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"इत्तु से पैग़ाम मेरी ज़िंदगी के नाम। #kalakaksh #nosuicide #story #kahani #nojoto #nojotohindi जरा सुनये एक पते की बात,कहानी नहीं हकीकत हैं मेरे साथ। कुछ 2,3 साल पूरी बात हैं, जिंदगी जी रहा था खुलकर मैं। सभी के दिलों पर राज करता था,सभी अपनों के मुख से तारीफ़े अपनी सुना था। तब सब को मेरा नाम पता था अजय पर कोई ये नहीं जानता था कि ये वो ही अजय हैं जिसकी हम तारीफ़े करते नहीं थकते। कॉलेज का आखरी साल था तब घर में था कोई ,जो भगवान को प्यारा हो गया। महीने तक पता ना था कि जिंदगी कैसे चले रही हैं। किसी तरह ख़ुद को संभाल कर ,हिम्मत की, ज़िंदगी पहले की तरह जीने लगा। चर्चे हर तरह होने लगें थे मेरे, ज़िन्दगी अच्छी चल रही थी। कॉलेज का आखरी साल खत्म होने वाला था exam सर पर थे। exam से एक महीने पहले अचानक आँखों में दर्द होने लगा,इतना जो सहन नहीं होता था। जब भी थोड़ी सी रोशनी आँखों पर पड़ती ,पानी गंगा की तरह बहने लगता था। तब बस मुझे अंधेरे से प्यार हो गया,रोशनी मुझे बहुत सताती। दवाईयाँ हज़ार खा ली पर इत्तु सा भी आराम नहीं, जब तक दवाई का असर है तब तक ठीक, असर खत्म होती ही फिर पहले जैसा। ऐसा मेरे साथ दो महीने चलता रहा। ऐसी बीच मैंने exam भी दिया,तब मुझे होश नहीं ,कुछ पता नहीं की मैं हूँ कहाँ। Exam देनी जाता थी तब ये भी याद नहीं होता थी कि मैं जा कहाँ रहा हूँ और कहाँ पहुँच गया। किसी तरह exam दिये, exam के 1 महीने बाद मेरी आँखें ख़ुद ठीक हो गयी,जैसे कुछ हुआ ही ना हो। जब result आया तो देखा कि मेरा एक paper रहा गया। अब एक साल क्या करूँगा? ना जाने कैसे कैसे सवाल आये। एक दम सब से मिलना छूट गया,सारा दिन घर रहने लगा। तब मैंने paper rechecking का form fill किया था। क्योंकि मुझे पक्का पता था कि मेरी re नहीं आ सकती। Paper recheck में clear हो जायेगा। एक एक पल एक एक दिन की तरह गुजर रहा था,मानो ज़िन्दगी रुक गयी। मैं depression में चल गया। मुझे बस ये था कि घर बंध कर नहीं रहना हैं ,करना हैं कुछ बड़ा। पर कैसे? तब मुझे choching के बारे में पता चला ,मैंने फिर choching पर जाना शुरू किया। वहाँ भी नाम कमाया,मेरी पहचान मेरी कलाकारी थी। जहाँ भी जाता वही मेरी कलाकारी सब को भाटी। Choching पर जाते जाते,re-checking का result आया ,दुबारा पेपर देना होगा। बुरा तो लगा पर ...........................। मैंने फिर कोशिश की ,अच्छे से पेपर की तैयारी की और पेपर दिया। पेपर ऐसा किया थी कि कोई फेल ना कर सकें। Choching मेरी एक साल की पूरी होने वाली थी कि उसे से कुछ समय पहले result आ गया । result फेल। बर्दाश्त नहीं हुआ,ऐसा कैसे हो सकता हैं मैं shok, प्रोफेसर shok, parents shok. सभी ऐसा हो ही नहीं सकता, मैंने पेपर निकलवाया। एक महीने के बाद पेपर आया तो देखा कि पेपर सारा सारी ठीक हैं ।check करने वाले ने बिना गलती के no. कम दे रहे है इतना ही नही आधे पेपर में no. नहीं दिया। तब भी मैंने कोशिश करना नहीं छोड़ा, कोशिश करता रहा। मैंने अपने सभी प्रोफेसरो को दिखाया। सब की अलग अलग बात थी, कुछ ने कहा इसने कुछ नहीं होगा पेपर की दुबारा तैयारी करो, कुछ ने कहा कि कई बार टीचर सारे no. एक में दे देते हैं। इन्हीं सब बातों में 15 दिन निकल गया । किसी ने कोई help नहीं की। माने तब फिर से re-check के form fill कर दिया। जब re-checking का result आया तो फिर से re। मैं यूनिवर्सिटी गया पापा के साथ ,कई दिनों तक चक्कर लगते रहे। यूनिवर्सिटी में मैंने अपना paper सभी को दिखाया, पर वहाँ सब की बोलती बंद थी। बड़े से बड़े प्रोफेसर को दिखाया सब ने कहा ये पास हैं आराम से । जानबुझ कर फेल कर रखा हैं ।इन दिनों मैं इतना टूट गया कि कई बार मरने की कोशिश की,road पर चलते चलते ना जाने कितने बार ऐसा करना चाहा। पर mind में बस एक बात थी कि अगर मैंने आज ऐसा किया तो मेरे माँ-बाप का क्या होगा। मैंने कोर्ट केस करना चाहता तो यूनिवर्सिटी वालो ने फाइल दबा दी कहा अब टाइम ज्यादा हो गया, हमनें पहले का सारा रिकॉर्ड खत्म कर दिया। ये बात मई 2017 की है। हर तरह हाथ पैर मारने के बाद भी वही खड़ा था जहाँ पहले खड़ा था। इस के बाद मैं इतना टूट गया था की एक एक पल- एक एक दिन की तरह जा रहा था,फिर एक एक week की तरह ,फिर एक एक month की तरह। बस मुझे इतना याद रहता थी कि आज मंगलवार हैं आज शनिवार हैं मुझे मंदिर जाना हैं बस इससे ज्यादा कुछ नहीं। ऐसी बीच एक लड़की भी आए थी मेरी लाइफ में । जो कहती थी कि मैं तुम से प्यार करती हूँ तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकती हूँ। उस लड़की ने मेरे करिब आकर मुझे इतना पागल कर दिया थी ,ऐसा कर दिया थी कि मुझे ये लगने लगा था कि अब ऐसी से शादी होगी। पर नियति को कुछ और ही मंजूर था। नवंबर 2017 को मैंने फिर से exam दिया। इस बार मैंने पहले ही सभी प्रोफेसर को बोल दिया था कि ये पेपर अब आप को clear करवाना है। उन्होंने मेरा पूरी मद्दत की। तब भी मुझे होश नहीं रहता था motivational video हजारों देखी कोई फर्क नहीं पड़ता था। इन्हीं दिनों के बीच मैंने mom-dad को कई बार बोला कि मुझे अब नही जीना हैं ,मुझे मार दो। गुस्से में ना जाने कितने बार कहा। फ़िर एक दिन मैंने yayah bhoot wala की poem सुनी अच्छी लगी , मुझे उसे बारे में सब जाना हैं सारी poem सुनी bt मुझे कुछ और भी चाहते था, सुनते सुनते एक दिन मैंने झुमके वाली की poem सुनी । मुझे इतनी अच्छी लगी कि download कर ली। तब मुझे इस लड़की के बारे में सब जाना था। तब मुझे nojoto के बारे में पता चल और मैंने nojoto डाउनलोड कर लिया। ये बात dec.2017 की हैं। तब कई बार मैं कॉलेज जाता हैं मेरे प्रोफेसर उन्मेष मिश्रा सर और राजल मैम ने मुझे हिम्मत दी कुछ नया शुरु करने की महीने भर के बाद हिम्मत कर के जनवरी में मैंने illusion art bnana start किया। एक के बाद एक art बनाता गया। और झुमके वाली की हर बात मेरे खुश रहने की वजह बने लगी थी। उस वक़्त मैंने अपनी खुशी और अपना दर्द लिखा। मेरे हर दर्द पर मरहम का काम सत्यप्रेम सर ने किया। मेरी हर nojoto स्टोर जो मैं फेसबुक पर add करता था तब हमेशा msg कर तारिफ करते थे। और मैं sir को कहता ये सच हैं। खुद को संभाल ही लिया था कि मुझे पता कि मैं जिस पर आँख बंद कर के विश्वास कर रहा था ,जिससे मैं शादी करना चाहता था उसने ही मुझे धोखा दिया। ये बात मुझे पता चली, सब अपनी आँखों से देखा 12 feb.2018 को । दिल करा की अभी इसको मार दूँ, दो चार थप्पड़ लगाऊ। बहुत ज्यादा गुस्सा आया था पर मैंने ख़ुद को संभाला ,उस वहीँ छोड़ दिया ,कुछ नही कहा उसे। जो हुआ वो सब मैंने अपने खास friends को बताई उन्होंने उसे बात की तब भी अपनी गलती ना देख कर, मुझे ग़लत और खुद को सही बनाने लगी और मेरे दोस्तों के सामने मेरे हजार कमियां इस तरह गिनवाए जैसे मैं किसी का खून किया हो,किसी का बलात्कार किया हो। तब दोस्त ने बस एक बात कही मुझे ये की वो तेरे लायक नहीं। मैं खुद को सम्भाल नहीं पा रहा था। 14 feb.2018 को ही मैंने इस बारे में मैंने अपनी राजल mam से बात की जो हिंदी department की h.o.d हैं। उन्होंने मेरा Brain wosh किया। तब याद तो मिट गई पर feeling मुझे बहुत सताती थी। तब मेरी help सत्यप्रेम sir, love भाई और अनुष्का मैम ने की। उसका दिया सब कुछ खत्म कर दिया। पर जनवरी से ही धीरे धीरे मेरे खुश रहने की वजह झुमके वाली बने लगी थी। 15 feb 2018 से लगातार झुमके वाली पर लिखता रहा और साथ illusion art बनाता रहा। march में होली वाले दिन पहले बार मेरी मेरी झुमके वाली से बात हुई।उस दिन मैं बहुत खुश था। अपनी खुशी हर तरह बाँट रहा था। किसी तरह मैं ठीक हुआ। nojoto family का साथ मिला। पर किस्मत कुछ और चाहती था। exam का result आया फिर से re आई। फिर से पेपर निकलवाने हैं, फिर से सब को दिखाया,फिर से paper दुबारा चेक के लिए form fill किया । बस अब result का इंतज़ार हैं। आज भी लड़ रहा हूँ क़िस्मत से, देखना है कब देगी ये क़िस्मत साथ मेरा।"

