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#fundaoflife #lifequote #philosophy #thought #YoursBuddy

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"पथरीले रास्ते पर मुकाम हासिल किया मैने तुम साथ थी हौसले उफान पर थे तूफानों को धता देकर हम आगे बढते रहे पग जब भी डगमगाते जज्बात जहां टकराते साथ तुम्हारा पाकर हम निराश कभी हुए नहीं मंजिल का इंतजार हमें नहीं मंजिल खुद हमें तलाशती रही"

पथरीले रास्ते पर मुकाम हासिल किया मैने
तुम साथ थी
हौसले उफान पर थे
तूफानों को धता देकर
हम आगे बढते रहे
पग जब भी डगमगाते
जज्बात जहां टकराते
साथ तुम्हारा पाकर
हम निराश कभी हुए नहीं
मंजिल का इंतजार हमें नहीं
मंजिल खुद हमें तलाशती रही

#hindi_poetry #Life #philosophy #goldeneyes #Lifephilosophy #Inspiration#love_poetry

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"life is a book and you is a pen , you design your book with your efforts and create history, future and opportunity. colourful ink fills the colour in your life and each page becames the sweet memory, when book ends the life chapter close..."

life is a book and you is a pen , you design your book with your efforts and create history,  future and opportunity. colourful ink fills the colour in your life and each page becames the sweet memory, when book ends the life chapter close...

#LifeStory#Inspiration #Love#Motivation#Inspiration #Book#pen#you#mylife#philosophy #Politics

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#philosophy #thought #lifequote #YoursBuddy

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"मार्क्स वाद के अनुसार धर्म चरस के सामान है तो मार्क्स वादियों ने धर्म छोड़ दिया ये साधो! जरा ई बताओ ई  लोग चरस क्यों नई छोडता? सुनो साधो:                     मार्क्स ने धर्म और चरस दोनों का स्वाद चखा तो उसे रियलाइज हुवा की जो ई धरम है ना अलग-अलग लोगो के लिए अलग-अलग बाते करता है और चरस का मजे कुछ आऊर है| ई दो पाटन के बीच के हिस्से को भरता है| इसमें ना कोई शोषित और ना कोई शोषक रहता है मने सर्वहारा भी अपने को शासक ही मनाता है|  "

मार्क्स वाद के अनुसार धर्म चरस के सामान है 
तो मार्क्स वादियों ने धर्म छोड़ दिया 
ये साधो! जरा ई बताओ ई  लोग चरस क्यों नई छोडता? 
सुनो साधो:
                    मार्क्स ने धर्म और चरस दोनों का स्वाद चखा 
तो उसे रियलाइज हुवा की जो ई धरम है ना अलग-अलग लोगो के लिए अलग-अलग बाते करता है और चरस का मजे कुछ आऊर है| ई दो पाटन के बीच के हिस्से को भरता है|
इसमें ना कोई शोषित और ना कोई शोषक रहता है मने सर्वहारा भी अपने को शासक ही मनाता है|
 

#philosophy

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