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Bura Na Mano Holi Hai
Holi - An interesting Indian festival - which is celebrated on different dates as per English Calendar and I 
cannot officially bookmark it to  a particular date because Hindu calendar doesn't run on a normal English calendar. It has some other, very deep logic for putting dates/days etc. 

Today - People come together, burn some wood, eat some sweet - because "Holika" who supposedly was blessed that she can't be burnt by fire, sat in the fire alo

4 Love

"holi h bhai holi h. koi ghum rha sukha h. or kisi ki bheegi hui choli h .. holi h bhai holi h koi daale paani thanda koi daale gulaal shor sharaba itna h galiyo me macha hua h bawal. zidd pr addi h kuch bhabi tab hi kundi kholungi paani wala pkka rang mat dalna lga lena sirf gulaal jese jese m bolungi. na na bhabi aj toh holi h.. holi h.. jyada nai sirf do choti choti packet rang ki paani me gholii h . aj toh holi h bhabi kiu darti sharmaati ho. bahar kiu ni aati ho.. saal me aik hi baar toh aata h aj bin bhigoye rha nahi jata h. sabka yhi swaal.. chote se lekar bade tak lage h rang lgaane m aj nahi kisi ko kisi ki umar ka khayal.. #NojotoQuote"

holi h bhai holi h.
koi ghum rha sukha h.
or kisi ki bheegi hui choli h ..
holi h bhai holi h
koi daale paani thanda koi daale gulaal 
shor sharaba itna h galiyo me
 macha hua h bawal.
 zidd pr addi h kuch bhabi tab hi kundi kholungi paani wala pkka rang mat dalna lga lena sirf 
gulaal jese jese m bolungi.
na na bhabi aj toh holi h..
holi h..
 jyada nai sirf do choti choti packet rang ki paani me gholii h .
aj toh holi h 
bhabi kiu darti sharmaati ho.
bahar kiu ni aati ho..
saal me  aik hi baar toh aata h
aj bin bhigoye rha nahi jata h.  sabka yhi swaal..
 chote se lekar bade tak lage h rang lgaane m
aj nahi kisi ko  kisi ki umar ka khayal..
 #NojotoQuote

Holi h Bhai Holi h

7 Love

"इत्तु से पैग़ाम मेरी ज़िंदगी के नाम। #kalakaksh #nosuicide #story #kahani #nojoto #nojotohindi जरा सुनये एक पते की बात,कहानी नहीं हकीकत हैं मेरे साथ। कुछ 2,3 साल पूरी बात हैं, जिंदगी जी रहा था खुलकर मैं। सभी के दिलों पर राज करता था,सभी अपनों के मुख से तारीफ़े अपनी सुना था। तब सब को मेरा नाम पता था अजय पर कोई ये नहीं जानता था कि ये वो ही अजय हैं जिसकी हम तारीफ़े करते नहीं थकते। कॉलेज का आखरी साल था तब घर में था कोई ,जो भगवान को प्यारा हो गया। महीने तक पता ना था कि जिंदगी कैसे चले रही हैं। किसी तरह ख़ुद को संभाल कर ,हिम्मत की, ज़िंदगी पहले की तरह जीने लगा। चर्चे हर तरह होने लगें थे मेरे, ज़िन्दगी अच्छी चल रही थी। कॉलेज का आखरी साल खत्म होने वाला था exam सर पर थे। exam से एक महीने पहले अचानक आँखों में दर्द होने लगा,इतना जो सहन नहीं होता था। जब भी थोड़ी सी रोशनी आँखों पर पड़ती ,पानी गंगा की तरह बहने लगता था। तब बस मुझे अंधेरे से प्यार हो गया,रोशनी मुझे बहुत सताती। दवाईयाँ हज़ार खा ली पर इत्तु सा भी आराम नहीं, जब तक दवाई का असर है तब तक ठीक, असर खत्म होती ही फिर पहले जैसा। ऐसा मेरे साथ दो महीने चलता रहा। ऐसी बीच मैंने exam भी दिया,तब मुझे होश नहीं ,कुछ पता नहीं की मैं हूँ कहाँ। Exam देनी जाता थी तब ये भी याद नहीं होता थी कि मैं जा कहाँ रहा हूँ और कहाँ पहुँच गया। किसी तरह exam दिये, exam के 1 महीने बाद मेरी आँखें ख़ुद ठीक हो गयी,जैसे कुछ हुआ ही ना हो। जब result आया तो देखा कि मेरा एक paper रहा गया। अब एक साल क्या करूँगा? ना जाने कैसे कैसे सवाल आये। एक दम सब से मिलना छूट गया,सारा दिन घर रहने लगा। तब मैंने paper rechecking का form fill किया था। क्योंकि मुझे पक्का पता था कि मेरी re नहीं आ सकती। Paper recheck में clear हो जायेगा। एक एक पल एक एक दिन की तरह गुजर रहा था,मानो ज़िन्दगी रुक गयी। मैं depression में चल गया। मुझे बस ये था कि घर बंध कर नहीं रहना हैं ,करना हैं कुछ बड़ा। पर कैसे? तब मुझे choching के बारे में पता चला ,मैंने फिर choching पर जाना शुरू किया। वहाँ भी नाम कमाया,मेरी पहचान मेरी कलाकारी थी। जहाँ भी जाता वही मेरी कलाकारी सब को भाटी। Choching पर जाते जाते,re-checking का result आया ,दुबारा पेपर देना होगा। बुरा तो लगा पर ...........................। मैंने फिर कोशिश की ,अच्छे से पेपर की तैयारी की और पेपर दिया। पेपर ऐसा किया थी कि कोई फेल ना कर सकें। Choching मेरी एक साल की पूरी होने वाली थी कि उसे से कुछ समय पहले result आ गया । result फेल। बर्दाश्त नहीं हुआ,ऐसा कैसे हो सकता हैं मैं shok, प्रोफेसर shok, parents shok. सभी ऐसा हो ही नहीं सकता, मैंने पेपर निकलवाया। एक महीने के बाद पेपर आया तो देखा कि पेपर सारा सारी ठीक हैं ।check करने वाले ने बिना गलती के no. कम दे रहे है इतना ही नही आधे पेपर में no. नहीं दिया। तब भी मैंने कोशिश करना नहीं छोड़ा, कोशिश करता रहा। मैंने अपने सभी प्रोफेसरो को दिखाया। सब की अलग अलग बात थी, कुछ ने कहा इसने कुछ नहीं होगा पेपर की दुबारा तैयारी करो, कुछ ने कहा कि कई बार टीचर सारे no. एक में दे देते हैं। इन्हीं सब बातों में 15 दिन निकल गया । किसी ने कोई help नहीं की। माने तब फिर से re-check के form fill कर दिया। जब re-checking का result आया तो फिर से re। मैं यूनिवर्सिटी गया पापा के साथ ,कई दिनों तक चक्कर लगते रहे। यूनिवर्सिटी में मैंने अपना paper सभी को दिखाया, पर वहाँ सब की बोलती बंद थी। बड़े से बड़े प्रोफेसर को दिखाया सब ने कहा ये पास हैं आराम से । जानबुझ कर फेल कर रखा हैं ।इन दिनों मैं इतना टूट गया कि कई बार मरने की कोशिश की,road पर चलते चलते ना जाने कितने बार ऐसा करना चाहा। पर mind में बस एक बात थी कि अगर मैंने आज ऐसा किया तो मेरे माँ-बाप का क्या होगा। मैंने कोर्ट केस करना चाहता तो यूनिवर्सिटी वालो ने फाइल दबा दी कहा अब टाइम ज्यादा हो गया, हमनें पहले का सारा रिकॉर्ड खत्म कर दिया। ये बात मई 2017 की है। हर तरह हाथ पैर मारने के बाद भी वही खड़ा था जहाँ पहले खड़ा था। इस के बाद मैं इतना टूट गया था की एक एक पल- एक एक दिन की तरह जा रहा था,फिर एक एक week की तरह ,फिर एक एक month की तरह। बस मुझे इतना याद रहता थी कि आज मंगलवार हैं आज शनिवार हैं मुझे मंदिर जाना हैं बस इससे ज्यादा कुछ नहीं। ऐसी बीच एक लड़की भी आए थी मेरी लाइफ में । जो कहती थी कि मैं तुम से प्यार करती हूँ तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकती हूँ। उस लड़की ने मेरे करिब आकर मुझे इतना पागल कर दिया थी ,ऐसा कर दिया थी कि मुझे ये लगने लगा था कि अब ऐसी से शादी होगी। पर नियति को कुछ और ही मंजूर था। नवंबर 2017 को मैंने फिर से exam दिया। इस बार मैंने पहले ही सभी प्रोफेसर को बोल दिया था कि ये पेपर अब आप को clear करवाना है। उन्होंने मेरा पूरी मद्दत की। तब भी मुझे होश नहीं रहता था motivational video हजारों देखी कोई फर्क नहीं पड़ता था। इन्हीं दिनों के बीच मैंने mom-dad को कई बार बोला कि मुझे अब नही जीना हैं ,मुझे मार दो। गुस्से में ना जाने कितने बार कहा। फ़िर एक दिन मैंने yayah bhoot wala की poem सुनी अच्छी लगी , मुझे उसे बारे में सब जाना हैं सारी poem सुनी bt मुझे कुछ और भी चाहते था, सुनते सुनते एक दिन मैंने झुमके वाली की poem सुनी । मुझे इतनी अच्छी लगी कि download कर ली। तब मुझे इस लड़की के बारे में सब जाना था। तब मुझे nojoto के बारे में पता चल और मैंने nojoto डाउनलोड कर लिया। ये बात dec.2017 की हैं। तब कई बार मैं कॉलेज जाता हैं मेरे प्रोफेसर उन्मेष मिश्रा सर और राजल मैम ने मुझे हिम्मत दी कुछ नया शुरु करने की महीने भर के बाद हिम्मत कर के जनवरी में मैंने illusion art bnana start किया। एक के बाद एक art बनाता गया। और झुमके वाली की हर बात मेरे खुश रहने की वजह बने लगी थी। उस वक़्त मैंने अपनी खुशी और अपना दर्द लिखा। मेरे हर दर्द पर मरहम का काम सत्यप्रेम सर ने किया। मेरी हर nojoto स्टोर जो मैं फेसबुक पर add करता था तब हमेशा msg कर तारिफ करते थे। और मैं sir को कहता ये सच हैं। खुद को संभाल ही लिया था कि मुझे पता कि मैं जिस पर आँख बंद कर के विश्वास कर रहा था ,जिससे मैं शादी करना चाहता था उसने ही मुझे धोखा दिया। ये बात मुझे पता चली, सब अपनी आँखों से देखा 12 feb.2018 को । दिल करा की अभी इसको मार दूँ, दो चार थप्पड़ लगाऊ। बहुत ज्यादा गुस्सा आया था पर मैंने ख़ुद को संभाला ,उस वहीँ छोड़ दिया ,कुछ नही कहा उसे। जो हुआ वो सब मैंने अपने खास friends को बताई उन्होंने उसे बात की तब भी अपनी गलती ना देख कर, मुझे ग़लत और खुद को सही बनाने लगी और मेरे दोस्तों के सामने मेरे हजार कमियां इस तरह गिनवाए जैसे मैं किसी का खून किया हो,किसी का बलात्कार किया हो। तब दोस्त ने बस एक बात कही मुझे ये की वो तेरे लायक नहीं। मैं खुद को सम्भाल नहीं पा रहा था। 14 feb.2018 को ही मैंने इस बारे में मैंने अपनी राजल mam से बात की जो हिंदी department की h.o.d हैं। उन्होंने मेरा Brain wosh किया। तब याद तो मिट गई पर feeling मुझे बहुत सताती थी। तब मेरी help सत्यप्रेम sir, love भाई और अनुष्का मैम ने की। उसका दिया सब कुछ खत्म कर दिया। पर जनवरी से ही धीरे धीरे मेरे खुश रहने की वजह झुमके वाली बने लगी थी। 15 feb 2018 से लगातार झुमके वाली पर लिखता रहा और साथ illusion art बनाता रहा। march में होली वाले दिन पहले बार मेरी मेरी झुमके वाली से बात हुई।उस दिन मैं बहुत खुश था। अपनी खुशी हर तरह बाँट रहा था। किसी तरह मैं ठीक हुआ। nojoto family का साथ मिला। पर किस्मत कुछ और चाहती था। exam का result आया फिर से re आई। फिर से पेपर निकलवाने हैं, फिर से सब को दिखाया,फिर से paper दुबारा चेक के लिए form fill किया । बस अब result का इंतज़ार हैं। आज भी लड़ रहा हूँ क़िस्मत से, देखना है कब देगी ये क़िस्मत साथ मेरा।"

