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White कही ताजी हवा मिले तो भर लूं अपनी सास एक नाजुक दिल की टूट गई हे आश हम कभी उनके फरिश्ते थे आज उनके हमारे साथ कोई रिश्ता नहीं. वेस्टर्न जमाना हे साहेब काम खत्म बात खत्म । ©Rk सड़ा हुआ दिल
सड़ा हुआ दिल
read morePoonam
कहते हैं ! "अतिथि आदर के भागी होते हैं" इसलिए मेरी चौखट पर जब भी सुख आए मैने हंस कर अभिवादन किया है और जब दुख आए तब भी, सहजता से उसे निभा कर विदा किया है... परिस्थितियां चाहे जो भी हो मै अपने चरित्र में अपनी भूमिका निभाती चली हूं.... मुझमें ये एक विश्वास हमेशा दृढ़ रहा है.... ईश्वर सब देख रहा है....!!! ©Poonam #rain #सुख #दुख #life #poonam_Singh
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read moreSr Amar Babu
Unsplash बहुत याद आता है तेरे साथ गुजारा हुआ वक्त, ©Sr Amar Babu #lovelife बहुत याद आता है तेरे साथ गुजारा हुआ बक्त, शायरी दर्द शेरो शायरी शायरी
#lovelife बहुत याद आता है तेरे साथ गुजारा हुआ बक्त, शायरी दर्द शेरो शायरी शायरी
read moreChanchal Chaturvedi
a-person-standing-on-a-beach-at-sunset मुझे ऐसा लगता है कि दुःख का हमारी ज़िंदगी के साथ वैसा ही रिश्ता है, जैसे की माता पिता द्वारा करवाई गई एक ऐसी शादी जो आपकी मर्ज़ी के ख़िलाफ़ कराई गई हो| लेकिन वक़्त गुज़रने के साथ ना चाहते हुए भी हमे उस हमसफ़र की आदत हो जाती है| जिसे हम अपनी ज़िंदगी से अलग नहीं कर पाते..| दुःख भी ज़िंदगी में ऐसे ही आता है| हम कभी नहीं चाहते वो हमारी ज़िंदगी में आये| मगर वो एक अनचाहे हमसफ़र की तरह आता है|हमारी आदतों में शामिल हो चुका होता है और इस तरह हममें घुल चुका होता है जैसे दुःख केे बिना जीना हमने कभी सिखा ही ना हो| ©Chanchal Chaturvedi #दुख #Chanchal_mann #Life #quaotes #thought #Nojoto positive life quotes
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read moreParasram Arora
green-leaves एक अरसा हुआ उनसे मुलाक़ात हुये आज अचानक वे सामने हैँ लेकिन आवाज़ मेरी थरथराई हैँ और आँख भी भर आई हैँ ©Parasram Arora एक अरसा हुआ
एक अरसा हुआ
read moreShashi Bhushan Mishra
a-person-standing-on-a-beach-at-sunset आदत से मज़बूर हुआ, गिरा तो चकनाचूर हुआ, प्रेम की संकरी गलियों में, ख़ुद से कितना दूर हुआ, गफ़लत में फुंसी समझा, बढ़ा तो फ़िर नासूर हुआ, जिस घर में था अंधियारा, जला दीप पुरनूर हुआ, चढ़ा नशा जब भक्ति का, आठों याम सुरूर हुआ, मंज़िल मिली मुसाफ़िर से, ग़म दिल से क़ाफूर हुआ, देख घटाओं की शोखी, 'गुंजन' हृदय मयूर हुआ, -शशि भूषण मिश्र 'गुंजन' प्रयागराज उ०प्र० ©Shashi Bhushan Mishra #'गुंजन' हृदय मयूर हुआ#
#'गुंजन' हृदय मयूर हुआ#
read moreकौशल ~
White कभी जो कोई पुरुष रोये तुम्हारे आगे तो भर लेना बांहो में और संभाल लेना उन्हें। क्योंकि... ये रोये है तो केवल माँ के आगे... दुसरा उस स्त्री के आगे जिस पर ये भरोसा था की वो समझेगी। बिना कुछ सवाल किये उन्हें थपकाते रहना... और आंचल से पूंछना उनके अश्रु ये जो बह रहा है वो लाचारी नही... ये तो दर्द है सफलता असफलता का, तानों का, अकेलेपन का, जोर से रोने का, कई बार...बिखरने का और अंततः वो रोना चाहते है दर्द को कहना चाहते है कि दर्द हुआ है सीने में। जो छुपाए रखा फिजूल में समाज के भय से कोई ये न कहे की मर्द को दर्द नही होता । शायद! ये परिभाषा उसे कभी ठीक नहीं लगी क्योंकि वो पत्थर नहीं है जो महसूस न हो उसे दर्द की बेहद!!! कौशल्या मौसलपुरी जोधपुर ©कौशल ~ #Sad_Status रोता हुआ पुरुष
#Sad_Status रोता हुआ पुरुष
read moreParasram Arora
Unsplash एक जलते बुझते दीये क़ी तरह होता हैँ सुख दुख आदमी के हर परिवार का ये वैसे ही हैँ जैसे तेल और बाती जरुरी होती हैँ दीये क़ी जिंदगी के लिए ©Parasram Arora सूझ दुख
सूझ दुख
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