इत्तु से पैग़ाम मेरी ज़िंदगी के नाम।

#kalakaksh #nosuicide #story #kahani #nojoto #nojotohindi 

जरा सुनये एक पते की बात,कहानी नहीं हकीकत हैं मेरे साथ।
कुछ 2,3 साल पूरी बात हैं, जिंदगी जी रहा था खुलकर मैं।
सभी के दिलों पर राज करता था,सभी अपनों के मुख से तारीफ़े अपनी सुना था।
तब सब को मेरा नाम पता था अजय पर कोई ये नहीं जानता था कि ये वो ही अजय हैं जिसकी हम तारीफ़े करते नहीं थकते।
कॉलेज का आखरी साल था तब घर में था कोई ,जो भगवान को प्यारा हो गया। महीने  तक पता ना था कि जिंदगी कैसे चले रही हैं। किसी तरह ख़ुद को संभाल कर ,हिम्मत  की, ज़िंदगी पहले की तरह जीने लगा।
चर्चे हर तरह होने लगें थे मेरे, ज़िन्दगी अच्छी चल रही थी। कॉलेज का आखरी साल खत्म होने वाला था exam सर पर थे। exam से एक महीने पहले अचानक आँखों में दर्द होने लगा,इतना जो सहन नहीं होता था। जब भी थोड़ी सी रोशनी आँखों पर पड़ती ,पानी गंगा की तरह बहने लगता था।
तब बस मुझे अंधेरे से प्यार हो गया,रोशनी मुझे बहुत सताती।
दवाईयाँ हज़ार खा ली पर इत्तु सा भी आराम नहीं, जब तक दवाई का असर है तब तक ठीक, असर खत्म होती ही फिर पहले जैसा।
ऐसा मेरे साथ दो महीने चलता रहा।
ऐसी बीच मैंने exam भी दिया,तब मुझे होश नहीं ,कुछ पता नहीं की मैं हूँ कहाँ।
Exam देनी जाता थी तब ये भी याद नहीं होता थी कि मैं जा कहाँ रहा हूँ और कहाँ पहुँच गया।
किसी तरह exam दिये, exam के 1 महीने बाद मेरी आँखें ख़ुद ठीक हो गयी,जैसे कुछ हुआ ही ना हो।


जब result आया तो देखा कि मेरा एक paper रहा गया। अब एक साल क्या करूँगा? ना जाने कैसे कैसे सवाल आये। एक दम सब से मिलना छूट गया,सारा दिन घर रहने लगा।

तब मैंने paper rechecking का form fill किया था। क्योंकि मुझे पक्का पता था कि मेरी re नहीं आ सकती।
Paper recheck में clear हो जायेगा। एक एक पल एक एक दिन की तरह गुजर रहा था,मानो ज़िन्दगी रुक गयी।   मैं depression में चल गया। मुझे बस ये था कि घर बंध कर नहीं रहना हैं ,करना हैं कुछ बड़ा। पर कैसे?
तब मुझे choching के बारे में पता चला ,मैंने फिर choching पर जाना शुरू किया। वहाँ भी नाम कमाया,मेरी पहचान मेरी कलाकारी थी। जहाँ भी जाता वही मेरी कलाकारी  सब को भाटी।
Choching पर जाते जाते,re-checking का result आया ,दुबारा पेपर देना होगा। बुरा तो लगा पर ...........................।


मैंने फिर कोशिश की ,अच्छे से पेपर की तैयारी की और  पेपर दिया। पेपर ऐसा किया थी कि कोई फेल ना कर सकें।

Choching मेरी एक साल की पूरी होने वाली थी कि उसे से कुछ समय पहले result आ गया । result फेल।
बर्दाश्त नहीं हुआ,ऐसा कैसे हो सकता हैं मैं shok, प्रोफेसर shok, parents shok. सभी ऐसा हो ही नहीं सकता, मैंने पेपर निकलवाया। एक महीने के बाद पेपर आया तो देखा कि पेपर सारा सारी ठीक हैं ।check करने वाले ने बिना गलती के no. कम दे रहे है इतना ही नही आधे पेपर में no. नहीं दिया।  तब भी मैंने कोशिश करना नहीं छोड़ा, कोशिश करता रहा।

मैंने अपने सभी प्रोफेसरो को दिखाया। सब की अलग अलग बात थी, कुछ ने कहा इसने कुछ नहीं होगा पेपर की दुबारा तैयारी करो, कुछ ने कहा कि कई बार टीचर सारे no. एक में दे देते हैं। इन्हीं सब बातों में 15 दिन निकल गया । किसी ने कोई help नहीं की। 

माने तब फिर से re-check के form fill कर दिया। जब re-checking का result आया तो फिर से re। मैं यूनिवर्सिटी गया पापा के साथ ,कई दिनों तक चक्कर लगते रहे। यूनिवर्सिटी में मैंने अपना paper सभी को दिखाया, पर वहाँ सब की बोलती बंद थी। बड़े से बड़े प्रोफेसर को दिखाया सब ने कहा ये पास हैं आराम से ।
जानबुझ कर फेल कर रखा हैं ।इन दिनों मैं इतना टूट गया कि कई बार मरने की कोशिश की,road पर चलते चलते ना जाने कितने बार ऐसा करना चाहा। 
पर
mind में बस एक बात थी कि अगर मैंने आज ऐसा किया तो मेरे माँ-बाप का क्या होगा।
 मैंने कोर्ट केस करना चाहता तो यूनिवर्सिटी वालो ने फाइल दबा दी कहा अब टाइम ज्यादा हो गया, हमनें पहले का सारा रिकॉर्ड खत्म कर दिया।
ये बात मई 2017  की है। हर तरह हाथ पैर मारने के बाद भी वही खड़ा था जहाँ पहले खड़ा था। 
इस के बाद मैं इतना टूट गया था की एक एक पल- एक एक दिन की तरह जा रहा था,फिर एक एक week की तरह ,फिर एक एक month की तरह।
बस मुझे इतना याद रहता थी कि आज मंगलवार हैं आज शनिवार हैं मुझे मंदिर जाना हैं बस इससे ज्यादा कुछ नहीं।
ऐसी बीच एक लड़की भी आए थी मेरी लाइफ में । जो कहती थी कि मैं तुम से प्यार करती हूँ तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकती हूँ। उस लड़की ने मेरे करिब आकर मुझे इतना पागल कर दिया थी ,ऐसा कर दिया थी कि मुझे ये लगने लगा था कि अब ऐसी से शादी होगी। पर नियति को कुछ और ही मंजूर था।


नवंबर 2017 को मैंने फिर से exam दिया। इस बार मैंने पहले ही सभी प्रोफेसर को बोल दिया था कि ये पेपर अब आप को clear करवाना है। उन्होंने मेरा पूरी मद्दत की।  तब भी मुझे होश नहीं रहता था motivational video हजारों देखी कोई फर्क नहीं पड़ता था। इन्हीं दिनों  के बीच मैंने mom-dad को कई बार बोला कि मुझे अब नही जीना हैं ,मुझे मार दो। गुस्से में ना जाने कितने बार कहा। फ़िर एक दिन मैंने yayah bhoot wala की poem सुनी अच्छी लगी , मुझे उसे बारे में सब जाना हैं सारी poem सुनी bt मुझे कुछ और भी चाहते था, सुनते सुनते एक दिन मैंने झुमके वाली की poem सुनी । मुझे इतनी अच्छी लगी कि download कर ली। तब मुझे इस लड़की के बारे में सब जाना था। तब मुझे nojoto के बारे में पता चल और मैंने nojoto डाउनलोड कर लिया। ये बात dec.2017 की हैं।
तब कई बार मैं कॉलेज जाता हैं मेरे प्रोफेसर उन्मेष मिश्रा सर और राजल मैम ने मुझे हिम्मत दी कुछ नया शुरु करने की महीने भर के बाद हिम्मत कर के जनवरी में मैंने illusion art bnana start किया। एक के बाद एक art बनाता गया।
और झुमके वाली की हर बात मेरे खुश रहने की वजह बने लगी थी।
उस वक़्त मैंने अपनी खुशी और अपना दर्द लिखा। मेरे हर दर्द पर मरहम का काम सत्यप्रेम सर ने किया। मेरी हर  nojoto स्टोर जो मैं फेसबुक पर add करता था तब हमेशा msg कर तारिफ करते थे।
और मैं sir को कहता ये सच हैं।
खुद को संभाल ही लिया था कि मुझे पता कि मैं जिस पर आँख बंद कर के विश्वास कर रहा था ,जिससे मैं शादी करना चाहता था उसने ही मुझे धोखा दिया। ये बात मुझे पता चली, सब अपनी आँखों से देखा 12 feb.2018 को । दिल करा की अभी इसको मार दूँ, दो चार थप्पड़ लगाऊ। बहुत ज्यादा गुस्सा आया था पर मैंने ख़ुद को संभाला ,उस वहीँ छोड़ दिया ,कुछ नही कहा उसे। जो हुआ वो सब मैंने अपने खास friends को बताई उन्होंने उसे बात की तब भी अपनी गलती ना देख कर,
मुझे ग़लत और  खुद को सही बनाने लगी और मेरे दोस्तों के सामने मेरे हजार कमियां इस तरह गिनवाए जैसे मैं किसी का खून किया हो,किसी का बलात्कार किया हो। तब दोस्त ने बस एक बात कही मुझे ये की वो तेरे लायक नहीं। मैं खुद को सम्भाल नहीं पा रहा था। 14 feb.2018 को ही मैंने इस बारे में मैंने अपनी राजल mam से बात की जो हिंदी department की h.o.d हैं। उन्होंने मेरा Brain wosh किया। तब याद तो मिट गई पर feeling मुझे बहुत सताती थी।

तब मेरी help सत्यप्रेम sir, love भाई और अनुष्का मैम ने की।
 उसका दिया सब कुछ खत्म कर दिया। पर जनवरी से ही धीरे धीरे मेरे खुश रहने की वजह झुमके वाली बने लगी थी। 15 feb 2018 से लगातार झुमके वाली पर लिखता रहा और साथ illusion art बनाता रहा। march में होली वाले दिन पहले बार मेरी मेरी झुमके वाली से बात हुई।उस दिन मैं बहुत खुश था। अपनी खुशी हर तरह बाँट रहा था। किसी तरह मैं ठीक हुआ। nojoto family का साथ मिला।  पर किस्मत कुछ और चाहती था। exam का result आया फिर से re आई। फिर से पेपर निकलवाने हैं, फिर से सब को दिखाया,फिर से paper दुबारा चेक के लिए form fill किया । बस अब result का इंतज़ार हैं। 
आज भी लड़ रहा हूँ क़िस्मत से, देखना है कब देगी ये क़िस्मत साथ मेरा।