इत्तु से पैग़ाम मेरी ज़िंदगी के नाम।

#kalakaksh #nosuicide #story #kahani #nojoto #nojotohindi 

जरा सुनये एक पते की बात,कहानी नहीं हकीकत हैं मेरे साथ।
कुछ 2,3 साल पूरी बात हैं, जिंदगी जी रहा था खुलकर मैं।
सभी के दिलों पर राज करता था,सभी अपनों के मुख से तारीफ़े अपनी सुना था।
तब सब को मेरा नाम पता था अजय पर कोई ये नहीं जानता था कि ये वो ही अजय हैं जिसकी हम तारीफ़े करते नहीं थकते।
कॉलेज का आखरी साल था तब घर में था कोई ,जो भगवान को प्यारा हो गया। महीने  तक पता ना था कि जिंदगी कैसे चले रही हैं। किसी तरह ख़ुद को संभाल कर ,हिम्मत  की, ज़िंदगी पहले की तरह जीने लगा।
चर्चे हर तरह होने लगें थे मेरे, ज़िन्दगी अच्छी चल रही थी। कॉलेज का आखरी साल खत्म होने वाला था exam सर पर थे। exam से एक महीने पहले अचानक आँखों में दर्द होने लगा,इतना जो सहन नहीं होता था। जब भी थोड़ी सी रोशनी आँखों पर पड़ती ,पानी गंगा की तरह बहने लगता था।
तब बस मुझे अंधेरे से प्यार हो गया,रोशनी मुझे बहुत सताती।
दवाईयाँ हज़ार खा ली पर इत्तु सा भी आराम नहीं, जब तक दवाई का असर है तब तक ठीक, असर खत्म होती ही फिर पहले जैसा।
ऐसा मेरे साथ दो महीने चलता रहा।
ऐसी बीच मैंने exam भी दिया,तब मुझे होश नहीं ,कुछ पता नहीं की मैं हूँ कहाँ।
Exam देनी जाता थी तब ये भी याद नहीं होता थी कि मैं जा कहाँ रहा हूँ और कहाँ पहुँच गया।
किसी तरह exam दिये, exam के 1 महीने बाद मेरी आँखें ख़ुद ठीक हो गयी,जैसे कुछ हुआ ही ना हो।


