Nojoto: Largest Storytelling Platform

वो ज़माना गुज़र गया कब का था जो दीवाना मर गया



वो ज़माना गुज़र गया कब का 

था जो दीवाना मर गया कब का 

ढूँढता था जो इक नई दुनिया 

लूट के अपने घर गया कब का 

वो जो लाया था हम को दरिया तक 

पार अकेले उतर गया कब का 

उस का जो हाल है वही जाने 

अपना तो ज़ख़्म भर गया कब का 

ख़्वाब-दर-ख़्वाब था जो शीराज़ा 

अब कहाँ है बिखर गया कब का


Written by-Javed Akhtar

©Raah-e-fakira
  Woh jamana Gujar Gaya kabka.Its a beautiful poetry written by Javed Sahaab#galiyaan #javedakhtar #jaunelia #tehzeebhafi #raahefakira #Lehaaz #jaani #sad_feeling #SadStorytelling #sadShayari

Woh jamana Gujar Gaya kabka.Its a beautiful poetry written by Javed Sahaabgaliyaan #javedakhtar #jaunelia #tehzeebhafi #raahefakira #Lehaaz #jaani #sad_feeling #SadStorytelling #sadShayari #शायरी

87 Views