इत्तु से पैग़ाम मेरी ज़िंदगी के नाम।

#kalakaksh #NoSuicide #story #kahani @Nojoto">#@Nojoto @Nojoto">#@Nojotohindi

जरा सुनये एक पते की बात,कहानी नहीं हकीकत हैं मेरे साथ।
कुछ 2,3 साल पूरी बात हैं, जिंदगी जी रहा था खुलकर मैं।
सभी के दिलों पर राज करता था,सभी अपनों के मुख से तारीफ़े अपनी सुना था।
तब सब को मेरा नाम पता था अजय पर कोई ये नहीं जानता था कि ये वो ही अजय हैं जिसकी हम तारीफ़े करते नहीं थकते।
कॉलेज का आखरी साल था तब घर में था कोई ,जो भगवान को प्यारा हो गया। महीने तक पता ना था कि जिंदगी कैसे चले रही हैं। किसी तरह ख़ुद को संभाल कर ,हिम्मत की, ज़िंदगी पहले की तरह जीने लगा।
चर्चे हर तरह होने लगें थे मेरे, ज़िन्दगी अच्छी चल रही थी। कॉलेज का आखरी साल खत्म होने वाला था exam सर पर थे। exam से एक महीने पहले अचानक आँखों में दर्द होने लगा,इतना जो सहन नहीं होता था। जब भी थोड़ी सी रोशनी आँखों पर पड़ती ,पानी गंगा की तरह बहने लगता था।
तब बस मुझे अंधेरे से प्यार हो गया,रोशनी मुझे बहुत सताती।
दवाईयाँ हज़ार खा ली पर इत्तु सा भी आराम नहीं, जब तक दवाई का असर है तब तक ठीक, असर खत्म होती ही फिर पहले जैसा।
ऐसा मेरे साथ दो महीने चलता रहा।
ऐसी बीच मैंने exam भी दिया,तब मुझे होश नहीं ,कुछ पता नहीं की मैं हूँ कहाँ।
Exam देनी जाता थी तब ये भी याद नहीं होता थी कि मैं जा कहाँ रहा हूँ और कहाँ पहुँच गया।
किसी तरह exam दिये, exam के 1 महीने बाद मेरी आँखें ख़ुद ठीक हो गयी,जैसे कुछ हुआ ही ना हो।


जब result आया तो देखा कि मेरा एक paper रहा गया। अब एक साल क्या करूँगा? ना जाने कैसे कैसे सवाल आये। एक दम सब से मिलना छूट गया,सारा दिन घर रहने लगा।

तब मैंने paper rechecking का form fill किया था। क्योंकि मुझे पक्का पता था कि मेरी re नहीं आ सकती।
Paper recheck में clear हो जायेगा। एक एक पल एक एक दिन की तरह गुजर रहा था,मानो ज़िन्दगी रुक गयी। मैं depression में चल गया। मुझे बस ये था कि घर बंध कर नहीं रहना हैं ,करना हैं कुछ बड़ा। पर कैसे?
तब मुझे choching के बारे में पता चला ,मैंने फिर choching पर जाना शुरू किया। वहाँ भी नाम कमाया,मेरी पहचान मेरी कलाकारी थी। जहाँ भी जाता वही मेरी कलाकारी सब को भाटी।
Choching पर जाते जाते,re-checking का result आया ,दुबारा पेपर देना होगा। बुरा तो लगा पर ...........................।


मैंने फिर कोशिश की ,अच्छे से पेपर की तैयारी की और पेपर दिया। पेपर ऐसा किया थी कि कोई फेल ना कर सकें।

Choching मेरी एक साल की पूरी होने वाली थी कि उसे से कुछ समय पहले result आ गया । result फेल।
बर्दाश्त नहीं हुआ,ऐसा कैसे हो सकता हैं मैं shok, प्रोफेसर shok, parents shok. सभी ऐसा हो ही नहीं सकता, मैंने पेपर निकलवाया। एक महीने के बाद पेपर आया तो देखा कि पेपर सारा सारी ठीक हैं ।check करने वाले ने बिना गलती के no. कम दे रहे है इतना ही नही आधे पेपर में no. नहीं दिया। तब भी मैंने कोशिश करना नहीं छोड़ा, कोशिश करता रहा।

मैंने अपने सभी प्रोफेसरो को दिखाया। सब की अलग अलग बात थी, कुछ ने कहा इसने कुछ नहीं होगा पेपर की दुबारा तैयारी करो, कुछ ने कहा कि कई बार टीचर सारे no. एक में दे देते हैं। इन्हीं सब बातों में 15 दिन निकल गया । किसी ने कोई help नहीं की।

माने तब फिर से re-check के form fill कर दिया। जब re-checking का result आया तो फिर से re। मैं यूनिवर्सिटी गया पापा के साथ ,कई दिनों तक चक्कर लगते रहे। यूनिवर्सिटी में मैंने अपना paper सभी को दिखाया, पर वहाँ सब की बोलती बंद थी। बड़े से बड़े प्रोफेसर को दिखाया सब ने कहा ये पास हैं आराम से ।
जानबुझ कर फेल कर रखा हैं ।इन दिनों मैं इतना टूट गया कि कई बार मरने की कोशिश की,road पर चलते चलते ना जाने कितने बार ऐसा करना चाहा।
पर
mind में बस एक बात थी कि अगर मैंने आज ऐसा किया तो मेरे माँ-बाप का क्या होगा।
मैंने कोर्ट केस करना चाहता तो यूनिवर्सिटी वालो ने फाइल दबा दी कहा अब टाइम ज्यादा हो गया, हमनें पहले का सारा रिकॉर्ड खत्म कर दिया।
ये बात मई 2017 की है। हर तरह हाथ पैर मारने के बाद भी वही खड़ा था जहाँ पहले खड़ा था।
इस के बाद मैं इतना टूट गया था की एक एक पल- एक एक दिन की तरह जा रहा था,फिर एक एक week की तरह ,फिर एक एक month की तरह।
बस मुझे इतना याद रहता थी कि आज मंगलवार हैं आज शनिवार हैं मुझे मंदिर जाना हैं बस इससे ज्यादा कुछ नहीं।
ऐसी बीच एक लड़की भी आए थी मेरी लाइफ में । जो कहती थी कि मैं तुम से प्यार करती हूँ तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकती हूँ। उस लड़की ने मेरे करिब आकर मुझे इतना पागल कर दिया थी ,ऐसा कर दिया थी कि मुझे ये लगने लगा था कि अब ऐसी से शादी होगी। पर नियति को कुछ और ही मंजूर था।


नवंबर 2017 को मैंने फिर से exam दिया। इस बार मैंने पहले ही सभी प्रोफेसर को बोल दिया था कि ये पेपर अब आप को clear करवाना है। उन्होंने मेरा पूरी मद्दत की। तब भी मुझे होश नहीं रहता था motivational video हजारों देखी कोई फर्क नहीं पड़ता था। इन्हीं दिनों के बीच मैंने mom-dad को कई बार बोला कि मुझे अब नही जीना हैं ,मुझे मार दो। गुस्से में ना जाने कितने बार कहा। फ़िर एक दिन मैंने yayah bhoot wala की poem सुनी अच्छी लगी , मुझे उसे बारे में सब जाना हैं सारी poem सुनी bt मुझे कुछ और भी चाहते था, सुनते सुनते एक दिन मैंने झुमके वाली की poem सुनी । मुझे इतनी अच्छी लगी कि download कर ली। तब मुझे इस लड़की के बारे में सब जाना था। तब मुझे nojoto के बारे में पता चल और मैंने nojoto डाउनलोड कर लिया। ये बात dec.2017 की हैं।
तब कई बार मैं कॉलेज जाता हैं मेरे प्रोफेसर उन्मेष मिश्रा सर और राजल मैम ने मुझे हिम्मत दी कुछ नया शुरु करने की महीने भर के बाद हिम्मत कर के जनवरी में मैंने illusion art bnana start किया। एक के बाद एक art बनाता गया।
और झुमके वाली की हर बात मेरे खुश रहने की वजह बने लगी थी।
उस वक़्त मैंने अपनी खुशी और अपना दर्द लिखा। मेरे हर दर्द पर मरहम का काम सत्यप्रेम सर ने किया। मेरी हर nojoto स्टोर जो मैं फेसबुक पर add करता था तब हमेशा msg कर तारिफ करते थे।
और मैं sir को कहता ये सच हैं।
खुद को संभाल ही लिया था कि मुझे पता कि मैं जिस पर आँख बंद कर के विश्वास कर रहा था ,जिससे मैं शादी करना चाहता था उसने ही मुझे धोखा दिया। ये बात मुझे पता चली, सब अपनी आँखों से देखा 12 feb.2018 को । दिल करा की अभी इसको मार दूँ, दो चार थप्पड़ लगाऊ। बहुत ज्यादा गुस्सा आया था पर मैंने ख़ुद को संभाला ,उस वहीँ छोड़ दिया ,कुछ नही कहा उसे। जो हुआ वो सब मैंने अपने खास friends को बताई उन्होंने उसे बात की तब भी अपनी गलती ना देख कर,
मुझे ग़लत और खुद को सही बनाने लगी और मेरे दोस्तों के सामने मेरे हजार कमियां इस तरह गिनवाए जैसे मैं किसी का खून किया हो,किसी का बलात्कार किया हो। तब दोस्त ने बस एक बात कही मुझे ये की वो तेरे लायक नहीं। मैं खुद को सम्भाल नहीं पा रहा था। 14 feb.2018 को ही मैंने इस बारे में मैंने अपनी राजल mam से बात की जो हिंदी department की h.o.d हैं। उन्होंने मेरा Brain wosh किया। तब याद तो मिट गई पर feeling मुझे बहुत सताती थी।

तब मेरी help सत्यप्रेम sir, love भाई और अनुष्का मैम ने की।
उसका दिया सब कुछ खत्म कर दिया। पर जनवरी से ही धीरे धीरे मेरे खुश रहने की वजह झुमके वाली बने लगी थी। 15 feb 2018 से लगातार झुमके वाली पर लिखता रहा और साथ illusion art बनाता रहा। march में होली वाले दिन पहले बार मेरी मेरी झुमके वाली से बात हुई।उस दिन मैं बहुत खुश था। अपनी खुशी हर तरह बाँट रहा था। किसी तरह मैं ठीक हुआ। nojoto family का साथ मिला। पर किस्मत कुछ और चाहती था। exam का result आया फिर से re आई। फिर से पेपर निकलवाने हैं, फिर से सब को दिखाया,फिर से paper दुबारा चेक के लिए form fill किया । बस अब result का इंतज़ार हैं।
आज भी लड़ रहा हूँ क़िस्मत से, देखना है कब देगी ये क़िस्मत साथ मेरा।
@Satyaprem @Nojoto @Love Prashar @Dalchand @Anushka Verma

52 Love

"SOMETHING I LOOK AT-100 BY-SMRUTI RANJAN MOHANTY Short of words to explain the man he was, my teacher and father late Raj kishore Mohanty Happy and contented he was. No looking back, no regrets for what he had not done, what he had not accomplished, no wishes except a desire for a calm and peaceful end to his serene and beautiful life. No complaint against life. Nothing against anyone A life surrendered at the feet of his guru, a life lived for his students, for their wellbeing and betterment. He loved his students, loved going miles on his bicycle to see his students smile, to solve their problems, to be with them when they are in need. Never ran after any other identity. A teacher he was, a born teacher that was the only identity he had. For him there was hardly any difference between his own kids and the students he took care. A son had to elevate himself to the level of a student to know what his father actually was. For him veda is mathematics and mathematics is veda life is death in motion and death is life in motion and one can live and enjoy both if one has the will to do so. Till the very end lived life to the full, spreading the messages of his guru, working for the triumph of humanity, inspiring others to live and let live . Enjoyed his death while in sleep, passed to the other side of consciousness with head high and a smile on lips, proving his own saying, one can enjoy death the way one enjoys life if the surrender is complete. ©smrutiranjan 5.9.2018"

SOMETHING I LOOK AT-100
BY-SMRUTI RANJAN MOHANTY

Short of words to explain the man he was,
my teacher and father late Raj kishore Mohanty

Happy and contented he was.
No looking back, no regrets
for what he had not done,
what he had not accomplished,
no wishes except a desire
for a calm and peaceful end
to his serene and beautiful life.