जब result आया तो देखा कि मेरा एक paper रहा गया। अब एक साल क्या करूँगा? ना जाने कैसे कैसे सवाल आये। एक दम सब से मिलना छूट गया,सारा दिन घर रहने लगा।

तब मैंने paper rechecking का form fill किया था। क्योंकि मुझे पक्का पता था कि मेरी re नहीं आ सकती।
Paper recheck में clear हो जायेगा। एक एक पल एक एक दिन की तरह गुजर रहा था,मानो ज़िन्दगी रुक गयी।   मैं depression में चल गया। मुझे बस ये था कि घर बंध कर नहीं रहना हैं ,करना हैं कुछ बड़ा। पर कैसे?
तब मुझे choching के बारे में पता चला ,मैंने फिर choching पर जाना शुरू किया। वहाँ भी नाम कमाया,मेरी पहचान मेरी कलाकारी थी। जहाँ भी जाता वही मेरी कलाकारी  सब को भाटी।
Choching पर जाते जाते,re-checking का result आया ,दुबारा पेपर देना होगा। बुरा तो लगा पर ...........................।


मैंने फिर कोशिश की ,अच्छे से पेपर की तैयारी की और  पेपर दिया। पेपर ऐसा किया थी कि कोई फेल ना कर सकें।

Choching मेरी एक साल की पूरी होने वाली थी कि उसे से कुछ समय पहले result आ गया । result फेल।
बर्दाश्त नहीं हुआ,ऐसा कैसे हो सकता हैं मैं shok, प्रोफेसर shok, parents shok. सभी ऐसा हो ही नहीं सकता, मैंने पेपर निकलवाया। एक महीने के बाद पेपर आया तो देखा कि पेपर सारा सारी ठीक हैं ।check करने वाले ने बिना गलती के no. कम दे रहे है इतना ही नही आधे पेपर में no. नहीं दिया।  तब भी मैंने कोशिश करना नहीं छोड़ा, कोशिश करता रहा।

मैंने अपने सभी प्रोफेसरो को दिखाया। सब की अलग अलग बात थी, कुछ ने कहा इसने कुछ नहीं होगा पेपर की दुबारा तैयारी करो, कुछ ने कहा कि कई बार टीचर सारे no. एक में दे देते हैं। इन्हीं सब बातों में 15 दिन निकल गया । किसी ने कोई help नहीं की। 

माने तब फिर से re-check के form fill कर दिया। जब re-checking का result आया तो फिर से re। मैं यूनिवर्सिटी गया पापा के साथ ,कई दिनों तक चक्कर लगते रहे। यूनिवर्सिटी में मैंने अपना paper सभी को दिखाया, पर वहाँ सब की बोलती बंद थी। बड़े से बड़े प्रोफेसर को दिखाया सब ने कहा ये पास हैं आराम से ।
जानबुझ कर फेल कर रखा हैं ।इन दिनों मैं इतना टूट गया कि कई बार मरने की कोशिश की,road पर चलते चलते ना जाने कितने बार ऐसा करना चाहा। 
पर
mind में बस एक बात थी कि अगर मैंने आज ऐसा किया तो मेरे माँ-बाप का क्या होगा।
 मैंने कोर्ट केस करना चाहता तो यूनिवर्सिटी वालो ने फाइल दबा दी कहा अब टाइम ज्यादा हो गया, हमनें पहले का सारा रिकॉर्ड खत्म कर दिया।
ये बात मई 2017  की है। हर तरह हाथ पैर मारने के बाद भी वही खड़ा था जहाँ पहले खड़ा था। 
इस के बाद मैं इतना टूट गया था की एक एक पल- एक एक दिन की तरह जा रहा था,फिर एक एक week की तरह ,फिर एक एक month की तरह।
बस मुझे इतना याद रहता थी कि आज मंगलवार हैं आज शनिवार हैं मुझे मंदिर जाना हैं बस इससे ज्यादा कुछ नहीं।
ऐसी बीच एक लड़की भी आए थी मेरी लाइफ में । जो कहती थी कि मैं तुम से प्यार करती हूँ तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकती हूँ। उस लड़की ने मेरे करिब आकर मुझे इतना पागल कर दिया थी ,ऐसा कर दिया थी कि मुझे ये लगने लगा था कि अब ऐसी से शादी होगी। पर नियति को कुछ और ही मंजूर था।


नवंबर 2017 को मैंने फिर से exam दिया। इस बार मैंने पहले ही सभी प्रोफेसर को बोल दिया था कि ये पेपर अब आप को clear करवाना है। उन्होंने मेरा पूरी मद्दत की।  तब भी मुझे होश नहीं रहता था motivational video हजारों देखी कोई फर्क नहीं पड़ता था। इन्हीं दिनों  के बीच मैंने mom-dad को कई बार बोला कि मुझे अब नही जीना हैं ,मुझे मार दो। गुस्से में ना जाने कितने बार कहा। फ़िर एक दिन मैंने yayah bhoot wala की poem सुनी अच्छी लगी , मुझे उसे बारे में सब जाना हैं सारी poem सुनी bt मुझे कुछ और भी चाहते था, सुनते सुनते एक दिन मैंने झुमके वाली की poem सुनी । मुझे इतनी अच्छी लगी कि download कर ली। तब मुझे इस लड़की के बारे में सब जाना था। तब मुझे nojoto के बारे में पता चल और मैंने nojoto डाउनलोड कर लिया। ये बात dec.2017 की हैं।
तब कई बार मैं कॉलेज जाता हैं मेरे प्रोफेसर उन्मेष मिश्रा सर और राजल मैम ने मुझे हिम्मत दी कुछ नया शुरु करने की महीने भर के बाद हिम्मत कर के जनवरी में मैंने illusion art bnana start किया। एक के बाद एक art बनाता गया।
और झुमके वाली की हर बात मेरे खुश रहने की वजह बने लगी थी।
उस वक़्त मैंने अपनी खुशी और अपना दर्द लिखा। मेरे हर दर्द पर मरहम का काम सत्यप्रेम सर ने किया। मेरी हर  nojoto स्टोर जो मैं फेसबुक पर add करता था तब हमेशा msg कर तारिफ करते थे।
और मैं sir को कहता ये सच हैं।
खुद को संभाल ही लिया था कि मुझे पता कि मैं जिस पर आँख बंद कर के विश्वास कर रहा था ,जिससे मैं शादी करना चाहता था उसने ही मुझे धोखा दिया। ये बात मुझे पता चली, सब अपनी आँखों से देखा 12 feb.2018 को । दिल करा की अभी इसको मार दूँ, दो चार थप्पड़ लगाऊ। बहुत ज्यादा गुस्सा आया था पर मैंने ख़ुद को संभाला ,उस वहीँ छोड़ दिया ,कुछ नही कहा उसे। जो हुआ वो सब मैंने अपने खास friends को बताई उन्होंने उसे बात की तब भी अपनी गलती ना देख कर,
मुझे ग़लत और  खुद को सही बनाने लगी और मेरे दोस्तों के सामने मेरे हजार कमियां इस तरह गिनवाए जैसे मैं किसी का खून किया हो,किसी का बलात्कार किया हो। तब दोस्त ने बस एक बात कही मुझे ये की वो तेरे लायक नहीं। मैं खुद को सम्भाल नहीं पा रहा था। 14 feb.2018 को ही मैंने इस बारे में मैंने अपनी राजल mam से बात की जो हिंदी department की h.o.d हैं। उन्होंने मेरा Brain wosh किया। तब याद तो मिट गई पर feeling मुझे बहुत सताती थी।

