन , हफ्तों और फ़िर महीने में बदल गए ....K और archu ऐसे तो सब से बात करते पर एक दूजे से नही ...बस आँखों से करते गुफ़्तगू ... जब देर हो जाती किसी को ...आँखे बयां कर देती उनकी बेचैनी...किसी लड़की से बातें करते दिख जाता कही ....K ....कोचिंग या बाहर ....archu की आँखे जता देती नाराज़गी ...और K उसे पसंद नही आता कभी किसी और से ज़्यादा घुलना archu का , उसे खोने का डर लगता उसे ...बोल नही पाता archu से ...बस अपना डर , फ़िक्र छुपता उससे और नज़रंदाज़ करने लगता archu को .....काफ़ी वक्त बीत गया यूं ही दोनो बेकरार थे एक दूजे से बस एक दफ़ा बात करने के लिए पर पहल कौन करें ....कभी कोशिश भी करते सामने आने पर हिम्मत ज़वाब दें देती ....K के दोस्तो को मालूम था ....अगर इनकार हुआ K बरदाश्त नही कर पाएगा शायद ...archu के frnds .भी फिक्रमंद थे उसके लिए ....की क्या होगा अगर K ने मना कर दिया वो झेल नही पाएगी शायद बच्ची ही तो हैं अभी समझ कहां उसे इतनी ...ना का मतलब उस शब्द का दर्द ....
फ़िर ....क़िस्मत मेहरबान हुई थोड़ी दोनो की ....उनकी class में कुछ काम शुरू हुआ ..और उन्हें दूसरी class में शिफ्ट होना पढ़ा ...यहां सिंगल बैंच नही थे ....डबल वाले थे ...सब class देखते ही ख़ुश हुए बहुत अब अपनी gf ...bf ...का ज़्यादा साथ होगा ...मज़ा आयेगा अब ...पर दो थे वहां थोड़े buddu से ...जिन्हें फ़िक्र हो rhi थी की अब देखेंगे कैसे एकदूसरे को ....साथ कोई और होगा उसके मज़ा नही आएगा बिल्कुल ....सब अपनी जगह ले चुके थे ...archu भी अपनी fix जगह पर थी , उसके साथ कोई नही था या यूं कहे कोई चाहता ही नही था की archu के साथ कोई और हो उस दिन ....K ...फंस चुका था आज़ उसकी नही बाक़ी लोगो की चलनी थी ...उसे कोई अपने साथ जगह देने को राजी ही नही था ....सर के कदमों की आहट हुई और K ने झट से अपनी book और डायरी archu के बैंच पर रख दी ...और आ गया वही जहां होना था उसे ...आज और हमेशा ....archu ने सोचा नही था की ऐसा कुछ होगा ...वो बैंच पर कुछ लिख रही थी ..उसका सारा ध्यान वहीं था ...उसने देखा ही नही की कौन हैं ...K ने देखा ये और उसे अचानक कुछ याद आया वो अपनी book , डायरी वहीं छोड़ बाहर निकल गया class से बाहर सर थे किसी से बात कर रहे थे K ने उन्हें अनदेखा कर दिया और तेज़ी से अपनी class में गया सीधे archu की बैंच के पास ..उसने देखा सारी बैंच पर शायरीयाँ और K का नाम लिखा था कोई जगह शायद ही बची हो जहां कुछ ना लिखा हो ...K को archu पर गुस्सा आया इतने दिनो से क्या पागलो की तरह कर री ...बता नही सकती थी love me ...बेवकूफ़ लड़की ...
और इधर archu इतना अच्छा मौका कैसे जाने देती ... K जब class से गया उसका ध्यान हटा ...उसने देखा एक डायरी हैं बैंच पर ...बेतक़ल्लुफ़ उसने खोल ली ...और ...लगभग हर पन्ने के कोने पे उसका नाम लिखा था ....छोटा सा और सबसे आख़री पन्ने पर love you ....archu ...शरमा गईं जैसे वो ..यही तो वो चहती थी हमेशा ...पर ....उसने कहा क्यूं नही ....? कुछ मिनट में K आ गया और सर भी K कुछ नाराज़ सा था ...class ख़त्म हुई सर के जाने के बाद K class के बाहर चला गया ....archu भी उसे बात जो करनी थी K से ...और claas समझ गईं थी कुछ तो होगा अब ....पर archu ..K के सामने जाते ही धड़कनें बढ़ गईं ...और लब काँपने लगे बस K से नज़रे मिली और सारा होश जोश ग़ायब ..बिन कुछ कहे class में आ गईं पर बेचैनी थी बहुत आज़ ...बिना कुछ सोचे उसने अपना बैग उठाया और class से बाहर निकल गईं ...K ने सोचा क्या क्या नाटक अब कहां जा री हैं ....और वो पीछे चल दिया ...archu रूक ....कोचिंग से बाहर आने पर उसने कहा ....archu ruk गईं ...बस धक धक होने लगा दोनो के दिलों में ....जैसे जैसे K पास आ rha था archu और K भी बस सम्भाल rhe थे अपनी धड़कनों को ...khi शोर ना मचा दें आज़ ...और जैसे ही K पास आया और कुछ कहता ...archu ने अपनी एक उँगली उसके लबों पर रखी की कुछ नही कहना ....और K ने आँखों से पूछा क्या हुआ ....archu ने kha आँखे बंद करों ....और K ने अपने हाथों से कर ली ...बिल्कुल वैसे जैसे pic में हैं ...और कहा ...मुझे सारी ज़िन्दगी सुबह की चाय के साथ तुमसे गुफ़्तगू करनी हैं ....करोगे ?