No complaint against life.
Nothing against anyone
A life surrendered at the feet of his guru,
a life lived for his students,
for their wellbeing and betterment.

He loved his students,
loved going miles on his bicycle
to see his students smile, to solve 
their problems, to be with them
when they are in need.

Never ran after any other identity.
A teacher he was, a born teacher 
that was the only identity he had.
For him there was hardly any difference
between his own kids and
the students he took care.
A son had to elevate himself to 
the level of a student to know
what his father actually was.

For him veda is mathematics 
and mathematics is veda
life is death in motion 
and death is life in motion
and one can live and enjoy both
if one has the will to do so.

Till the very end
lived life to the full,
spreading the messages of his guru,
working for the triumph of humanity,
inspiring others to live and let live .
Enjoyed his death while in sleep,
passed to the other side of consciousness 
with head high and a smile on lips,
proving his own saying,
one can enjoy death the way
one enjoys life
if the surrender is complete.
©smrutiranjan 5.9.2018

#something I LOOK AT-100
BY-SMRUTI RANJAN MOHANTY

Short of words to explain the man he was,
my teacher and father late Raj kishore Mohanty

Happy and contented he was.
No looking back, no regrets
for what he had not done,
what he had not accomplished,
no wishes except a desire
for a calm and peaceful end
to his serene and beautiful life.

No complaint against life.
Nothing against anyone
A life surrendered at the feet of his guru,
a life lived for his students,
for their wellbeing and betterment.

He loved his students,
loved going miles on his bicycle
to see his students smile, to solve
their problems, to be with them
when they are in need.

Never ran after any other identity.
A teacher he was, a born teacher
that was the only identity he had.
For him there was hardly any difference
between his own kids and
the students he took care.
A son had to elevate himself to
the level of a student to know
what his father actually was.

For him veda is mathematics
and mathematics is veda
life is death in motion
and death is life in motion
and one can live and enjoy both
if one has the will to do so.

Till the very end
lived life to the full,
spreading the messages of his guru,
working for the triumph of humanity,
inspiring others to live and let live .
Enjoyed his death while in sleep,
passed to the other side of consciousness
with head high and a smile on lips,
proving his own saying,
one can enjoy death the way
one enjoys life
if the surrender is complete.
©smrutiranjan 5.9.2018

2 Love

How can one make Indian TV shows and movies world's best?

Right now, it almost impossible. One can even get rid off the 'almost' from here.
Money is an issue. But then we can do what we did with IPL which made IPL one of richest sporting league in the world.
The problem is with then Indian society.
See, India is basically a modern country based on old world morality and principal and therefore it is limited in lots of ways compared to respective power houses.
Therefore sensor board is a huge problem.
It makes even adult feel like kids.
The reality though is telling a different story as this is an extremely connected world now therefore nothing is restricted anymore like it used to be therefore people get to experience a lot of things from world which earlier wasn't available.
This makes sensor board even more ridiculous in present times.
See, one thing we need to understand as long as certain number of people from past eras are alive, sensor board will never be abolished from India.
So one must look at other ways to make things done.
Foreign online movies and TV show platform can be a good solution here.
As we all know in internet, everything can be available and also Indian laws don't apply on these platforms.
See, we can try to create a system where Indian companies are investing a lot of money into this and directors are having all the freedom to create international standards content without getting restricted by the sensor board.
But problems will be with return.
Let me explain little more deeply-
Let's take an example like game of thrones-
Star World show it in India with a lot of sensoring.
Like that these movies can also be shown in movie theatre with sensoring by sensor board.
Those who want to watch without sensor will have option of watching it in those foreign online platforms where Indian sensor board has no legal authority.
See, end of the days, in the beginning, hype solve most problems. If something like this ever materialize in India, then hype will take care of promoting issues.
Movies can be made in English, and also in all the 8-9 Indian languages just like Bahubali did with very good dubbed version.
If dubbed version isn't going to make movie good then one always have option of very good subtitles.
This will solve lots of problem of return.
As the time progress, people will know how to make this whole process better and therefore better return.
This has also happened with IPL. In the first year, franchises have lost a lot of money.
But now everyone can see the results.
Remember, India's young population is growing each day, and their demands are different from past generations. This is why Bollywood is failed to impress Indian young viewers like it used to even 8-10 years ago.
And then because it is connected to the world platforms.
International movie producing house will also start to invest a lot of money into this project, they already do by the way in some of the Bollywood movies.
One must remember, I mentioned Game of thrones because it is liked by Indian viewers as well as western viewers. So one cannot make project like Lion, Slamdog millionaire or some of those festival movies and expect to be loved by Indians. Things will not change even then.
Indian people will still like big extravaganza like that but unlike Bollywood, it will be well made and with little holes like international projects as sensor board will not come in the way of creativity and money factors will also be supportive. The only difference will be it is from Indian point of view as oppose to foreign.
This is a sure way to even challenge mighty God like Hollywood one day.

5 Love

"लहराती जुल्फें सफेद सूट और OMR शीट के साथ अन्दर की ओर आती वो उस दिन एकदम कमाल लग रहीं थी उन्हे देखते ही........ तेज होती धड़कनें एक रोमैंटिक सी दिल में बजती धुन और सनसनाती हवॉओं के संग एक नया दिल....... प्यार की बस्ती में दस्तक दे रहा था"

लहराती जुल्फें                                   
सफेद सूट                                           
और OMR शीट  के साथ                  
अन्दर की ओर आती वो                    
उस दिन एकदम कमाल लग रहीं थी
उन्हे देखते ही........                           
तेज होती धड़कनें                               
                        एक रोमैंटिक सी दिल में बजती धुन                         
      और सनसनाती हवॉओं  के संग               
एक नया दिल.......                            
        प्यार की बस्ती में दस्तक दे रहा था

हुआ कुछ यूं कि मेरा उस दिन मैथ्स का paper second ka exam tha...
और लगभग सभी स्टूडेन्टस exam हॉल में आ चुके थे और एक invigilator (sir) भी लेकिन अभी 10 min समय बचा था तो अभी exam start nhi hua tha
तभी अचानक एक female invigilator अन्दर आतें दिखी और उसके बाद का जो सीन था उसने मुझे लिखने के लिये मजबूर कर दिया खैर हमेशा लिखने के लिये मेरे दिमाग में exam के समय की आता है और मेरे फिर मेरे exam का तो एकदम......😛😛😛 यूं तो मै चाहती थी उस समय मैं जो देख पा रही थी उसको लफ्जों में उतार दूं पर .....................
फिर क्या exam और अपने दिमाग में आती पंक्तियों को बैलेंस करने की कोशिश में लगी रही और इस तरह 2 घण्टे बीत गये
और फिर बाहर आते ही जब मैनें ये सब उत्सुकता से अपनी दोस्तों से कहने लगी तो मेरी एक दोस्त ने मुझे एक तेज का थप्पड़ लगाया और याद दिलाया कि आज का paper खराब हो चुका है पेपर बहुत कठिन था आज का कुछ होश है तब जाकर में मेरे दिमाग से ये भूत थोड़ा उतरा फिर मैनें सोचा और कहा चलो कोई नही हर तरफ प्रेम की हवायें तो बही और मुझे एक अच्छी पंक्ति मिली और exam हॉल पूरा का पूरा रोमैंटिक हो उठा था हर तरफ मैथ-मैथ नही बल्कि इश्क-इश्क महक रहा था बस फिर क्या paper खराब होने की tension के बावजूद भी मेरी इस हरकत पर सब हंसते हुये बाहर निकली but हॉ ये पहली बार था जब paper खराब होने के बाद मुझे तनिक भी दुख नही हुआ था ।लेकिन exam हॉल में plz कोई poetry मत लिखियेगा 😛
यकीन मानिये जब परिणाम आयेगा exam का तब बहुत अफसोस होगा कि काश ये पेपर भी ध्यान से देती तो...........😶😶😶
#nojoto
#nojotohindi

96 Love

"Would you like to adopt this thirsty way? -------------------------------------------------- - In Europe, the fascinating rhythm is often seen in the towns, coffee boards of towns and restaurants have white boards on the wall. The customers of the restaurants and coffee shops ordering the tea, coffee and food for themselves, the waiters also order a tea, coffee or fruit food for the White Board, the waiter places them in order and extra tea, coffee and food. The "slip" of the white stick on the board. People eat food, tea drinks coffee, and in the end, with the bill, you pay the extra food, tea and coffee money. Foods, coffee and tea slips are for those people who do not have tea, coffee or food, "Afford", these poor people also come in restaurants or coffee shops like a common customer stops near the White Board. They come to the table on the floor and give it to the waiter, and the waiters serve food, tea and coffee with respect to them as common customers, if they are white from the white board. If you do not want to remove the chit then they say in the mouth of the waiter, "Give me the white tea board, coffee or coffee," and the waiters take chit off the white board and give them coffee, tea and food, this hungry poor Thousands of people have to eat food, tea and coffee, 'we can adopt this charming way.'"

Would you like to adopt this thirsty way?
-------------------------------------------------- -
In Europe, the fascinating rhythm is often seen in the towns, coffee boards of towns and restaurants have white boards on the wall. The customers of the restaurants and coffee shops ordering the tea, coffee and food for themselves, the waiters also order a tea, coffee or fruit food for the White Board, the waiter places them in order and extra tea, coffee and food. The "slip" of the white stick on the board. People eat food, tea drinks coffee, and in the end, with the bill, you pay the extra food, tea and coffee money. Foods, coffee and tea slips are for those people who do not have tea, coffee or food, "Afford", these poor people also come in restaurants or coffee shops like a common customer stops near the White Board. They come to the table on the floor and give it to the waiter, and the waiters serve food, tea and coffee with respect to them as common customers, if they are white from the white board. If you do not want to remove the chit then they say in the mouth of the waiter, "Give me the white tea board, coffee or coffee," and the waiters take chit off the white board and give them coffee, tea and food, this hungry poor Thousands of people have to eat food, tea and coffee, 'we can adopt this charming way.'