तब मेरी help सत्यप्रेम sir, love भाई और अनुष्का मैम ने की।
 उसका दिया सब कुछ खत्म कर दिया। पर जनवरी से ही धीरे धीरे मेरे खुश रहने की वजह झुमके वाली बने लगी थी। 15 feb 2018 से लगातार झुमके वाली पर लिखता रहा और साथ illusion art बनाता रहा। march में होली वाले दिन पहले बार मेरी मेरी झुमके वाली से बात हुई।उस दिन मैं बहुत खुश था। अपनी खुशी हर तरह बाँट रहा था। किसी तरह मैं ठीक हुआ। nojoto family का साथ मिला।  पर किस्मत कुछ और चाहती था। exam का result आया फिर से re आई। फिर से पेपर निकलवाने हैं, फिर से सब को दिखाया,फिर से paper दुबारा चेक के लिए form fill किया । बस अब result का इंतज़ार हैं। 
आज भी लड़ रहा हूँ क़िस्मत से, देखना है कब देगी ये क़िस्मत साथ मेरा।

इत्तु से पैग़ाम मेरी ज़िंदगी के नाम।

#kalakaksh #NoSuicide #story #kahani @Nojoto">#@Nojoto @Nojoto">#@Nojotohindi

जरा सुनये एक पते की बात,कहानी नहीं हकीकत हैं मेरे साथ।
कुछ 2,3 साल पूरी बात हैं, जिंदगी जी रहा था खुलकर मैं।
सभी के दिलों पर राज करता था,सभी अपनों के मुख से तारीफ़े अपनी सुना था।
तब सब को मेरा नाम पता था अजय पर कोई ये नहीं जानता था कि ये वो ही अजय हैं जिसकी हम तारीफ़े करते नहीं थकते।

53 Love

"Holi Holi vdhi jandi, thand mithiyee,, ..... Aaja thand mitra Di Vand mithiyee,,...... ............ Vadh Di Hoi thand , Bhaldi ae aag ni,, Ik vari Dhot de tu, Siney lag ni,, thand vich padey, menu thand mithiyee,,... Holi Holi vdhi........ Aaja thand ......... ......... Chardi ae kambni te, ruh kambdi,,, DHot jamjuga jive ni, Barf jamdi,, Kil Vango ho jau, jma jhhand mithiyee,,... Holi Holi vdhi,,..... Aaja thand ........... ................. Haye langh je na sardi, judai banke,,, tu Dhot utte pe ja ni, ni rjai banke,,, tenu ghol ghol pi ja, tu ta khand mithiyee,,.... Holi Holi,..... Aaja thand ,,..... DHot....."

Holi  Holi   vdhi   jandi,
thand  mithiyee,, .....
Aaja  thand   mitra   Di  
Vand   mithiyee,,......
............
Vadh Di   Hoi   thand ,
Bhaldi  ae   aag   ni,,
Ik    vari   Dhot  de  tu,
Siney   lag    ni,,
thand  vich   padey,
menu  thand  mithiyee,,...
Holi  Holi vdhi........
Aaja  thand .........
.........
Chardi   ae  kambni  te,
ruh   kambdi,,,
DHot   jamjuga  jive  ni,
Barf   jamdi,,
Kil   Vango  ho  jau,
jma  jhhand   mithiyee,,...
Holi  Holi vdhi,,.....
Aaja  thand  ...........
.................
Haye  langh  je  na  sardi,
judai   banke,,,
tu  Dhot  utte  pe  ja  ni,
ni   rjai   banke,,,
tenu  ghol  ghol  pi  ja,
tu  ta  khand  mithiyee,,....
Holi  Holi,.....
Aaja  thand ,,.....
        DHot.....

thand .....

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"Thanks and gratitude to Prof Cijo Joseph Chennelil, eminent poet and internationally acclaimed literary critic for his brilliant critical appreciation of my poem'SOMETHING I LOOK AT-44'.Thank you very much sir for your wonderful words Smruti Ranjaniji, Your poem titled"Something I Look at-44"is a poem that is born out of the turbulences faced by the human beings in terms of their lives,the lives we lead here on this earth are filled with ups and downs and ebbs and flows all the way.In this journey of life,we go through many harrowing experiences and we overcome all these nasty experiences using the self-confidence principle inherent within our hearts.The relationship of us with the God Almighty remains always steadfast not because we keep it intact rather he loves us constantly inspite of our sins and shortcomings.The motherly figure in the world works and commits substantially for her son's welfare.Here in the poem,the individual concerned does not harbour any illwill at all at any rate towards anybody rather he/she wishes happiness and satisfaction for one and all.Although there is physical rupture in this relationship,the mental ties are consolidated to the core.Kudos to you for composing such a poem of magnificent nature. Written by Cijo Joseph Chennelil.The Head of the English Department Kristu Jyoti College of Management and Technology Chethipuzha Changanassary Kottayam District Kerala India All Copyrights Reserved@ On 23rd September 2017. SOMETHING I LOOK AT-44 BY-SMRUTI RANJAN MOHANTY So many years of life so many wounds in the heart time has healed some some are still bleeding With a fragile body and feeble heart I am still alive to see you there where I dreamt you to be A son may go wrong a mother can never a mother is a mother for whom nothing but wellbeing of her kids matter With all my wounds I want to live to see your world it's beauty and splendour I may not be there in your world but I will feel it from a distant corner with all my love and tear copyright@smrutiranjan 20.6.2017"

Thanks and gratitude to Prof Cijo Joseph Chennelil, eminent poet and internationally acclaimed literary critic for his brilliant critical appreciation of my poem'SOMETHING I LOOK AT-44'.Thank you very much sir for your wonderful words

Smruti Ranjaniji,

Your poem titled"Something I Look at-44"is a poem that is born out of the turbulences faced by the human beings in terms of their lives,the lives we lead here on this earth are filled with ups and downs and ebbs and flows all the way.In this journey of life,we go through many harrowing experiences and we overcome all these nasty experiences using the self-confidence principle inherent within our hearts.The relationship of us with the God Almighty remains always steadfast not because we keep it intact rather he loves us constantly inspite of our sins and shortcomings.The motherly figure in the world works and commits substantially for her son's welfare.Here in the poem,the individual concerned does not harbour any illwill at all at any rate towards anybody rather he/she wishes happiness and satisfaction for one and all.Although there is physical rupture in this relationship,the mental ties are consolidated to the core.Kudos to you for composing such a poem of magnificent nature.

Written by Cijo Joseph Chennelil.The Head of the English Department Kristu Jyoti College of Management and Technology Chethipuzha Changanassary Kottayam District Kerala India All Copyrights Reserved@ On 23rd September 2017.

SOMETHING I LOOK AT-44
BY-SMRUTI RANJAN MOHANTY

So many years of life
so many wounds in the heart
time has healed some
some are still bleeding

With a fragile body
and feeble heart
I am still alive to see you there
where I dreamt you to be

A son may go wrong
a mother can never
a mother is a mother for whom
nothing but wellbeing of her kids matter

With all my wounds
I want to live
to see your world
it's beauty and splendour

I may not be there in your world
but I will feel it
from a distant corner with
all my love and tear

copyright@smrutiranjan 20.6.2017

#Thanks and gratitude to Prof Cijo Joseph Chennelil, eminent poet and internationally acclaimed literary critic for his brilliant critical appreciation of my poem'SOMETHING I LOOK AT-44'.Thank you very much sir for your wonderful words

Smruti Ranjaniji,

Your poem titled"Something I Look at-44"is a poem that is born out of the turbulences faced by the human beings in terms of their lives,the lives we lead here on this earth are filled with ups and downs and ebbs and flows all the way.In this jo

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Bura Na Mano Holi Hai
Holi - An interesting Indian festival - which is celebrated on different dates as per English Calendar and I 
cannot officially bookmark it to  a particular date because Hindu calendar doesn't run on a normal English calendar. It has some other, very deep logic for putting dates/days etc. 