और आज .. दोनो साथ हैं ...एक दूजे के पास ...ताउम्र करना गुफ़्तगू हैं दोनो को स्वीकार ....
#nojotophoto #Love story #Hindi

18 Love

archu 12th में थी ...कोचिंग का पहला दिन ...सारे पुराने दोस्त ...वो जिनके साथ archu अभी पढ़ rhi थी और वो भी जिन्होने school chng.कर दी थी ...बेहद ख़ुश थे सभी आज काफ़ी वक्त बाद सबसे मुलाक़ात हुई थी .class में लगभग सभी पहचान के थे ..हाँ कुछ चेहरे थे नये ..अजनबी , पर उनकी किसे फ़िक्र थी सभी अपने में मस्त थे ...archu की जगह fix होती थी हमेशा सभी को मालूम था ....फर्स्ट बैंच ...साईड वाली ....पिछे से ठीक से दिखाई नही देता था उसे ....सभी ने अपनी जगह ले ली ....पहला दिन था सबका परिचय हुआ ....सभी एक दूसरे को जानते थे सिवाए तीन लड़को के ...तीनो अच्छे dost थे ....और इन्ही में से एक है ......K .....
सारे स्टूडेंट्स class में आ चुके थे सिवाए एक के (वो ही archu अपनी ही दुनिया में मस्त)..सर भी आ गये maths वाले ...सबसे बेकार सा सब्जेक्ट था archu के लिए ...पर मज़बूरी भी होती हैं ना पढ़ना ही पड़ता हैं ....सर के आने के बाद ...
सर sry हम आ जाए ...archu
कहां भटक रहें थे मैडम जी ....सर
कुछ नही सर पानी पीने गये थे ...archu और सारी class हंस पड़ी ।
कम से कम बहाने तो बदल दिया कर ..किसी की आवाज़ आई पीछे से ...सर को भी हंसी आ गईं ..चल अंदर आ ...और archu आ गईं ..उसने देखा उसकी जगह पे कोई और बैठा हैं अनजान सा ...वो सोचने लगी क्या करें ...अरे विराजिये मैडम ...सर ने कहा ...सर ..वो कुछ कहती उससे पहले ही उसकी frnd ...ने उससे अपने साथ बैठने के लिये कहा ....archu के पास विकल्प नही था , फ़िर परिचय दिया सबने ...अपना नाम और school बताया बस ....सर ने class से जाने से पहले कहा आज़ ...पढ़ाई नही करते कल से करेंगे जिसको जाना हो वापस जा सकता हैं पर girls मुझे बता कर जाएंगी ...अब सर नही थे class में तो सब शेर ही थे ....boys देखने लगे की कोई दिख जाए ढंग ..और girls भी यही सोच री थी ....और हमारी archu ...उसका ध्यान अपनी बैंच पर था ....वो लड़का कुछ देर अपने दोस्तो से बात करके class से निकलने लगा तभी ....
रुको जोर से archu ने कहा ....वो class के बाहर रूक गया ....
सुनिए ज़नाब K...आप हमारी बैंच पर ना बैठे कल से ....
वरना ....K ने बीच में ही कहा ...archu को बहुत गुस्सा आया .....
कल देख लेना ......or archu चली गईं class के अंदर ...
दूसरे दिन K को आने में देर हो गईं या archu जल्दी आ गईं ...archu अपनी जगह पे थी ...और K कुछ पीछे ....archu को ख़ामोश rhna नही आता था ... सर class को आने में थोड़ा वक्त था ....archu बात करने के लिए पीछे पलटी और उसकी नज़रे टकराई K की नज़रों से ....उसने अनदेखा कर दिया उसे और नज़रे फ़ेर ली ...अपनी frnd ...S ....से बातें करने लगी ...पर नज़रे बार बार टकराती K से और अंदर ही अंदर दोनो की बेचैनी बढ़ती जाती .....फ़िर ये रोज़ का सिलसिला बन गया ...archu और K की जगह fix हो गईं थी ...class में ....नज़रों में ..जब भी वक्त मिलता वो नज़रों से गुफ़्तगू किया करते ....और लब ख़ामोश रहतें ...
क्रमशः .....
©dilsere
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