 

9 Love

"इत्तु से पैग़ाम मेरी ज़िंदगी के नाम। #kalakaksh #nosuicide #story #kahani #nojoto #nojotohindi जरा सुनये एक पते की बात,कहानी नहीं हकीकत हैं मेरे साथ। कुछ 2,3 साल पूरी बात हैं, जिंदगी जी रहा था खुलकर मैं। सभी के दिलों पर राज करता था,सभी अपनों के मुख से तारीफ़े अपनी सुना था। तब सब को मेरा नाम पता था अजय पर कोई ये नहीं जानता था कि ये वो ही अजय हैं जिसकी हम तारीफ़े करते नहीं थकते। कॉलेज का आखरी साल था तब घर में था कोई ,जो भगवान को प्यारा हो गया। महीने तक पता ना था कि जिंदगी कैसे चले रही हैं। किसी तरह ख़ुद को संभाल कर ,हिम्मत की, ज़िंदगी पहले की तरह जीने लगा। चर्चे हर तरह होने लगें थे मेरे, ज़िन्दगी अच्छी चल रही थी। कॉलेज का आखरी साल खत्म होने वाला था exam सर पर थे। exam से एक महीने पहले अचानक आँखों में दर्द होने लगा,इतना जो सहन नहीं होता था। जब भी थोड़ी सी रोशनी आँखों पर पड़ती ,पानी गंगा की तरह बहने लगता था। तब बस मुझे अंधेरे से प्यार हो गया,रोशनी मुझे बहुत सताती। दवाईयाँ हज़ार खा ली पर इत्तु सा भी आराम नहीं, जब तक दवाई का असर है तब तक ठीक, असर खत्म होती ही फिर पहले जैसा। ऐसा मेरे साथ दो महीने चलता रहा। ऐसी बीच मैंने exam भी दिया,तब मुझे होश नहीं ,कुछ पता नहीं की मैं हूँ कहाँ। Exam देनी जाता थी तब ये भी याद नहीं होता थी कि मैं जा कहाँ रहा हूँ और कहाँ पहुँच गया। किसी तरह exam दिये, exam के 1 महीने बाद मेरी आँखें ख़ुद ठीक हो गयी,जैसे कुछ हुआ ही ना हो। जब result आया तो देखा कि मेरा एक paper रहा गया। अब एक साल क्या करूँगा? ना जाने कैसे कैसे सवाल आये। एक दम सब से मिलना छूट गया,सारा दिन घर रहने लगा। तब मैंने paper rechecking का form fill किया था। क्योंकि मुझे पक्का पता था कि मेरी re नहीं आ सकती। Paper recheck में clear हो जायेगा। एक एक पल एक एक दिन की तरह गुजर रहा था,मानो ज़िन्दगी रुक गयी। मैं depression में चल गया। मुझे बस ये था कि घर बंध कर नहीं रहना हैं ,करना हैं कुछ बड़ा। पर कैसे? तब मुझे choching के बारे में पता चला ,मैंने फिर choching पर जाना शुरू किया। वहाँ भी नाम कमाया,मेरी पहचान मेरी कलाकारी थी। जहाँ भी जाता वही मेरी कलाकारी सब को भाटी। Choching पर जाते जाते,re-checking का result आया ,दुबारा पेपर देना होगा। बुरा तो लगा पर ...........................। मैंने फिर कोशिश की ,अच्छे से पेपर की तैयारी की और पेपर दिया। पेपर ऐसा किया थी कि कोई फेल ना कर सकें। Choching मेरी एक साल की पूरी होने वाली थी कि उसे से कुछ समय पहले result आ गया । result फेल। बर्दाश्त नहीं हुआ,ऐसा कैसे हो सकता हैं मैं shok, प्रोफेसर shok, parents shok. सभी ऐसा हो ही नहीं सकता, मैंने पेपर निकलवाया। एक महीने के बाद पेपर आया तो देखा कि पेपर सारा सारी ठीक हैं ।check करने वाले ने बिना गलती के no. कम दे रहे है इतना ही नही आधे पेपर में no. नहीं दिया। तब भी मैंने कोशिश करना नहीं छोड़ा, कोशिश करता रहा। मैंने अपने सभी प्रोफेसरो को दिखाया। सब की अलग अलग बात थी, कुछ ने कहा इसने कुछ नहीं होगा पेपर की दुबारा तैयारी करो, कुछ ने कहा कि कई बार टीचर सारे no. एक में दे देते हैं। इन्हीं सब बातों में 15 दिन निकल गया । किसी ने कोई help नहीं की। माने तब फिर से re-check के form fill कर दिया। जब re-checking का result आया तो फिर से re। मैं यूनिवर्सिटी गया पापा के साथ ,कई दिनों तक चक्कर लगते रहे। यूनिवर्सिटी में मैंने अपना paper सभी को दिखाया, पर वहाँ सब की बोलती बंद थी। बड़े से बड़े प्रोफेसर को दिखाया सब ने कहा ये पास हैं आराम से । जानबुझ कर फेल कर रखा हैं ।इन दिनों मैं इतना टूट गया कि कई बार मरने की कोशिश की,road पर चलते चलते ना जाने कितने बार ऐसा करना चाहा। पर mind में बस एक बात थी कि अगर मैंने आज ऐसा किया तो मेरे माँ-बाप का क्या होगा। मैंने कोर्ट केस करना चाहता तो यूनिवर्सिटी वालो ने फाइल दबा दी कहा अब टाइम ज्यादा हो गया, हमनें पहले का सारा रिकॉर्ड खत्म कर दिया। ये बात मई 2017 की है। हर तरह हाथ पैर मारने के बाद भी वही खड़ा था जहाँ पहले खड़ा था। इस के बाद मैं इतना टूट गया था की एक एक पल- एक एक दिन की तरह जा रहा था,फिर एक एक week की तरह ,फिर एक एक month की तरह। बस मुझे इतना याद रहता थी कि आज मंगलवार हैं आज शनिवार हैं मुझे मंदिर जाना हैं बस इससे ज्यादा कुछ नहीं। ऐसी बीच एक लड़की भी आए थी मेरी लाइफ में । जो कहती थी कि मैं तुम से प्यार करती हूँ तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकती हूँ। उस लड़की ने मेरे करिब आकर मुझे इतना पागल कर दिया थी ,ऐसा कर दिया थी कि मुझे ये लगने लगा था कि अब ऐसी से शादी होगी। पर नियति को कुछ और ही मंजूर था। नवंबर 2017 को मैंने फिर से exam दिया। इस बार मैंने पहले ही सभी प्रोफेसर को बोल दिया था कि ये पेपर अब आप को clear करवाना है। उन्होंने मेरा पूरी मद्दत की। तब भी मुझे होश नहीं रहता था motivational video हजारों देखी कोई फर्क नहीं पड़ता था। इन्हीं दिनों के बीच मैंने mom-dad को कई बार बोला कि मुझे अब नही जीना हैं ,मुझे मार दो। गुस्से में ना जाने कितने बार कहा। फ़िर एक दिन मैंने yayah bhoot wala की poem सुनी अच्छी लगी , मुझे उसे बारे में सब जाना हैं सारी poem सुनी bt मुझे कुछ और भी चाहते था, सुनते सुनते एक दिन मैंने झुमके वाली की poem सुनी । मुझे इतनी अच्छी लगी कि download कर ली। तब मुझे इस लड़की के बारे में सब जाना था। तब मुझे nojoto के बारे में पता चल और मैंने nojoto डाउनलोड कर लिया। ये बात dec.2017 की हैं। तब कई बार मैं कॉलेज जाता हैं मेरे प्रोफेसर उन्मेष मिश्रा सर और राजल मैम ने मुझे हिम्मत दी कुछ नया शुरु करने की महीने भर के बाद हिम्मत कर के जनवरी में मैंने illusion art bnana start किया। एक के बाद एक art बनाता गया। और झुमके वाली की हर बात मेरे खुश रहने की वजह बने लगी थी। उस वक़्त मैंने अपनी खुशी और अपना दर्द लिखा। मेरे हर दर्द पर मरहम का काम सत्यप्रेम सर ने किया। मेरी हर nojoto स्टोर जो मैं फेसबुक पर add करता था तब हमेशा msg कर तारिफ करते थे। और मैं sir को कहता ये सच हैं। खुद को संभाल ही लिया था कि मुझे पता कि मैं जिस पर आँख बंद कर के विश्वास कर रहा था ,जिससे मैं शादी करना चाहता था उसने ही मुझे धोखा दिया। ये बात मुझे पता चली, सब अपनी आँखों से देखा 12 feb.2018 को । दिल करा की अभी इसको मार दूँ, दो चार थप्पड़ लगाऊ। बहुत ज्यादा गुस्सा आया था पर मैंने ख़ुद को संभाला ,उस वहीँ छोड़ दिया ,कुछ नही कहा उसे। जो हुआ वो सब मैंने अपने खास friends को बताई उन्होंने उसे बात की तब भी अपनी गलती ना देख कर, मुझे ग़लत और खुद को सही बनाने लगी और मेरे दोस्तों के सामने मेरे हजार कमियां इस तरह गिनवाए जैसे मैं किसी का खून किया हो,किसी का बलात्कार किया हो। तब दोस्त ने बस एक बात कही मुझे ये की वो तेरे लायक नहीं। मैं खुद को सम्भाल नहीं पा रहा था। 14 feb.2018 को ही मैंने इस बारे में मैंने अपनी राजल mam से बात की जो हिंदी department की h.o.d हैं। उन्होंने मेरा Brain wosh किया। तब याद तो मिट गई पर feeling मुझे बहुत सताती थी। तब मेरी help सत्यप्रेम sir, love भाई और अनुष्का मैम ने की। उसका दिया सब कुछ खत्म कर दिया। पर जनवरी से ही धीरे धीरे मेरे खुश रहने की वजह झुमके वाली बने लगी थी। 15 feb 2018 से लगातार झुमके वाली पर लिखता रहा और साथ illusion art बनाता रहा। march में होली वाले दिन पहले बार मेरी मेरी झुमके वाली से बात हुई।उस दिन मैं बहुत खुश था। अपनी खुशी हर तरह बाँट रहा था। किसी तरह मैं ठीक हुआ। nojoto family का साथ मिला। पर किस्मत कुछ और चाहती था। exam का result आया फिर से re आई। फिर से पेपर निकलवाने हैं, फिर से सब को दिखाया,फिर से paper दुबारा चेक के लिए form fill किया । बस अब result का इंतज़ार हैं। आज भी लड़ रहा हूँ क़िस्मत से, देखना है कब देगी ये क़िस्मत साथ मेरा।"