Today - People come together, burn some wood, eat some sweet - because "Holika" who supposedly was blessed that she can't be burnt by fire, sat in the fire alo

4 Love

"holi h bhai holi h. koi ghum rha sukha h. or kisi ki bheegi hui choli h .. holi h bhai holi h koi daale paani thanda koi daale gulaal shor sharaba itna h galiyo me macha hua h bawal. zidd pr addi h kuch bhabi tab hi kundi kholungi paani wala pkka rang mat dalna lga lena sirf gulaal jese jese m bolungi. na na bhabi aj toh holi h.. holi h.. jyada nai sirf do choti choti packet rang ki paani me gholii h . aj toh holi h bhabi kiu darti sharmaati ho. bahar kiu ni aati ho.. saal me aik hi baar toh aata h aj bin bhigoye rha nahi jata h. sabka yhi swaal.. chote se lekar bade tak lage h rang lgaane m aj nahi kisi ko kisi ki umar ka khayal.. #NojotoQuote"

holi h bhai holi h.
koi ghum rha sukha h.
or kisi ki bheegi hui choli h ..
holi h bhai holi h
koi daale paani thanda koi daale gulaal 
shor sharaba itna h galiyo me
 macha hua h bawal.
 zidd pr addi h kuch bhabi tab hi kundi kholungi paani wala pkka rang mat dalna lga lena sirf 
gulaal jese jese m bolungi.
na na bhabi aj toh holi h..
holi h..
 jyada nai sirf do choti choti packet rang ki paani me gholii h .
aj toh holi h 
bhabi kiu darti sharmaati ho.
bahar kiu ni aati ho..
saal me  aik hi baar toh aata h
aj bin bhigoye rha nahi jata h.  sabka yhi swaal..
 chote se lekar bade tak lage h rang lgaane m
aj nahi kisi ko  kisi ki umar ka khayal..
 #NojotoQuote

Holi h Bhai Holi h

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"इत्तु से पैग़ाम मेरी ज़िंदगी के नाम। #kalakaksh #nosuicide #story #kahani #nojoto #nojotohindi जरा सुनये एक पते की बात,कहानी नहीं हकीकत हैं मेरे साथ। कुछ 2,3 साल पूरी बात हैं, जिंदगी जी रहा था खुलकर मैं। सभी के दिलों पर राज करता था,सभी अपनों के मुख से तारीफ़े अपनी सुना था। तब सब को मेरा नाम पता था अजय पर कोई ये नहीं जानता था कि ये वो ही अजय हैं जिसकी हम तारीफ़े करते नहीं थकते। कॉलेज का आखरी साल था तब घर में था कोई ,जो भगवान को प्यारा हो गया। महीने तक पता ना था कि जिंदगी कैसे चले रही हैं। किसी तरह ख़ुद को संभाल कर ,हिम्मत की, ज़िंदगी पहले की तरह जीने लगा। चर्चे हर तरह होने लगें थे मेरे, ज़िन्दगी अच्छी चल रही थी। कॉलेज का आखरी साल खत्म होने वाला था exam सर पर थे। exam से एक महीने पहले अचानक आँखों में दर्द होने लगा,इतना जो सहन नहीं होता था। जब भी थोड़ी सी रोशनी आँखों पर पड़ती ,पानी गंगा की तरह बहने लगता था। तब बस मुझे अंधेरे से प्यार हो गया,रोशनी मुझे बहुत सताती। दवाईयाँ हज़ार खा ली पर इत्तु सा भी आराम नहीं, जब तक दवाई का असर है तब तक ठीक, असर खत्म होती ही फिर पहले जैसा। ऐसा मेरे साथ दो महीने चलता रहा। ऐसी बीच मैंने exam भी दिया,तब मुझे होश नहीं ,कुछ पता नहीं की मैं हूँ कहाँ। Exam देनी जाता थी तब ये भी याद नहीं होता थी कि मैं जा कहाँ रहा हूँ और कहाँ पहुँच गया। किसी तरह exam दिये, exam के 1 महीने बाद मेरी आँखें ख़ुद ठीक हो गयी,जैसे कुछ हुआ ही ना हो। जब result आया तो देखा कि मेरा एक paper रहा गया। अब एक साल क्या करूँगा? ना जाने कैसे कैसे सवाल आये। एक दम सब से मिलना छूट गया,सारा दिन घर रहने लगा। तब मैंने paper rechecking का form fill किया था। क्योंकि मुझे पक्का पता था कि मेरी re नहीं आ सकती। Paper recheck में clear हो जायेगा। एक एक पल एक एक दिन की तरह गुजर रहा था,मानो ज़िन्दगी रुक गयी। मैं depression में चल गया। मुझे बस ये था कि घर बंध कर नहीं रहना हैं ,करना हैं कुछ बड़ा। पर कैसे? तब मुझे choching के बारे में पता चला ,मैंने फिर choching पर जाना शुरू किया। वहाँ भी नाम कमाया,मेरी पहचान मेरी कलाकारी थी। जहाँ भी जाता वही मेरी कलाकारी सब को भाटी। Choching पर जाते जाते,re-checking का result आया ,दुबारा पेपर देना होगा। बुरा तो लगा पर ...........................। मैंने फिर कोशिश की ,अच्छे से पेपर की तैयारी की और पेपर दिया। पेपर ऐसा किया थी कि कोई फेल ना कर सकें। Choching मेरी एक साल की पूरी होने वाली थी कि उसे से कुछ समय पहले result आ गया । result फेल। बर्दाश्त नहीं हुआ,ऐसा कैसे हो सकता हैं मैं shok, प्रोफेसर shok, parents shok. सभी ऐसा हो ही नहीं सकता, मैंने पेपर निकलवाया। एक महीने के बाद पेपर आया तो देखा कि पेपर सारा सारी ठीक हैं ।check करने वाले ने बिना गलती के no. कम दे रहे है इतना ही नही आधे पेपर में no. नहीं दिया। तब भी मैंने कोशिश करना नहीं छोड़ा, कोशिश करता रहा। मैंने अपने सभी प्रोफेसरो को दिखाया। सब की अलग अलग बात थी, कुछ ने कहा इसने कुछ नहीं होगा पेपर की दुबारा तैयारी करो, कुछ ने कहा कि कई बार टीचर सारे no. एक में दे देते हैं। इन्हीं सब बातों में 15 दिन निकल गया । किसी ने कोई help नहीं की। माने तब फिर से re-check के form fill कर दिया। जब re-checking का result आया तो फिर से re। मैं यूनिवर्सिटी गया पापा के साथ ,कई दिनों तक चक्कर लगते रहे। यूनिवर्सिटी में मैंने अपना paper सभी को दिखाया, पर वहाँ सब की बोलती बंद थी। बड़े से बड़े प्रोफेसर को दिखाया सब ने कहा ये पास हैं आराम से । जानबुझ कर फेल कर रखा हैं ।इन दिनों मैं इतना टूट गया कि कई बार मरने की कोशिश की,road पर चलते चलते ना जाने कितने बार ऐसा करना चाहा। पर mind में बस एक बात थी कि अगर मैंने आज ऐसा किया तो मेरे माँ-बाप का क्या होगा। मैंने कोर्ट केस करना चाहता तो यूनिवर्सिटी वालो ने फाइल दबा दी कहा अब टाइम ज्यादा हो गया, हमनें पहले का सारा रिकॉर्ड खत्म कर दिया। ये बात मई 2017 की है। हर तरह हाथ पैर मारने के बाद भी वही खड़ा था जहाँ पहले खड़ा था। इस के बाद मैं इतना टूट गया था की एक एक पल- एक एक दिन की तरह जा रहा था,फिर एक एक week की तरह ,फिर एक एक month की तरह। बस मुझे इतना याद रहता थी कि आज मंगलवार हैं आज शनिवार हैं मुझे मंदिर जाना हैं बस इससे ज्यादा कुछ नहीं। ऐसी बीच एक लड़की भी आए थी मेरी लाइफ में । जो कहती थी कि मैं तुम से प्यार करती हूँ तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकती हूँ। उस लड़की ने मेरे करिब आकर मुझे इतना पागल कर दिया थी ,ऐसा कर दिया थी कि मुझे ये लगने लगा था कि अब ऐसी से शादी होगी। पर नियति को कुछ और ही मंजूर था। नवंबर 2017 को मैंने फिर से exam दिया। इस बार मैंने पहले ही सभी प्रोफेसर को बोल दिया था कि ये पेपर अब आप को clear करवाना है। उन्होंने मेरा पूरी मद्दत की। तब भी मुझे होश नहीं रहता था motivational video हजारों देखी कोई फर्क नहीं पड़ता था। इन्हीं दिनों के बीच मैंने mom-dad को कई बार बोला कि मुझे अब नही जीना हैं ,मुझे मार दो। गुस्से में ना जाने कितने बार कहा। फ़िर एक दिन मैंने yayah bhoot wala की poem सुनी अच्छी लगी , मुझे उसे बारे में सब जाना हैं सारी poem सुनी bt मुझे कुछ और भी चाहते था, सुनते सुनते एक दिन मैंने झुमके वाली की poem सुनी । मुझे इतनी अच्छी लगी कि download कर ली। तब मुझे इस लड़की के बारे में सब जाना था। तब मुझे nojoto के बारे में पता चल और मैंने nojoto डाउनलोड कर लिया। ये बात dec.2017 की हैं। तब कई बार मैं कॉलेज जाता हैं मेरे प्रोफेसर उन्मेष मिश्रा सर और राजल मैम ने मुझे हिम्मत दी कुछ नया शुरु करने की महीने भर के बाद हिम्मत कर के जनवरी में मैंने illusion art bnana start किया। एक के बाद एक art बनाता गया। और झुमके वाली की हर बात मेरे खुश रहने की वजह बने लगी थी। उस वक़्त मैंने अपनी खुशी और अपना दर्द लिखा। मेरे हर दर्द पर मरहम का काम सत्यप्रेम सर ने किया। मेरी हर nojoto स्टोर जो मैं फेसबुक पर add करता था तब हमेशा msg कर तारिफ करते थे। और मैं sir को कहता ये सच हैं। खुद को संभाल ही लिया था कि मुझे पता कि मैं जिस पर आँख बंद कर के विश्वास कर रहा था ,जिससे मैं शादी करना चाहता था उसने ही मुझे धोखा दिया। ये बात मुझे पता चली, सब अपनी आँखों से देखा 12 feb.2018 को । दिल करा की अभी इसको मार दूँ, दो चार थप्पड़ लगाऊ। बहुत ज्यादा गुस्सा आया था पर मैंने ख़ुद को संभाला ,उस वहीँ छोड़ दिया ,कुछ नही कहा उसे। जो हुआ वो सब मैंने अपने खास friends को बताई उन्होंने उसे बात की तब भी अपनी गलती ना देख कर, मुझे ग़लत और खुद को सही बनाने लगी और मेरे दोस्तों के सामने मेरे हजार कमियां इस तरह गिनवाए जैसे मैं किसी का खून किया हो,किसी का बलात्कार किया हो। तब दोस्त ने बस एक बात कही मुझे ये की वो तेरे लायक नहीं। मैं खुद को सम्भाल नहीं पा रहा था। 14 feb.2018 को ही मैंने इस बारे में मैंने अपनी राजल mam से बात की जो हिंदी department की h.o.d हैं। उन्होंने मेरा Brain wosh किया। तब याद तो मिट गई पर feeling मुझे बहुत सताती थी। तब मेरी help सत्यप्रेम sir, love भाई और अनुष्का मैम ने की। उसका दिया सब कुछ खत्म कर दिया। पर जनवरी से ही धीरे धीरे मेरे खुश रहने की वजह झुमके वाली बने लगी थी। 15 feb 2018 से लगातार झुमके वाली पर लिखता रहा और साथ illusion art बनाता रहा। march में होली वाले दिन पहले बार मेरी मेरी झुमके वाली से बात हुई।उस दिन मैं बहुत खुश था। अपनी खुशी हर तरह बाँट रहा था। किसी तरह मैं ठीक हुआ। nojoto family का साथ मिला। पर किस्मत कुछ और चाहती था। exam का result आया फिर से re आई। फिर से पेपर निकलवाने हैं, फिर से सब को दिखाया,फिर से paper दुबारा चेक के लिए form fill किया । बस अब result का इंतज़ार हैं। आज भी लड़ रहा हूँ क़िस्मत से, देखना है कब देगी ये क़िस्मत साथ मेरा।"

इत्तु से पैग़ाम मेरी ज़िंदगी के नाम।

#kalakaksh #nosuicide #story #kahani #nojoto #nojotohindi 

जरा सुनये एक पते की बात,कहानी नहीं हकीकत हैं मेरे साथ।
कुछ 2,3 साल पूरी बात हैं, जिंदगी जी रहा था खुलकर मैं।
सभी के दिलों पर राज करता था,सभी अपनों के मुख से तारीफ़े अपनी सुना था।
तब सब को मेरा नाम पता था अजय पर कोई ये नहीं जानता था कि ये वो ही अजय हैं जिसकी हम तारीफ़े करते नहीं थकते।
कॉलेज का आखरी साल था तब घर में था कोई ,जो भगवान को प्यारा हो गया। महीने  तक पता ना था कि जिंदगी कैसे चले रही हैं। किसी तरह ख़ुद को संभाल कर ,हिम्मत  की, ज़िंदगी पहले की तरह जीने लगा।
चर्चे हर तरह होने लगें थे मेरे, ज़िन्दगी अच्छी चल रही थी। कॉलेज का आखरी साल खत्म होने वाला था exam सर पर थे। exam से एक महीने पहले अचानक आँखों में दर्द होने लगा,इतना जो सहन नहीं होता था। जब भी थोड़ी सी रोशनी आँखों पर पड़ती ,पानी गंगा की तरह बहने लगता था।
तब बस मुझे अंधेरे से प्यार हो गया,रोशनी मुझे बहुत सताती।
दवाईयाँ हज़ार खा ली पर इत्तु सा भी आराम नहीं, जब तक दवाई का असर है तब तक ठीक, असर खत्म होती ही फिर पहले जैसा।
ऐसा मेरे साथ दो महीने चलता रहा।
ऐसी बीच मैंने exam भी दिया,तब मुझे होश नहीं ,कुछ पता नहीं की मैं हूँ कहाँ।
Exam देनी जाता थी तब ये भी याद नहीं होता थी कि मैं जा कहाँ रहा हूँ और कहाँ पहुँच गया।
किसी तरह exam दिये, exam के 1 महीने बाद मेरी आँखें ख़ुद ठीक हो गयी,जैसे कुछ हुआ ही ना हो।