इत्तु से पैग़ाम मेरी ज़िंदगी के नाम।

#kalakaksh #nosuicide #story #kahani #nojoto #nojotohindi 

जरा सुनये एक पते की बात,कहानी नहीं हकीकत हैं मेरे साथ।
कुछ 2,3 साल पूरी बात हैं, जिंदगी जी रहा था खुलकर मैं।
सभी के दिलों पर राज करता था,सभी अपनों के मुख से तारीफ़े अपनी सुना था।
तब सब को मेरा नाम पता था अजय पर कोई ये नहीं जानता था कि ये वो ही अजय हैं जिसकी हम तारीफ़े करते नहीं थकते।
कॉलेज का आखरी साल था तब घर में था कोई ,जो भगवान को प्यारा हो गया। महीने  तक पता ना था कि जिंदगी कैसे चले रही हैं। किसी तरह ख़ुद को संभाल कर ,हिम्मत  की, ज़िंदगी पहले की तरह जीने लगा।
चर्चे हर तरह होने लगें थे मेरे, ज़िन्दगी अच्छी चल रही थी। कॉलेज का आखरी साल खत्म होने वाला था exam सर पर थे। exam से एक महीने पहले अचानक आँखों में दर्द होने लगा,इतना जो सहन नहीं होता था। जब भी थोड़ी सी रोशनी आँखों पर पड़ती ,पानी गंगा की तरह बहने लगता था।
तब बस मुझे अंधेरे से प्यार हो गया,रोशनी मुझे बहुत सताती।
दवाईयाँ हज़ार खा ली पर इत्तु सा भी आराम नहीं, जब तक दवाई का असर है तब तक ठीक, असर खत्म होती ही फिर पहले जैसा।
ऐसा मेरे साथ दो महीने चलता रहा।
ऐसी बीच मैंने exam भी दिया,तब मुझे होश नहीं ,कुछ पता नहीं की मैं हूँ कहाँ।
Exam देनी जाता थी तब ये भी याद नहीं होता थी कि मैं जा कहाँ रहा हूँ और कहाँ पहुँच गया।
किसी तरह exam दिये, exam के 1 महीने बाद मेरी आँखें ख़ुद ठीक हो गयी,जैसे कुछ हुआ ही ना हो।


जब result आया तो देखा कि मेरा एक paper रहा गया। अब एक साल क्या करूँगा? ना जाने कैसे कैसे सवाल आये। एक दम सब से मिलना छूट गया,सारा दिन घर रहने लगा।

तब मैंने paper rechecking का form fill किया था। क्योंकि मुझे पक्का पता था कि मेरी re नहीं आ सकती।
Paper recheck में clear हो जायेगा। एक एक पल एक एक दिन की तरह गुजर रहा था,मानो ज़िन्दगी रुक गयी।   मैं depression में चल गया। मुझे बस ये था कि घर बंध कर नहीं रहना हैं ,करना हैं कुछ बड़ा। पर कैसे?
तब मुझे choching के बारे में पता चला ,मैंने फिर choching पर जाना शुरू किया। वहाँ भी नाम कमाया,मेरी पहचान मेरी कलाकारी थी। जहाँ भी जाता वही मेरी कलाकारी  सब को भाटी।
Choching पर जाते जाते,re-checking का result आया ,दुबारा पेपर देना होगा। बुरा तो लगा पर ...........................।


मैंने फिर कोशिश की ,अच्छे से पेपर की तैयारी की और  पेपर दिया। पेपर ऐसा किया थी कि कोई फेल ना कर सकें।

Choching मेरी एक साल की पूरी होने वाली थी कि उसे से कुछ समय पहले result आ गया । result फेल।
बर्दाश्त नहीं हुआ,ऐसा कैसे हो सकता हैं मैं shok, प्रोफेसर shok, parents shok. सभी ऐसा हो ही नहीं सकता, मैंने पेपर निकलवाया। एक महीने के बाद पेपर आया तो देखा कि पेपर सारा सारी ठीक हैं ।check करने वाले ने बिना गलती के no. कम दे रहे है इतना ही नही आधे पेपर में no. नहीं दिया।  तब भी मैंने कोशिश करना नहीं छोड़ा, कोशिश करता रहा।

मैंने अपने सभी प्रोफेसरो को दिखाया। सब की अलग अलग बात थी, कुछ ने कहा इसने कुछ नहीं होगा पेपर की दुबारा तैयारी करो, कुछ ने कहा कि कई बार टीचर सारे no. एक में दे देते हैं। इन्हीं सब बातों में 15 दिन निकल गया । किसी ने कोई help नहीं की। 

माने तब फिर से re-check के form fill कर दिया। जब re-checking का result आया तो फिर से re। मैं यूनिवर्सिटी गया पापा के साथ ,कई दिनों तक चक्कर लगते रहे। यूनिवर्सिटी में मैंने अपना paper सभी को दिखाया, पर वहाँ सब की बोलती बंद थी। बड़े से बड़े प्रोफेसर को दिखाया सब ने कहा ये पास हैं आराम से ।
जानबुझ कर फेल कर रखा हैं ।इन दिनों मैं इतना टूट गया कि कई बार मरने की कोशिश की,road पर चलते चलते ना जाने कितने बार ऐसा करना चाहा। 
पर
mind में बस एक बात थी कि अगर मैंने आज ऐसा किया तो मेरे माँ-बाप का क्या होगा।
 मैंने कोर्ट केस करना चाहता तो यूनिवर्सिटी वालो ने फाइल दबा दी कहा अब टाइम ज्यादा हो गया, हमनें पहले का सारा रिकॉर्ड खत्म कर दिया।
ये बात मई 2017  की है। हर तरह हाथ पैर मारने के बाद भी वही खड़ा था जहाँ पहले खड़ा था। 
इस के बाद मैं इतना टूट गया था की एक एक पल- एक एक दिन की तरह जा रहा था,फिर एक एक week की तरह ,फिर एक एक month की तरह।
बस मुझे इतना याद रहता थी कि आज मंगलवार हैं आज शनिवार हैं मुझे मंदिर जाना हैं बस इससे ज्यादा कुछ नहीं।
ऐसी बीच एक लड़की भी आए थी मेरी लाइफ में । जो कहती थी कि मैं तुम से प्यार करती हूँ तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकती हूँ। उस लड़की ने मेरे करिब आकर मुझे इतना पागल कर दिया थी ,ऐसा कर दिया थी कि मुझे ये लगने लगा था कि अब ऐसी से शादी होगी। पर नियति को कुछ और ही मंजूर था।


नवंबर 2017 को मैंने फिर से exam दिया। इस बार मैंने पहले ही सभी प्रोफेसर को बोल दिया था कि ये पेपर अब आप को clear करवाना है। उन्होंने मेरा पूरी मद्दत की।  तब भी मुझे होश नहीं रहता था motivational video हजारों देखी कोई फर्क नहीं पड़ता था। इन्हीं दिनों  के बीच मैंने mom-dad को कई बार बोला कि मुझे अब नही जीना हैं ,मुझे मार दो। गुस्से में ना जाने कितने बार कहा। फ़िर एक दिन मैंने yayah bhoot wala की poem सुनी अच्छी लगी , मुझे उसे बारे में सब जाना हैं सारी poem सुनी bt मुझे कुछ और भी चाहते था, सुनते सुनते एक दिन मैंने झुमके वाली की poem सुनी । मुझे इतनी अच्छी लगी कि download कर ली। तब मुझे इस लड़की के बारे में सब जाना था। तब मुझे nojoto के बारे में पता चल और मैंने nojoto डाउनलोड कर लिया। ये बात dec.2017 की हैं।
तब कई बार मैं कॉलेज जाता हैं मेरे प्रोफेसर उन्मेष मिश्रा सर और राजल मैम ने मुझे हिम्मत दी कुछ नया शुरु करने की महीने भर के बाद हिम्मत कर के जनवरी में मैंने illusion art bnana start किया। एक के बाद एक art बनाता गया।
और झुमके वाली की हर बात मेरे खुश रहने की वजह बने लगी थी।
उस वक़्त मैंने अपनी खुशी और अपना दर्द लिखा। मेरे हर दर्द पर मरहम का काम सत्यप्रेम सर ने किया। मेरी हर  nojoto स्टोर जो मैं फेसबुक पर add करता था तब हमेशा msg कर तारिफ करते थे।
और मैं sir को कहता ये सच हैं।
खुद को संभाल ही लिया था कि मुझे पता कि मैं जिस पर आँख बंद कर के विश्वास कर रहा था ,जिससे मैं शादी करना चाहता था उसने ही मुझे धोखा दिया। ये बात मुझे पता चली, सब अपनी आँखों से देखा 12 feb.2018 को । दिल करा की अभी इसको मार दूँ, दो चार थप्पड़ लगाऊ। बहुत ज्यादा गुस्सा आया था पर मैंने ख़ुद को संभाला ,उस वहीँ छोड़ दिया ,कुछ नही कहा उसे। जो हुआ वो सब मैंने अपने खास friends को बताई उन्होंने उसे बात की तब भी अपनी गलती ना देख कर,
मुझे ग़लत और  खुद को सही बनाने लगी और मेरे दोस्तों के सामने मेरे हजार कमियां इस तरह गिनवाए जैसे मैं किसी का खून किया हो,किसी का बलात्कार किया हो। तब दोस्त ने बस एक बात कही मुझे ये की वो तेरे लायक नहीं। मैं खुद को सम्भाल नहीं पा रहा था। 14 feb.2018 को ही मैंने इस बारे में मैंने अपनी राजल mam से बात की जो हिंदी department की h.o.d हैं। उन्होंने मेरा Brain wosh किया। तब याद तो मिट गई पर feeling मुझे बहुत सताती थी।

तब मेरी help सत्यप्रेम sir, love भाई और अनुष्का मैम ने की।
 उसका दिया सब कुछ खत्म कर दिया। पर जनवरी से ही धीरे धीरे मेरे खुश रहने की वजह झुमके वाली बने लगी थी। 15 feb 2018 से लगातार झुमके वाली पर लिखता रहा और साथ illusion art बनाता रहा। march में होली वाले दिन पहले बार मेरी मेरी झुमके वाली से बात हुई।उस दिन मैं बहुत खुश था। अपनी खुशी हर तरह बाँट रहा था। किसी तरह मैं ठीक हुआ। nojoto family का साथ मिला।  पर किस्मत कुछ और चाहती था। exam का result आया फिर से re आई। फिर से पेपर निकलवाने हैं, फिर से सब को दिखाया,फिर से paper दुबारा चेक के लिए form fill किया । बस अब result का इंतज़ार हैं। 
आज भी लड़ रहा हूँ क़िस्मत से, देखना है कब देगी ये क़िस्मत साथ मेरा।