जब result आया तो देखा कि मेरा एक paper रहा गया। अब एक साल क्या करूँगा? ना जाने कैसे कैसे सवाल आये। एक दम सब से मिलना छूट गया,सारा दिन घर रहने लगा।

तब मैंने paper rechecking का form fill किया था। क्योंकि मुझे पक्का पता था कि मेरी re नहीं आ सकती।
Paper recheck में clear हो जायेगा। एक एक पल एक एक दिन की तरह गुजर रहा था,मानो ज़िन्दगी रुक गयी।   मैं depression में चल गया। मुझे बस ये था कि घर बंध कर नहीं रहना हैं ,करना हैं कुछ बड़ा। पर कैसे?
तब मुझे choching के बारे में पता चला ,मैंने फिर choching पर जाना शुरू किया। वहाँ भी नाम कमाया,मेरी पहचान मेरी कलाकारी थी। जहाँ भी जाता वही मेरी कलाकारी  सब को भाटी।
Choching पर जाते जाते,re-checking का result आया ,दुबारा पेपर देना होगा। बुरा तो लगा पर ...........................।


मैंने फिर कोशिश की ,अच्छे से पेपर की तैयारी की और  पेपर दिया। पेपर ऐसा किया थी कि कोई फेल ना कर सकें।

Choching मेरी एक साल की पूरी होने वाली थी कि उसे से कुछ समय पहले result आ गया । result फेल।
बर्दाश्त नहीं हुआ,ऐसा कैसे हो सकता हैं मैं shok, प्रोफेसर shok, parents shok. सभी ऐसा हो ही नहीं सकता, मैंने पेपर निकलवाया। एक महीने के बाद पेपर आया तो देखा कि पेपर सारा सारी ठीक हैं ।check करने वाले ने बिना गलती के no. कम दे रहे है इतना ही नही आधे पेपर में no. नहीं दिया।  तब भी मैंने कोशिश करना नहीं छोड़ा, कोशिश करता रहा।

मैंने अपने सभी प्रोफेसरो को दिखाया। सब की अलग अलग बात थी, कुछ ने कहा इसने कुछ नहीं होगा पेपर की दुबारा तैयारी करो, कुछ ने कहा कि कई बार टीचर सारे no. एक में दे देते हैं। इन्हीं सब बातों में 15 दिन निकल गया । किसी ने कोई help नहीं की। 

माने तब फिर से re-check के form fill कर दिया। जब re-checking का result आया तो फिर से re। मैं यूनिवर्सिटी गया पापा के साथ ,कई दिनों तक चक्कर लगते रहे। यूनिवर्सिटी में मैंने अपना paper सभी को दिखाया, पर वहाँ सब की बोलती बंद थी। बड़े से बड़े प्रोफेसर को दिखाया सब ने कहा ये पास हैं आराम से ।
जानबुझ कर फेल कर रखा हैं ।इन दिनों मैं इतना टूट गया कि कई बार मरने की कोशिश की,road पर चलते चलते ना जाने कितने बार ऐसा करना चाहा। 
पर
mind में बस एक बात थी कि अगर मैंने आज ऐसा किया तो मेरे माँ-बाप का क्या होगा।
 मैंने कोर्ट केस करना चाहता तो यूनिवर्सिटी वालो ने फाइल दबा दी कहा अब टाइम ज्यादा हो गया, हमनें पहले का सारा रिकॉर्ड खत्म कर दिया।
ये बात मई 2017  की है। हर तरह हाथ पैर मारने के बाद भी वही खड़ा था जहाँ पहले खड़ा था। 
इस के बाद मैं इतना टूट गया था की एक एक पल- एक एक दिन की तरह जा रहा था,फिर एक एक week की तरह ,फिर एक एक month की तरह।
बस मुझे इतना याद रहता थी कि आज मंगलवार हैं आज शनिवार हैं मुझे मंदिर जाना हैं बस इससे ज्यादा कुछ नहीं।
ऐसी बीच एक लड़की भी आए थी मेरी लाइफ में । जो कहती थी कि मैं तुम से प्यार करती हूँ तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकती हूँ। उस लड़की ने मेरे करिब आकर मुझे इतना पागल कर दिया थी ,ऐसा कर दिया थी कि मुझे ये लगने लगा था कि अब ऐसी से शादी होगी। पर नियति को कुछ और ही मंजूर था।


नवंबर 2017 को मैंने फिर से exam दिया। इस बार मैंने पहले ही सभी प्रोफेसर को बोल दिया था कि ये पेपर अब आप को clear करवाना है। उन्होंने मेरा पूरी मद्दत की।  तब भी मुझे होश नहीं रहता था motivational video हजारों देखी कोई फर्क नहीं पड़ता था। इन्हीं दिनों  के बीच मैंने mom-dad को कई बार बोला कि मुझे अब नही जीना हैं ,मुझे मार दो। गुस्से में ना जाने कितने बार कहा। फ़िर एक दिन मैंने yayah bhoot wala की poem सुनी अच्छी लगी , मुझे उसे बारे में सब जाना हैं सारी poem सुनी bt मुझे कुछ और भी चाहते था, सुनते सुनते एक दिन मैंने झुमके वाली की poem सुनी । मुझे इतनी अच्छी लगी कि download कर ली। तब मुझे इस लड़की के बारे में सब जाना था। तब मुझे nojoto के बारे में पता चल और मैंने nojoto डाउनलोड कर लिया। ये बात dec.2017 की हैं।
तब कई बार मैं कॉलेज जाता हैं मेरे प्रोफेसर उन्मेष मिश्रा सर और राजल मैम ने मुझे हिम्मत दी कुछ नया शुरु करने की महीने भर के बाद हिम्मत कर के जनवरी में मैंने illusion art bnana start किया। एक के बाद एक art बनाता गया।
और झुमके वाली की हर बात मेरे खुश रहने की वजह बने लगी थी।
उस वक़्त मैंने अपनी खुशी और अपना दर्द लिखा। मेरे हर दर्द पर मरहम का काम सत्यप्रेम सर ने किया। मेरी हर  nojoto स्टोर जो मैं फेसबुक पर add करता था तब हमेशा msg कर तारिफ करते थे।
और मैं sir को कहता ये सच हैं।
खुद को संभाल ही लिया था कि मुझे पता कि मैं जिस पर आँख बंद कर के विश्वास कर रहा था ,जिससे मैं शादी करना चाहता था उसने ही मुझे धोखा दिया। ये बात मुझे पता चली, सब अपनी आँखों से देखा 12 feb.2018 को । दिल करा की अभी इसको मार दूँ, दो चार थप्पड़ लगाऊ। बहुत ज्यादा गुस्सा आया था पर मैंने ख़ुद को संभाला ,उस वहीँ छोड़ दिया ,कुछ नही कहा उसे। जो हुआ वो सब मैंने अपने खास friends को बताई उन्होंने उसे बात की तब भी अपनी गलती ना देख कर,
मुझे ग़लत और  खुद को सही बनाने लगी और मेरे दोस्तों के सामने मेरे हजार कमियां इस तरह गिनवाए जैसे मैं किसी का खून किया हो,किसी का बलात्कार किया हो। तब दोस्त ने बस एक बात कही मुझे ये की वो तेरे लायक नहीं। मैं खुद को सम्भाल नहीं पा रहा था। 14 feb.2018 को ही मैंने इस बारे में मैंने अपनी राजल mam से बात की जो हिंदी department की h.o.d हैं। उन्होंने मेरा Brain wosh किया। तब याद तो मिट गई पर feeling मुझे बहुत सताती थी।