इत्तु से पैग़ाम मेरी ज़िंदगी के नाम।

#kalakaksh #NoSuicide #story #kahani @Nojoto">#@Nojoto @Nojoto">#@Nojotohindi

जरा सुनये एक पते की बात,कहानी नहीं हकीकत हैं मेरे साथ।
कुछ 2,3 साल पूरी बात हैं, जिंदगी जी रहा था खुलकर मैं।
सभी के दिलों पर राज करता था,सभी अपनों के मुख से तारीफ़े अपनी सुना था।
तब सब को मेरा नाम पता था अजय पर कोई ये नहीं जानता था कि ये वो ही अजय हैं जिसकी हम तारीफ़े करते नहीं थकते।
कॉलेज का आखरी साल था तब घर में था कोई ,जो भगवान को प्यारा हो गया। महीने तक पता ना था कि जिंदगी कैसे चले रही हैं। किसी तरह ख़ुद को संभाल कर ,हिम्मत की, ज़िंदगी पहले की तरह जीने लगा।
चर्चे हर तरह होने लगें थे मेरे, ज़िन्दगी अच्छी चल रही थी। कॉलेज का आखरी साल खत्म होने वाला था exam सर पर थे। exam से एक महीने पहले अचानक आँखों में दर्द होने लगा,इतना जो सहन नहीं होता था। जब भी थोड़ी सी रोशनी आँखों पर पड़ती ,पानी गंगा की तरह बहने लगता था।
तब बस मुझे अंधेरे से प्यार हो गया,रोशनी मुझे बहुत सताती।
दवाईयाँ हज़ार खा ली पर इत्तु सा भी आराम नहीं, जब तक दवाई का असर है तब तक ठीक, असर खत्म होती ही फिर पहले जैसा।
ऐसा मेरे साथ दो महीने चलता रहा।
ऐसी बीच मैंने exam भी दिया,तब मुझे होश नहीं ,कुछ पता नहीं की मैं हूँ कहाँ।
Exam देनी जाता थी तब ये भी याद नहीं होता थी कि मैं जा कहाँ रहा हूँ और कहाँ पहुँच गया।
किसी तरह exam दिये, exam के 1 महीने बाद मेरी आँखें ख़ुद ठीक हो गयी,जैसे कुछ हुआ ही ना हो।


जब result आया तो देखा कि मेरा एक paper रहा गया। अब एक साल क्या करूँगा? ना जाने कैसे कैसे सवाल आये। एक दम सब से मिलना छूट गया,सारा दिन घर रहने लगा।

तब मैंने paper rechecking का form fill किया था। क्योंकि मुझे पक्का पता था कि मेरी re नहीं आ सकती।
Paper recheck में clear हो जायेगा। एक एक पल एक एक दिन की तरह गुजर रहा था,मानो ज़िन्दगी रुक गयी। मैं depression में चल गया। मुझे बस ये था कि घर बंध कर नहीं रहना हैं ,करना हैं कुछ बड़ा। पर कैसे?
तब मुझे choching के बारे में पता चला ,मैंने फिर choching पर जाना शुरू किया। वहाँ भी नाम कमाया,मेरी पहचान मेरी कलाकारी थी। जहाँ भी जाता वही मेरी कलाकारी सब को भाटी।
Choching पर जाते जाते,re-checking का result आया ,दुबारा पेपर देना होगा। बुरा तो लगा पर ...........................।


मैंने फिर कोशिश की ,अच्छे से पेपर की तैयारी की और पेपर दिया। पेपर ऐसा किया थी कि कोई फेल ना कर सकें।

Choching मेरी एक साल की पूरी होने वाली थी कि उसे से कुछ समय पहले result आ गया । result फेल।
बर्दाश्त नहीं हुआ,ऐसा कैसे हो सकता हैं मैं shok, प्रोफेसर shok, parents shok. सभी ऐसा हो ही नहीं सकता, मैंने पेपर निकलवाया। एक महीने के बाद पेपर आया तो देखा कि पेपर सारा सारी ठीक हैं ।check करने वाले ने बिना गलती के no. कम दे रहे है इतना ही नही आधे पेपर में no. नहीं दिया। तब भी मैंने कोशिश करना नहीं छोड़ा, कोशिश करता रहा।

मैंने अपने सभी प्रोफेसरो को दिखाया। सब की अलग अलग बात थी, कुछ ने कहा इसने कुछ नहीं होगा पेपर की दुबारा तैयारी करो, कुछ ने कहा कि कई बार टीचर सारे no. एक में दे देते हैं। इन्हीं सब बातों में 15 दिन निकल गया । किसी ने कोई help नहीं की।

माने तब फिर से re-check के form fill कर दिया। जब re-checking का result आया तो फिर से re। मैं यूनिवर्सिटी गया पापा के साथ ,कई दिनों तक चक्कर लगते रहे। यूनिवर्सिटी में मैंने अपना paper सभी को दिखाया, पर वहाँ सब की बोलती बंद थी। बड़े से बड़े प्रोफेसर को दिखाया सब ने कहा ये पास हैं आराम से ।
जानबुझ कर फेल कर रखा हैं ।इन दिनों मैं इतना टूट गया कि कई बार मरने की कोशिश की,road पर चलते चलते ना जाने कितने बार ऐसा करना चाहा।
पर
mind में बस एक बात थी कि अगर मैंने आज ऐसा किया तो मेरे माँ-बाप का क्या होगा।
मैंने कोर्ट केस करना चाहता तो यूनिवर्सिटी वालो ने फाइल दबा दी कहा अब टाइम ज्यादा हो गया, हमनें पहले का सारा रिकॉर्ड खत्म कर दिया।
ये बात मई 2017 की है। हर तरह हाथ पैर मारने के बाद भी वही खड़ा था जहाँ पहले खड़ा था।
इस के बाद मैं इतना टूट गया था की एक एक पल- एक एक दिन की तरह जा रहा था,फिर एक एक week की तरह ,फिर एक एक month की तरह।
बस मुझे इतना याद रहता थी कि आज मंगलवार हैं आज शनिवार हैं मुझे मंदिर जाना हैं बस इससे ज्यादा कुछ नहीं।
ऐसी बीच एक लड़की भी आए थी मेरी लाइफ में । जो कहती थी कि मैं तुम से प्यार करती हूँ तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकती हूँ। उस लड़की ने मेरे करिब आकर मुझे इतना पागल कर दिया थी ,ऐसा कर दिया थी कि मुझे ये लगने लगा था कि अब ऐसी से शादी होगी। पर नियति को कुछ और ही मंजूर था।


नवंबर 2017 को मैंने फिर से exam दिया। इस बार मैंने पहले ही सभी प्रोफेसर को बोल दिया था कि ये पेपर अब आप को clear करवाना है। उन्होंने मेरा पूरी मद्दत की। तब भी मुझे होश नहीं रहता था motivational video हजारों देखी कोई फर्क नहीं पड़ता था। इन्हीं दिनों के बीच मैंने mom-dad को कई बार बोला कि मुझे अब नही जीना हैं ,मुझे मार दो। गुस्से में ना जाने कितने बार कहा। फ़िर एक दिन मैंने yayah bhoot wala की poem सुनी अच्छी लगी , मुझे उसे बारे में सब जाना हैं सारी poem सुनी bt मुझे कुछ और भी चाहते था, सुनते सुनते एक दिन मैंने झुमके वाली की poem सुनी । मुझे इतनी अच्छी लगी कि download कर ली। तब मुझे इस लड़की के बारे में सब जाना था। तब मुझे nojoto के बारे में पता चल और मैंने nojoto डाउनलोड कर लिया। ये बात dec.2017 की हैं।
तब कई बार मैं कॉलेज जाता हैं मेरे प्रोफेसर उन्मेष मिश्रा सर और राजल मैम ने मुझे हिम्मत दी कुछ नया शुरु करने की महीने भर के बाद हिम्मत कर के जनवरी में मैंने illusion art bnana start किया। एक के बाद एक art बनाता गया।
और झुमके वाली की हर बात मेरे खुश रहने की वजह बने लगी थी।
उस वक़्त मैंने अपनी खुशी और अपना दर्द लिखा। मेरे हर दर्द पर मरहम का काम सत्यप्रेम सर ने किया। मेरी हर nojoto स्टोर जो मैं फेसबुक पर add करता था तब हमेशा msg कर तारिफ करते थे।
और मैं sir को कहता ये सच हैं।
खुद को संभाल ही लिया था कि मुझे पता कि मैं जिस पर आँख बंद कर के विश्वास कर रहा था ,जिससे मैं शादी करना चाहता था उसने ही मुझे धोखा दिया। ये बात मुझे पता चली, सब अपनी आँखों से देखा 12 feb.2018 को । दिल करा की अभी इसको मार दूँ, दो चार थप्पड़ लगाऊ। बहुत ज्यादा गुस्सा आया था पर मैंने ख़ुद को संभाला ,उस वहीँ छोड़ दिया ,कुछ नही कहा उसे। जो हुआ वो सब मैंने अपने खास friends को बताई उन्होंने उसे बात की तब भी अपनी गलती ना देख कर,
मुझे ग़लत और खुद को सही बनाने लगी और मेरे दोस्तों के सामने मेरे हजार कमियां इस तरह गिनवाए जैसे मैं किसी का खून किया हो,किसी का बलात्कार किया हो। तब दोस्त ने बस एक बात कही मुझे ये की वो तेरे लायक नहीं। मैं खुद को सम्भाल नहीं पा रहा था। 14 feb.2018 को ही मैंने इस बारे में मैंने अपनी राजल mam से बात की जो हिंदी department की h.o.d हैं। उन्होंने मेरा Brain wosh किया। तब याद तो मिट गई पर feeling मुझे बहुत सताती थी।

तब मेरी help सत्यप्रेम sir, love भाई और अनुष्का मैम ने की।
उसका दिया सब कुछ खत्म कर दिया। पर जनवरी से ही धीरे धीरे मेरे खुश रहने की वजह झुमके वाली बने लगी थी। 15 feb 2018 से लगातार झुमके वाली पर लिखता रहा और साथ illusion art बनाता रहा। march में होली वाले दिन पहले बार मेरी मेरी झुमके वाली से बात हुई।उस दिन मैं बहुत खुश था। अपनी खुशी हर तरह बाँट रहा था। किसी तरह मैं ठीक हुआ। nojoto family का साथ मिला। पर किस्मत कुछ और चाहती था। exam का result आया फिर से re आई। फिर से पेपर निकलवाने हैं, फिर से सब को दिखाया,फिर से paper दुबारा चेक के लिए form fill किया । बस अब result का इंतज़ार हैं।
आज भी लड़ रहा हूँ क़िस्मत से, देखना है कब देगी ये क़िस्मत साथ मेरा।
@Satyaprem @Nojoto @Love Prashar @Dalchand @Anushka Verma

52 Love

"SOMETHING I LOOK AT-100 BY-SMRUTI RANJAN MOHANTY Short of words to explain the man he was, my teacher and father late Raj kishore Mohanty Happy and contented he was. No looking back, no regrets for what he had not done, what he had not accomplished, no wishes except a desire for a calm and peaceful end to his serene and beautiful life. No complaint against life. Nothing against anyone A life surrendered at the feet of his guru, a life lived for his students, for their wellbeing and betterment. He loved his students, loved going miles on his bicycle to see his students smile, to solve their problems, to be with them when they are in need. Never ran after any other identity. A teacher he was, a born teacher that was the only identity he had. For him there was hardly any difference between his own kids and the students he took care. A son had to elevate himself to the level of a student to know what his father actually was. For him veda is mathematics and mathematics is veda life is death in motion and death is life in motion and one can live and enjoy both if one has the will to do so. Till the very end lived life to the full, spreading the messages of his guru, working for the triumph of humanity, inspiring others to live and let live . Enjoyed his death while in sleep, passed to the other side of consciousness with head high and a smile on lips, proving his own saying, one can enjoy death the way one enjoys life if the surrender is complete. ©smrutiranjan 5.9.2018"

SOMETHING I LOOK AT-100
BY-SMRUTI RANJAN MOHANTY

Short of words to explain the man he was,
my teacher and father late Raj kishore Mohanty

Happy and contented he was.
No looking back, no regrets
for what he had not done,
what he had not accomplished,
no wishes except a desire
for a calm and peaceful end
to his serene and beautiful life.

No complaint against life.
Nothing against anyone
A life surrendered at the feet of his guru,
a life lived for his students,
for their wellbeing and betterment.

He loved his students,
loved going miles on his bicycle
to see his students smile, to solve 
their problems, to be with them
when they are in need.

Never ran after any other identity.
A teacher he was, a born teacher 
that was the only identity he had.
For him there was hardly any difference
between his own kids and
the students he took care.
A son had to elevate himself to 
the level of a student to know
what his father actually was.

For him veda is mathematics 
and mathematics is veda
life is death in motion 
and death is life in motion
and one can live and enjoy both
if one has the will to do so.

Till the very end
lived life to the full,
spreading the messages of his guru,
working for the triumph of humanity,
inspiring others to live and let live .
Enjoyed his death while in sleep,
passed to the other side of consciousness 
with head high and a smile on lips,
proving his own saying,
one can enjoy death the way
one enjoys life
if the surrender is complete.
©smrutiranjan 5.9.2018

#something I LOOK AT-100
BY-SMRUTI RANJAN MOHANTY

Short of words to explain the man he was,
my teacher and father late Raj kishore Mohanty

Happy and contented he was.
No looking back, no regrets
for what he had not done,
what he had not accomplished,
no wishes except a desire
for a calm and peaceful end
to his serene and beautiful life.

No complaint against life.
Nothing against anyone
A life surrendered at the feet of his guru,
a life lived for his students,
for their wellbeing and betterment.

He loved his students,
loved going miles on his bicycle
to see his students smile, to solve
their problems, to be with them
when they are in need.

Never ran after any other identity.
A teacher he was, a born teacher
that was the only identity he had.
For him there was hardly any difference
between his own kids and
the students he took care.
A son had to elevate himself to
the level of a student to know
what his father actually was.

For him veda is mathematics
and mathematics is veda
life is death in motion
and death is life in motion
and one can live and enjoy both
if one has the will to do so.

Till the very end
lived life to the full,
spreading the messages of his guru,
working for the triumph of humanity,
inspiring others to live and let live .
Enjoyed his death while in sleep,
passed to the other side of consciousness
with head high and a smile on lips,
proving his own saying,
one can enjoy death the way
one enjoys life
if the surrender is complete.
©smrutiranjan 5.9.2018

2 Love

How can one make Indian TV shows and movies world's best?

Right now, it almost impossible. One can even get rid off the 'almost' from here.
Money is an issue. But then we can do what we did with IPL which made IPL one of richest sporting league in the world.
The problem is with then Indian society.
See, India is basically a modern country based on old world morality and principal and therefore it is limited in lots of ways compared to respective power houses.
Therefore sensor board is a huge problem.
It makes even adult feel like kids.
The reality though is telling a different story as this is an extremely connected world now therefore nothing is restricted anymore like it used to be therefore people get to experience a lot of things from world which earlier wasn't available.
This makes sensor board even more ridiculous in present times.
See, one thing we need to understand as long as certain number of people from past eras are alive, sensor board will never be abolished from India.
So one must look at other ways to make things done.
Foreign online movies and TV show platform can be a good solution here.
As we all know in internet, everything can be available and also Indian laws don't apply on these platforms.
See, we can try to create a system where Indian companies are investing a lot of money into this and directors are having all the freedom to create international standards content without getting restricted by the sensor board.
But problems will be with return.
Let me explain little more deeply-
Let's take an example like game of thrones-
Star World show it in India with a lot of sensoring.
Like that these movies can also be shown in movie theatre with sensoring by sensor board.
Those who want to watch without sensor will have option of watching it in those foreign online platforms where Indian sensor board has no legal authority.
See, end of the days, in the beginning, hype solve most problems. If something like this ever materialize in India, then hype will take care of promoting issues.
Movies can be made in English, and also in all the 8-9 Indian languages just like Bahubali did with very good dubbed version.
If dubbed version isn't going to make movie good then one always have option of very good subtitles.
This will solve lots of problem of return.
As the time progress, people will know how to make this whole process better and therefore better return.
This has also happened with IPL. In the first year, franchises have lost a lot of money.
But now everyone can see the results.
Remember, India's young population is growing each day, and their demands are different from past generations. This is why Bollywood is failed to impress Indian young viewers like it used to even 8-10 years ago.
And then because it is connected to the world platforms.
International movie producing house will also start to invest a lot of money into this project, they already do by the way in some of the Bollywood movies.
One must remember, I mentioned Game of thrones because it is liked by Indian viewers as well as western viewers. So one cannot make project like Lion, Slamdog millionaire or some of those festival movies and expect to be loved by Indians. Things will not change even then.
Indian people will still like big extravaganza like that but unlike Bollywood, it will be well made and with little holes like international projects as sensor board will not come in the way of creativity and money factors will also be supportive. The only difference will be it is from Indian point of view as oppose to foreign.
This is a sure way to even challenge mighty God like Hollywood one day.

5 Love

"लहराती जुल्फें सफेद सूट और OMR शीट के साथ अन्दर की ओर आती वो उस दिन एकदम कमाल लग रहीं थी उन्हे देखते ही........ तेज होती धड़कनें एक रोमैंटिक सी दिल में बजती धुन और सनसनाती हवॉओं के संग एक नया दिल....... प्यार की बस्ती में दस्तक दे रहा था"

लहराती जुल्फें                                   
सफेद सूट                                           
और OMR शीट  के साथ                  
अन्दर की ओर आती वो                    
उस दिन एकदम कमाल लग रहीं थी
उन्हे देखते ही........                           
तेज होती धड़कनें                               
                        एक रोमैंटिक सी दिल में बजती धुन                         
      और सनसनाती हवॉओं  के संग               
एक नया दिल.......                            
        प्यार की बस्ती में दस्तक दे रहा था

हुआ कुछ यूं कि मेरा उस दिन मैथ्स का paper second ka exam tha...
और लगभग सभी स्टूडेन्टस exam हॉल में आ चुके थे और एक invigilator (sir) भी लेकिन अभी 10 min समय बचा था तो अभी exam start nhi hua tha
तभी अचानक एक female invigilator अन्दर आतें दिखी और उसके बाद का जो सीन था उसने मुझे लिखने के लिये मजबूर कर दिया खैर हमेशा लिखने के लिये मेरे दिमाग में exam के समय की आता है और मेरे फिर मेरे exam का तो एकदम......😛😛😛 यूं तो मै चाहती थी उस समय मैं जो देख पा रही थी उसको लफ्जों में उतार दूं पर .....................
फिर क्या exam और अपने दिमाग में आती पंक्तियों को बैलेंस करने की कोशिश में लगी रही और इस तरह 2 घण्टे बीत गये
और फिर बाहर आते ही जब मैनें ये सब उत्सुकता से अपनी दोस्तों से कहने लगी तो मेरी एक दोस्त ने मुझे एक तेज का थप्पड़ लगाया और याद दिलाया कि आज का paper खराब हो चुका है पेपर बहुत कठिन था आज का कुछ होश है तब जाकर में मेरे दिमाग से ये भूत थोड़ा उतरा फिर मैनें सोचा और कहा चलो कोई नही हर तरफ प्रेम की हवायें तो बही और मुझे एक अच्छी पंक्ति मिली और exam हॉल पूरा का पूरा रोमैंटिक हो उठा था हर तरफ मैथ-मैथ नही बल्कि इश्क-इश्क महक रहा था बस फिर क्या paper खराब होने की tension के बावजूद भी मेरी इस हरकत पर सब हंसते हुये बाहर निकली but हॉ ये पहली बार था जब paper खराब होने के बाद मुझे तनिक भी दुख नही हुआ था ।लेकिन exam हॉल में plz कोई poetry मत लिखियेगा 😛
यकीन मानिये जब परिणाम आयेगा exam का तब बहुत अफसोस होगा कि काश ये पेपर भी ध्यान से देती तो...........😶😶😶
#nojoto
#nojotohindi

96 Love

"Would you like to adopt this thirsty way? -------------------------------------------------- - In Europe, the fascinating rhythm is often seen in the towns, coffee boards of towns and restaurants have white boards on the wall. The customers of the restaurants and coffee shops ordering the tea, coffee and food for themselves, the waiters also order a tea, coffee or fruit food for the White Board, the waiter places them in order and extra tea, coffee and food. The "slip" of the white stick on the board. People eat food, tea drinks coffee, and in the end, with the bill, you pay the extra food, tea and coffee money. Foods, coffee and tea slips are for those people who do not have tea, coffee or food, "Afford", these poor people also come in restaurants or coffee shops like a common customer stops near the White Board. They come to the table on the floor and give it to the waiter, and the waiters serve food, tea and coffee with respect to them as common customers, if they are white from the white board. If you do not want to remove the chit then they say in the mouth of the waiter, "Give me the white tea board, coffee or coffee," and the waiters take chit off the white board and give them coffee, tea and food, this hungry poor Thousands of people have to eat food, tea and coffee, 'we can adopt this charming way.'"

Would you like to adopt this thirsty way?
-------------------------------------------------- -
In Europe, the fascinating rhythm is often seen in the towns, coffee boards of towns and restaurants have white boards on the wall. The customers of the restaurants and coffee shops ordering the tea, coffee and food for themselves, the waiters also order a tea, coffee or fruit food for the White Board, the waiter places them in order and extra tea, coffee and food. The "slip" of the white stick on the board. People eat food, tea drinks coffee, and in the end, with the bill, you pay the extra food, tea and coffee money. Foods, coffee and tea slips are for those people who do not have tea, coffee or food, "Afford", these poor people also come in restaurants or coffee shops like a common customer stops near the White Board. They come to the table on the floor and give it to the waiter, and the waiters serve food, tea and coffee with respect to them as common customers, if they are white from the white board. If you do not want to remove the chit then they say in the mouth of the waiter, "Give me the white tea board, coffee or coffee," and the waiters take chit off the white board and give them coffee, tea and food, this hungry poor Thousands of people have to eat food, tea and coffee, 'we can adopt this charming way.'

 

9 Love