तब मेरी help सत्यप्रेम sir, love भाई और अनुष्का मैम ने की।
 उसका दिया सब कुछ खत्म कर दिया। पर जनवरी से ही धीरे धीरे मेरे खुश रहने की वजह झुमके वाली बने लगी थी। 15 feb 2018 से लगातार झुमके वाली पर लिखता रहा और साथ illusion art बनाता रहा। march में होली वाले दिन पहले बार मेरी मेरी झुमके वाली से बात हुई।उस दिन मैं बहुत खुश था। अपनी खुशी हर तरह बाँट रहा था। किसी तरह मैं ठीक हुआ। nojoto family का साथ मिला।  पर किस्मत कुछ और चाहती था। exam का result आया फिर से re आई। फिर से पेपर निकलवाने हैं, फिर से सब को दिखाया,फिर से paper दुबारा चेक के लिए form fill किया । बस अब result का इंतज़ार हैं। 
आज भी लड़ रहा हूँ क़िस्मत से, देखना है कब देगी ये क़िस्मत साथ मेरा।

इत्तु से पैग़ाम मेरी ज़िंदगी के नाम।

#kalakaksh #NoSuicide #story #kahani @Nojoto">#@Nojoto @Nojoto">#@Nojotohindi

जरा सुनये एक पते की बात,कहानी नहीं हकीकत हैं मेरे साथ।
कुछ 2,3 साल पूरी बात हैं, जिंदगी जी रहा था खुलकर मैं।
सभी के दिलों पर राज करता था,सभी अपनों के मुख से तारीफ़े अपनी सुना था।
तब सब को मेरा नाम पता था अजय पर कोई ये नहीं जानता था कि ये वो ही अजय हैं जिसकी हम तारीफ़े करते नहीं थकते।

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"Holi Holi vdhi jandi, thand mithiyee,, ..... Aaja thand mitra Di Vand mithiyee,,...... ............ Vadh Di Hoi thand , Bhaldi ae aag ni,, Ik vari Dhot de tu, Siney lag ni,, thand vich padey, menu thand mithiyee,,... Holi Holi vdhi........ Aaja thand ......... ......... Chardi ae kambni te, ruh kambdi,,, DHot jamjuga jive ni, Barf jamdi,, Kil Vango ho jau, jma jhhand mithiyee,,... Holi Holi vdhi,,..... Aaja thand ........... ................. Haye langh je na sardi, judai banke,,, tu Dhot utte pe ja ni, ni rjai banke,,, tenu ghol ghol pi ja, tu ta khand mithiyee,,.... Holi Holi,..... Aaja thand ,,..... DHot....."

Holi  Holi   vdhi   jandi,
thand  mithiyee,, .....
Aaja  thand   mitra   Di  
Vand   mithiyee,,......
............
Vadh Di   Hoi   thand ,
Bhaldi  ae   aag   ni,,
Ik    vari   Dhot  de  tu,
Siney   lag    ni,,
thand  vich   padey,
menu  thand  mithiyee,,...
Holi  Holi vdhi........
Aaja  thand .........
.........
Chardi   ae  kambni  te,
ruh   kambdi,,,
DHot   jamjuga  jive  ni,
Barf   jamdi,,
Kil   Vango  ho  jau,
jma  jhhand   mithiyee,,...
Holi  Holi vdhi,,.....
Aaja  thand  ...........
.................
Haye  langh  je  na  sardi,
judai   banke,,,
tu  Dhot  utte  pe  ja  ni,
ni   rjai   banke,,,
tenu  ghol  ghol  pi  ja,
tu  ta  khand  mithiyee,,....
Holi  Holi,.....
Aaja  thand ,,.....
        DHot.....

thand .....

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"Thanks and gratitude to Prof Cijo Joseph Chennelil, eminent poet and internationally acclaimed literary critic for his brilliant critical appreciation of my poem'SOMETHING I LOOK AT-44'.Thank you very much sir for your wonderful words Smruti Ranjaniji, Your poem titled"Something I Look at-44"is a poem that is born out of the turbulences faced by the human beings in terms of their lives,the lives we lead here on this earth are filled with ups and downs and ebbs and flows all the way.In this journey of life,we go through many harrowing experiences and we overcome all these nasty experiences using the self-confidence principle inherent within our hearts.The relationship of us with the God Almighty remains always steadfast not because we keep it intact rather he loves us constantly inspite of our sins and shortcomings.The motherly figure in the world works and commits substantially for her son's welfare.Here in the poem,the individual concerned does not harbour any illwill at all at any rate towards anybody rather he/she wishes happiness and satisfaction for one and all.Although there is physical rupture in this relationship,the mental ties are consolidated to the core.Kudos to you for composing such a poem of magnificent nature. Written by Cijo Joseph Chennelil.The Head of the English Department Kristu Jyoti College of Management and Technology Chethipuzha Changanassary Kottayam District Kerala India All Copyrights Reserved@ On 23rd September 2017. SOMETHING I LOOK AT-44 BY-SMRUTI RANJAN MOHANTY So many years of life so many wounds in the heart time has healed some some are still bleeding With a fragile body and feeble heart I am still alive to see you there where I dreamt you to be A son may go wrong a mother can never a mother is a mother for whom nothing but wellbeing of her kids matter With all my wounds I want to live to see your world it's beauty and splendour I may not be there in your world but I will feel it from a distant corner with all my love and tear copyright@smrutiranjan 20.6.2017"

Thanks and gratitude to Prof Cijo Joseph Chennelil, eminent poet and internationally acclaimed literary critic for his brilliant critical appreciation of my poem'SOMETHING I LOOK AT-44'.Thank you very much sir for your wonderful words

Smruti Ranjaniji,

Your poem titled"Something I Look at-44"is a poem that is born out of the turbulences faced by the human beings in terms of their lives,the lives we lead here on this earth are filled with ups and downs and ebbs and flows all the way.In this journey of life,we go through many harrowing experiences and we overcome all these nasty experiences using the self-confidence principle inherent within our hearts.The relationship of us with the God Almighty remains always steadfast not because we keep it intact rather he loves us constantly inspite of our sins and shortcomings.The motherly figure in the world works and commits substantially for her son's welfare.Here in the poem,the individual concerned does not harbour any illwill at all at any rate towards anybody rather he/she wishes happiness and satisfaction for one and all.Although there is physical rupture in this relationship,the mental ties are consolidated to the core.Kudos to you for composing such a poem of magnificent nature.

Written by Cijo Joseph Chennelil.The Head of the English Department Kristu Jyoti College of Management and Technology Chethipuzha Changanassary Kottayam District Kerala India All Copyrights Reserved@ On 23rd September 2017.

SOMETHING I LOOK AT-44
BY-SMRUTI RANJAN MOHANTY

So many years of life
so many wounds in the heart
time has healed some
some are still bleeding

With a fragile body
and feeble heart
I am still alive to see you there
where I dreamt you to be

A son may go wrong
a mother can never
a mother is a mother for whom
nothing but wellbeing of her kids matter

With all my wounds
I want to live
to see your world
it's beauty and splendour

I may not be there in your world
but I will feel it
from a distant corner with
all my love and tear

copyright@smrutiranjan 20.6.2017

#Thanks and gratitude to Prof Cijo Joseph Chennelil, eminent poet and internationally acclaimed literary critic for his brilliant critical appreciation of my poem'SOMETHING I LOOK AT-44'.Thank you very much sir for your wonderful words

Smruti Ranjaniji,

Your poem titled"Something I Look at-44"is a poem that is born out of the turbulences faced by the human beings in terms of their lives,the lives we lead here on this earth are filled with ups and downs and ebbs and flows all the way.In this jo

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